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3 जून, 2020|4:55|IST

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कोरोना संकट के दौरान अपने लोगों में जोश भरने के लिए इन देशों ने उठाए ये अनोखे कदम

coronavirus

इंतजार को सबसे अप्रिय बनाने वाली चीजों में से एक अनिश्चितता है। कोविड-19 से फैली महामारी के चलते किए गए लॉकडाउन में लोग अनचाहा इंतजार कर रहे हैं, खासकर जबकि परिणाम को लेकर अनिश्चितता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सकारात्मक भावना और लोगों में जोश भरकर इस उदासी को दूर किया जा सकता है।

कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और मनोविज्ञान के प्रोफेसर और व्यवहार निर्णय अनुसंधान केंद्र के निदेशक जॉर्ज लोवेनस्टीन का कहना है कि सरकारों को लोगों के मानसिक-स्वास्थ्य को टूटने से रोकने के लिए उन प्रयासों के बारे में सावधानी से सोचने की जरूरत है, जो इस इंतजार को अधिक सहनीय बना सकते हैं। इंतजार सबसे अप्रिय अनुभवों में से एक है, जिसे लोग नियमित रूप से सहन करते हैं। फिर चाहे वह परीक्षा, बीमारी का निदान, नौकरी के लिए साक्षात्कार या ऑडिशन के परिणाम की प्रतीक्षा करना हो, सभी के लिए यह उदासी भरा ही होता है।

लोगों में जोश भरने की जरूरत-
शोधकर्ताओं के अनुसार दुनियाभर में कोरोना महामारी को लेकर संशय बना हुआ है। लॉकडाउन से करोड़ों लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है। लोग सोचने पर मजबूर हैं कि वायरस का वैक्सीन कब तक विकसित होगा। खासकर उसके परिणाम को लेकर चिंतित हैं। वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि जब तक कोई टीका उपलब्ध नहीं हो जाता है, तब तक हमें किसी सामाजिक गड़बड़ी को रोकना होगा। सरकारों को ऐसे तरीकों के बारे में सावधानी से सोचने की जरूरत है, जो संकट और प्रतीक्षा की इस घड़ी में लोगों में सकारात्मक सोच विकसित कर सकें और उनमें जोश भरा जा सके।

स्पष्ट संदेश अच्छा काम करते हैं-
सामाजिक अलगाव और 'डर अपील' पर किए गए शोध से पता चलता है कि स्पष्ट निर्देश सबसे अच्छा काम करते हैं। ऐसा संदेश नियंत्रण की सकारात्मक भावना और सकारात्मक बदलाव की ओर ले जाता है। यह हमारे जीवन को सार्थक बनाते हैं।
 
भारत में भी एकजुट लोग-
-भारत में भी 22 मार्च को पीएम मोदी के आह्वान पर देशभर में लोगों ने बालकनी और छतों पर खड़े होकर घंटी, तालियां, शंख और नगाड़े बजाए। 
-पीएम मोदी ने देशवासियों से 05 अप्रैल रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर मोमबत्ती, दिए, टॉर्च या मोबाइल की लाइट जलाने की अपील की है।
 
लोग खुद भी कर रहे समाधान-
कई देशों में लोग सामाजिक अलगाव की उदासी और उबाऊपन को दूर करने के लिए अपने स्वयं के समाधान कर रहे हैं। कोरोना प्रभावित देशों जैसे फ्रांस, इटली, ईरान, सिंगापुर, ब्राजील देशों में लोग स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह और उनके सम्मान में घरों की बालकनी में तालियां बजाई। कई देशों में संगीत बजाया गया और गाने भी गाए गए।
 
जोश भरने के लिए उठाए अनोखे कदम-
इटली-

-डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का आभार जताने के लिए लोगों में छत पर खड़े होकर तालियां बजाई। 
-मनोबल बढ़ाने के लिए आस-पड़ोस के लोग एक साथ मिलकर गाते हैं। 
-लोगों ने रात के वक्त घरों की बत्तियां बुझाकर मोमबत्तियां जलाईं 

ईरान-
-लोग सोशल मीडिया समूहों पर शाम 7 बजे एक साथ खेलने के लिए गाने साझा करते रहे हैं। 
-डॉक्टरों और नर्सों ने मेडिकल स्टाफ और रोगियों का मनोबल बढ़ाने के लिए अस्पताल के कमरों में नृत्य शुरू किया। 

अन्य देश-
अमेरिका में कई पड़ोसियों ने फेसबुक पर ग्रुप बनाकर एक अभियान की शुरुआत की। इसके जरिए बुजुर्गों और कमजोर लोगों को समर्थन देने की पेशकश की।

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  • Web Title:CoronaVirus: These countries took these unique steps to energize their people during Corona crisis