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जीवन शैलीCovid-19 : ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोरोना के नए स्ट्रेन पर कारगर

एजेंसी,लंदनPublished By: Manju Mamgain
Mon, 08 Feb 2021 11:07 AM
Covid-19 : ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोरोना के नए स्ट्रेन पर कारगर

ब्रिटेन में 15 फीसदी आबादी को कोरोना का पहला टीका लग गया है, लेकिन यहां संक्रमण की दर अभी भी ज्यादा है। इस बीच कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एस्ट्राजेनेका के टीके को ईजाद करने वाले वैज्ञानिकों ने अध्ययन करने के बाद बड़ा दावा किया है।

दावा है कि ये टीका ब्रिटेन में पता चले कोविड-19 के नए स्वरूप के खिलाफ भी काम कर सकता है। फाइजर और मॉडर्ना समेत अन्य टीका विनिर्माताओं द्वारा पूर्व में पाए गए परिणामों के यह समान है।

एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन विकसित करने वाले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विज्ञानी एंड्र्यू पोलार्ड ने कहा है कि वैक्सीन ब्रिटेन में पिछले साल के आखिर में पाए गए कोरोना वायरस के नए स्वरूप (स्ट्रेन) के खिलाफ प्रभावी पाई गई है।

फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन को लेकर ही इसी तरह की रिपोर्ट आ चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से ग्रसित मरीजों में यह वैक्सीन वायरस की मात्रा भी कम करती है। इससे वायरस के प्रसार की गति कम हो सकती है।

वैक्सीन कोरोना के दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट पर कम प्रभावी
ब्रिटिश दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कहा है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर तैयार की गई वैक्सीन दक्षिण अफ्रीका में मिले वायरस के नए वेरिएंट के चलते होने वाले हल्कों लक्षणों पर ही प्रभावी है। हल्के लक्षण वाले मरीजों को वैक्सीन से केवल सीमित सुरक्षा प्रदान होती है।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के यूनिवर्सिटी ऑफ विटवाटरसैंड और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन से पता चला कि वैक्सीन दक्षिण अफ्रीका के वेरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी रही है।

एस्ट्राजेनेका के प्रवक्ता ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, छोटे फेज 1/2 ट्रायल से मिले शुरुआती डाटा में देखा गया है कि वैक्सीन बी.1.351 दक्षिण अफ्रीकी वेरिएंट के हल्के लक्षण पर सीमित रूप से प्रभावी रही है। उन्होंने कहा, हालांकि, हम गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के खिलाफ इसके प्रभाव का ठीक से पता नहीं लगा पाए हैं, क्योंकि परीक्षण में मुख्य रूप से युवा स्वस्थ वयस्कों को शामिल किया गया था।

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