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2 जुलाई, 2020|12:10|IST

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Covid-19: कोरोना वायरस की प्राकृतिक उत्पत्ति के मिले साक्ष्य, शोध में चौंकाने वाला खुलासा

deadliest virus ever since 1857 corona turns out to be the most dangerous of 11 epidemics

चीनी शोधकर्ताओं  ने चमगादड़ों में पाए जाने वाले सार्स-सीओवी-2 की करीबी प्रजाति की पहचान की है, जो इस बात के और साक्ष्य प्रस्तुत करती है कि कोविड-19 बीमारी के लिए जिम्मेदार वायरस की उत्पत्ति प्राकृतिक रूप से हुई है न कि प्रयोगशाला में। चीन में शानदोंगे फर्स्ट मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि जहां शोधकर्ता चमगादड़ को वायरस का प्राकृतिक वाहक मान रहे हैं, वहीं वायरस की उत्पत्ति अब भी स्पष्ट नहीं है।  

अध्ययन में हाल में पहचाने गए चमगादड़ कोरोना वायरस की पहचान की गई है जो जीनोम (जीन के समूह) के कुछ हिस्सों में सार्स-सीओवी-2 की करीबी प्रजाति है। शोधकर्ताओं के अनुसार  वायरस में सार्स-सीओवी-2 की तरह ही वायरस के स्पाइक प्रोटीन की एस1 और एस2 उप-इकाईयों के संयोजन में अमीनो एसिड का प्रवेश भी देखा गया।  

उन्होंने कहा कि भले ही इस नए वायरस में सार्स-सीओवी-2 जैसे लक्षण नहीं दिखते हैं, लेकिन आरएमवाईएन02 नामक यह वायरस दर्शाता है कि कोरोनावायरस की उत्पत्ति प्राकृतिक रूप से हुई होगी। अध्ययन के वरिष्ठ लेखक वेइफेंग शी ने कहा, र्स-सीओवी-2 का पता चलने के बाद से ही ऐसे कई अप्रमाणित दावे किए गए कि वायरस प्रयोगशाला से निकला है।
     
शी ने कहा, खासतौर पर ऐसा दावा किया गया कि एस1/ एस2 प्रवेश बेहद असामान्य है और संभवत: प्रयोगशाला में की गई छेड़छाड़ का संकेतक है। हमारा शोध स्पष्ट तौर पर दिखाता है कि ये घटनाएं वन्यजीव में प्राकृतिक रूप से होती हैं। यह सार्स-सीओवी-2 के प्रयोगशाला से निकलने के खिलाफ ठोस साक्ष्य देता है।  यह शोध  करंट बायोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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  • Web Title:Covid-19:A new research reveals that Evidence of natural origin of corona virus found to the scientists