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22 सितम्बर, 2020|1:31|IST

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स्वयं अपना इलाज करने से कोविड-19 का संकट बढ़ा

singapore coronavirus   reuters file photo

कोविड-19 से संक्रमित होने और सामाजिक बहिष्कार की संभावना के डर से कुछ लोग खुद ही इलाज करने लगते हैं। बीमारी के लक्षण नजर आने पर वे संगी-साथियों की सलाह और दूसरों की डॉक्टरी पर्चे के आधार पर स्वयं ही अपना इलाज करने लगते हैं। वे ऐसा करके डॉक्टरों की चेतावनी की अनदेखी कर रहे हैं। 

मशहूर विषाणु विज्ञानी डॉक्टर अमिताभ नंदी ने कहा कि उन्हें हाल ही में व्हाट्सएप पर एक ऐसा ही डॉक्टरी पर्चा मिला था और इन दिनों सोशल मीडिया पर फैले इस तरह के ज्यादातर पर्चे नकली होते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक कोविड-19 की कोई दवा नहीं आई है और मरीजों का मामलों के आधार पर इलाज किया जा रहा है। 

वहीं, कोलकाता के समीप बारासात के एक निजी संस्थान के एक शिक्षक ने माना कि उसने इस वायरस के लक्षण नजर आने पर जांच नहीं कराई। वह एक मित्र से डॉक्टरी पर्चा लेकर दवाइयां ले आया। करीब पचास वर्ष के इस शिक्षक ने कहा कि मेरे दो पड़ोसियों के संक्रमित पाए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने उनका बहिष्कार किया। 

मैं उस स्थिति से नहीं गुजरना चाहता था। मैंने कोविड-19 संक्रमण से उबरे अपने एक मित्र से कहा कि मुझे गंध और स्वाद का पता नहीं चल पता है, तब उसने मुझे अपना डॉक्टरी पर्चा दिया। मैं स्थानीय दुकान से दवाइयां ले आया। और अब आशा है कि कुछ दिनों में मैं ठीक हो जाऊंगा। 

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  • Web Title:covid-19 crisis increased due to self treatment