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1 जून, 2020|10:01|IST

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coronavirus : महामारी के खतरे के बीच हर गर्भवती महिला को जानने चाहिए इन 6 सवालों के जवाब

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कोरोना वायरस के खतरे के बीच सभी अपनी-अपनी कोशिशों में लगकर इस बीमारी से लड़ रहे हैं। वैसे, तो कोरोना के चलते लॉकडाउन होने से सभी लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है लेकिन इस बीमारी के खतरों की वजह से गर्भवती महिलाओं को एक्स्ट्रा केयर करने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में महिलाएं ऐसी हैं, जिनके मन में इस बीमारी को लेकर कई सवाल है। आइए, जानते हैं गर्भवती महिलाओं और कोरोना वायरस से जुड़े कुछ सवाल- 

 

क्या गर्भवती स्त्री के बच्चे को कोरोना वायरस का खतरा है?
अभी तक सिर्फ एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक नवजात कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गाया है। इस मामले में एक्सपर्ट्स का मानना है कि बच्चा इस वायरस से पैदा होने के बाद संक्रमित हुआ। चीन से प्रकाशित चिकित्सा साहित्य इस बात का समर्थन करता है कि जो गर्भवती महिलाएं COVID-19 से संक्रमित पाई गई थीं, जांच करने पर उनके एम्नियोटिक द्रव में कोरोनो वायरस का संक्रमण नहीं मिला था। 

 

क्या गर्भवती महिलाओं में कोरोनो वायरस संक्रमण के कोई मामले सामने आए हैं?
एक ऐसा मामला है, जहां गर्भवती महिला को 30वें सप्ताह में सांस संबंधी गंभीर लक्षण विकसित हुए और उन्हें वेंटिलेशन की ज़रूरत पड़ी। उस महिला की एमेर्जन्सी में सिजेरियन सेक्शन करने का निर्णय लिया गया था और अब दोनों मां और बच्चे स्वस्थ हैं।

 

क्या गर्भवती महिलाओं में कोरोना वायरस के लक्षण अलग होते हैं?
गर्भवती महिलाओं में भी खांसी, बुखार, सांस फूलने जैसे ही समान लक्षण देखने को मिलते हैं, लेकिन अगर इंफेक्शन गंभीर स्तर पर पहुंच गया है, तो निमोनिया और सांस से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं और ऐसे में वेंटीलेटर की ज़रूरत पड़ सकती है।

 

क्या गर्भपात के आसार बढ़ जाते हैं?
इस वक्त, ऐसा कोई डेटा नहीं है जो यह सिद्ध करता हो कि कोरोनो वायरस संक्रमण से गर्भपात या गर्भावस्था के नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।

 

क्या COVID-19 से संक्रमित महिलाओं के बच्चों में जन्मजात दोष होने की संभावना बढ़ जाती है?
जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है कि उपलब्ध सीमित अध्ययन में देखा गया है कि वायरस मां से भ्रूण तक या प्लेसेंटा को पार नहीं करता है। इसलिए ऐसी कोई रिसर्च नहीं है जिसमें ये बात सिद्ध हो कि मां के कोरोना वायरस से संक्रमित होने से बच्चे पर असर पड़ता है।

 

ऐसे क्षेत्र जहां कोरोना वायरस गंभीर रूप से फैला हुआ है, वहां रह रहीं गर्भवती महिलाओं के लिए क्या सलाह है?
- जोखिम के बारे में अपने डॉक्टर को ज़रूर बताएं।
- अपने आपको कम से कम दो हफ्तों के लिए आइसोलेशन में रखें। इसका मतलब है कि ऑफिस न जाने के साथ किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी इस्तेमाल नहीं करना है, घर पर रहें और किसी को भी मिलने के लिए घर पर न बुलाएं। इसके अलावा घर के किसी भी व्यक्ति के साथ तौलिया, साबुन, प्लेट, कप, चम्मच जैसी चीज़ें शेयर न करें। 
- अस्पताल तभी जाएं जब बेहद ज़रूरी हो। जब जाना हो तो अपने डॉक्टर को पहले से इस बारे में बताएं ताकि वह कोरोना वायरस की वजह से आपके अस्पताल आने से पहले ज़रूरी इंतज़ाम कर लें।
 

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  • Web Title:coronavirus every pregnant must know these things about covid19