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Covid-19 : कोरोनाकाल में बदला पक्षियों के गाने का अंदाज, जानें क्या कहता है ये अध्ययन

एजेंसी,सैन फ्रांसिस्कोManju Mamgain
Sun, 18 Oct 2020 04:33 PM
Covid-19 : कोरोनाकाल में बदला पक्षियों के गाने का अंदाज, जानें क्या कहता है ये अध्ययन

जानलेवा कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन में इंसानी गतिविधियां कम होने का कुछ जीवों को फायदा भी मिला है। एक अध्ययन ने इस बात का खुलासा किया है कि इसी बदलाव के कारण पक्षियों के गाने का अंदाज में भी बदलाव आ गया है। महामारी ने इंसानों को घर में समेट कर रख दिया है। इसका दुनिया के कई शहरों में रहने वाले जीवों पर भी असर हुआ है। 

कैल पॉली के शोधकर्ता जेनिफर फिलिप्स और नॉक्सविले में टेनेसी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एलिजाबेथ डेरीबेरी ने अपने शोध में यह खुलासा किया है। उन्होंने लॉकडाउन  से पहले और बाद में सैन फ्रांसिस्को क्षेत्र सफेद गौरैया की ध्वनि और गीतों की तुलना की। उन्होंने पाया कि अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर की गलियां महामारी के चलते लगे लॉकडाउन के चलते शुरुआती महीनों में खाली हो गई थीं। 

इस वजह से शोर बहुत कम होने से वहां गौरैया ने भी बदलते हालात के अनुसार अपने गाना की आवाज धीमी कर दी। ज्यादातर पक्षी अब बहुत मधुर और बेहतर अंदाज में गीत गाने लगे हैं। जब शहर में शोर ज्यादा था तो उन्हें तेज आवाज में गाना पड़ता था लेकिन जब ट्रैफिक रुकने से ध्वनि प्रदूषण कम हुआ तो अब पक्षी धीमी आवाज में और पहले से मधुर गीत गा रहे हैं। 

शोधकर्ताओं का कहना है कि उनके इस अध्ययन से यह बात साफ हो गई है कि मानवीय व्यवहार और गतिविधियां सीधे तौर पर वन्य जीवों को प्रभावित करती हैं।

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