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13 अगस्त, 2020|7:36|IST

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Covid-19:क्या वाकई हवा से भी फैल सकता है कोरोना? 239 वैज्ञानिकों ने किया ये दावा

relief  not a single corona patient in latehar

कोरोना से जुड़ी एक नई खबर ने दुनियाभर को हिलाकर रख दिया है। हाल ही में  कोरोना वायरस पर रिसर्च करने वाले हजारों वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोरोना वायरस के छोटे-छोटे कण हवा में मिलकर लोगों की सेहत पर बुरा असर डालकर उन्हें संक्रमित कर सकते हैं। 'न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपने सुझावों में बदलाव करने की अपील की है।

बता दें, विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार इससे पहले अब तक इस बात पर जोर देता रहा है कि कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से ही फैलता है। लेकिन 'न्यूयॉर्क टाइम्स की मानें तो शोधकर्ताओं ने डब्ल्यूएचओ को एक खुला पत्र लिखा है, जिसे वो अगले सप्ताह एक वैज्ञानिक पत्रिका में भी  प्रकाशित करने की योजना बना रहे हैं।

इस पत्र में 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने लोगों को संक्रमित करने की छोटे कणों की भी क्षमता रेखांकित करते हुए  एजेंसी से अपने सुझावों में बदलाव करने की अपील की है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 29 जून को एक अद्यतन रिपोर्ट में कहा था कि वायरस वायुजनित तभी हो सकता है जब चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद 'ऐरोसॉल या 'ड्रोपलेट पांच माइक्रोन से छोटे हैं।

 'न्यूयॉर्क टाइम्स से बात करते हुए डब्ल्यूएचओ संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के तकनीकी नेतृत्व करने वाले डॉक्टर बेनेडेटा एलेग्रेंज़ी का कहना है कि 'खासकर पिछले कुछ महीनों में हमने कई बार कहा है कि कोरोना के कण हवा में मौजूद होना संभव है लेकिन इसके बारे में निश्चित रूप से ठोस या स्पष्ट प्रमाण के साथ कुछ भी नहीं कहा जा सकता है'। 

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  • Web Title:Covid-19: Hundreds of scientists Claims that coronavirus is airborne disease and ask WHO to revise corona recommendations