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19 सितम्बर, 2020|11:03|IST

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कोरोनाकाल में दिल टूटने का जोखिम कम,लोगों के ऑनलाइन मिल रहे मन

the love of both of them playing online games girlfriend reached the village by searching with photo

क्या आप डेटिंग ऐप के इस्तेमाल से इसलिए हिचकिचाते हैं कि कहीं मन को भाने वाला कोई शख्स आपका दिल न तोड़ दे? अगर हां तो कोरोनाकाल आपके लिए किसी सौगात से कम नहीं है।

अमेरिका में हुए एक हालिया सर्वे में इसमें डेटिंग ऐप पर रिश्ता तोड़ने वाले युवाओं की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। सर्वे को ‘हिंज’ ऐप के शोधकर्ताओं ने अंजाम दिया।

यह ऐप बिना किसी सफाई के पसंदीदा मैच से सारे संपर्क खत्म करने की सुविधा प्रदान करता है। उन्होंने विभिन्न सवालों के जरिये संक्रमणकाल में लोगों की डेटिंग की आदतों का विश्लेषण किया। इस दौरान 27 फीसदी प्रतिभागियों ने कोरोनाकाल में संभावित मैच को ‘घोस्ट’ करने की बात स्वीकारी।

सार्स-कोव-2 वायरस की दस्तक से पहले ऐसे युवाओं की संख्या 63 प्रतिशत के करीब थी। डेटिंग की दुनिया में ‘घोस्टिंग’  का मतलब बिना वजह गिनाए सामने वाले को ब्लॉक कर देना है।

सर्वे में यह भी देखा गया कि अगस्त 2019 के मुकाबले अगस्त 2020 में संभावित मैच से वीडियो चैट करने वाले युवाओं की संख्या में 17 फीसदी की वृद्धि हुई। लोगों ने चैटिंग में ज्यादा समय भी साथ गुजारा। इससे साफ है कि कोरोना संक्रमण ने लोगों को रिश्तों के प्रति संजीदा बनाया है।

वे अपनों के साथ के लिए इस कदर तरस रहे हैं कि दूसरों का दिल दुखाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। शोधकर्ताओं के मुताबिक कोरोनाकाल में ‘टर्बो रिलेशनशिप’ भी बढ़े हैं। इसमें लड़का-लड़की अपने प्यार के रिश्ते को आगे ले जाने की दिलचस्पी दिखाते हैं। 

ऑनलाइन मिल रहे मन
-कोरोनाकाल में सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल के दबाव के बीच लोगों ने सोशल साइट पर सपनों के साथी की तलाश तेज कर दी है। एक जैसे विचार रखने वाले युवाओं को मिलाने का दावा करने वाले कई फेसबुक ग्रुप अस्तित्व में आए हैं। ‘कोरोनाक्रश’ से 11793 तो ‘मीटज्यू यूनिवर्सिटी डेटिंग’ से 38884 से अधिक यूजर जुड़ चुके हैं।

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  • Web Title:Covid-19: coronavirus Reduces the risks of love problems or heart break problem Love lockdown