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29 जुलाई, 2020|12:00|IST

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एसी ट्रेन में संक्रमण के खतरे से बचाएगी ताजा हवा, जानें कैसे

ac train

रेलवे की वातानुकूलित ट्रेनों की बोगियों में अब ऑपरेशन थिएटर की तरह ताजा हवा मिलेगी, जिससे संक्रमण के फैलने के खतरे को कम किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे द्वारा राजधानी के मार्गों पर 12 मई से चलाई जा रही आने-जाने वाली 15 एसी ट्रेनों में यह प्रयोग शुरू किया गया है। यह कोरोना के बाद के हालात में ट्रेनों के संचालन की रेलवे की तैयारियों का हिस्सा है।

यह बदलाव किया-
अधिकारियों का कहना है कि रेलवे की वातानुकूलित बोगियों में लगे रूफ माउंटेड एसी पैकेज (आरएमपीयू) अब प्रतिघंटे 16 से 18 बार से ज्यादा हवा को बदलते हैं। जैसा कि ऑपरेशन थियेटर में होता है। उनके मुताबिक, ताजा हवा का इस्तेमाल करने से बोगी को ठंडा होने में थोड़ा ज्यादा वक्त लगता है। ऐसे में कई बार हवा बदलने से ऊर्जा की खपत भी 10 से 15 प्रतिशत तक अतिरिक्त होती है।

पहले क्या होता था-
पहले इन वातानुकूलित ट्रेनों में प्रति घंटे छह से आठ बार हवा बदलती थी और डिब्बे में छोड़ी जाने वाली 80 प्रतिशत हवा पुन: परिचालित होती थी ताकि बोगी जल्दी ठंडी हो सके। सिर्फ 20 प्रतिशत ही ताजी हवा मिलती थी।  अधिकारियों ने बताया कि  रेलवे ने सेंट्रलाइज्ड एसी का तापमान भी सामान्य 23 डिग्री सेल्सियस से बढ़कार 25 डिग्री सेल्सियस कर दिया है क्योंकि अब यात्रियों को ट्रेन में चादरें उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी।

क्यों किया बदलाव-
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर रेलवे ने कोरोना वायरस के हल्के मामलों के लिए पृथक बोगियों के तौर पर अपनी गैर-एसी बोगियों में सुधार किया है। साथ ही इस बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए विशेष राजधानी ट्रेनों की एसी यूनिटों में भी बदलाव करने के स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों को लागू किया है।

क्या कहते हैं शोध- 
अभी तक चीनी शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में ही वातानुकूलित वायु संचार से लार की छीटों के फैलने का निष्कर्ष निकला है। बाकी अन्य अध्ययनों में एसी के इस्तेमाल से कोरोना वायरस के प्रसार की बात नहीं है।

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  • Web Title:covid-19:know how Fresh air will save you from the risk of coronavirus infection in AC train