DA Image
29 मई, 2020|5:48|IST

अगली स्टोरी

100 साल पहले भी दुनिया ने हाथ धोकर बचाई थी अपनी जान, वायरस से लड़ने में अखबारों का था बड़ा योगदान

news paper

दुनियाभर के कई देश कोविड-19 की महामारी से जूझ रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इस महामारी की तुलना एक सदी पहले 1918 में फैले स्पैनिश फ्लू से की है। इस महामारी ने पांच करोड़ लोगों की जान ले ली थी। उस दौरान भी लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए अखबारों ने एक अहम भूमिका निभाई थी। उस समय के अखबारों को देखने से पता चलता है कि उस दौरान भी हाथों की स्वच्छता और हाथ धोने के तरीके के बारे में प्रचार कर ही लोगों की अपनी जान बचाने को कहा गया था।

दोनों महामारियों में समानता को दर्शाया-
1918 में फैली स्पेनिश फ्लू की महामारी और कोविड-19 दोनों अलग तरह की बीमारियां हैं। स्पैनिश फ्लू के बाद चिकित्सा की दुनिया में कई बदलाव हुए हैं। लेकिन, दोनों के प्रसार के तरीके में काफी समानता देखने को मिल रही है। साथ ही 1918 के अखबारों को देखने से पता चलता है कि आज के अखबारों की तरह ही उन दिनों भी अखबारों ने स्वच्छता के बारे में लोगों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई थी।

सोशल डिस्टेंसिंग की चेतावनी-
 1918 में छपी खबरों के अनुसार, वैक्सिन और दवाओं की कमी के कारण लोगों को सलाह दी जाती थी कि वे एक दूसरे से दूरी बना कर रखें, हाथों को साबुन से धोते रहें और किसी भी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएं। ये सुझाव आज के सुझाव से काफी मिलते-जुलते हैं। हां, अब मास्क भी काफी बड़े पैमाने पर इन सब के साथ जुड़ गया है। जैसा कि आज है, 1918 में भी मास्क की कमी थी और जेटलैंड के अनुसार, कई अखबारों के रिकॉर्ड बताते हैं कि लोगों को अपने मास्क खुद बनाने की सलाह दी जाती थी।

वायरस से लड़ने में अखबारों का बड़ा योगदान-
पिछले सदी में जब संसाधनों की कमी थी तब भी वायरस से लड़ने में अखबारों ने बड़ी भूमिका निभाई थी। विभिन्न अखबारों ने अपने संदेशों के माध्यम से लोगों को वायरस से लड़ने के प्रति जागरूक किया था। आज भी अखबार कई तरह से लोगों को बताते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इन सारे अखबारों में एक बात सामान्य है कि पहले भी लोगों को सलाह दी जाती थी कि वे समय-समय पर अपने हाथों को साबुन से साफ करते रहें।

इतिहास खुद को दोहराता है-
माइ हेरिटेज की शोधकर्ता एलिजाबेथ जेटलैंड ने कहा, हम कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता है और आज भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। इनकी संस्था के पास 11.9 अरब ऐतिहासिक रिकॉर्ड हैं। इनमें अखबार भी मौजूद हंै। मार्च में जब कोविड-19 फैला तब जेटलैंड ने स्पेनिश फ्लू से जुड़े अखबारों की खोज की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान जो कुछ भी अखबारों में छप रहा है उसके और 1918 के अखबारों में जो कुछ छप रहा था उनमें गजब की समानता है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि दोनों के बीच इतनी समानता होगी।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Corona Virus: 100 years ago the world saved its life by washing hands only and newspapers contributed a lot in fighting the virus