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दोस्ती में बॉडी शेमिंग कर सकती है आपका रिश्ता खराब

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPratima Jaiswal
Sat, 27 Nov 2021 08:38 AM
दोस्ती में बॉडी शेमिंग कर सकती है आपका रिश्ता खराब

दोस्तों के साथ हंसी-मजाक करते वक्त कई बार हम अपनी सीमा भूल जाते हैं। कौन-कौन सी बातें बॉडी शेमिंग के अंतर्गत आती हैं, और कैसे इससे बचें, बता रही हैं स्वाति गौड़-


दोस्ती में मजाक हम सब करते हैं। लेकिन कभी-कभी जाने-अनजाने में हम कुछ ऐसा बोल देते हैं, जो सामने वाले की भावनाओं को आहत कर देता है। मसलन, किसी के शारीरिक वजन, बोलने के अंदाज या रंग-रूप को लेकर हंसी-मजाक में की गई टीका-टिप्पणी बुरी लग जाती है। इसे ही ‘बॉडी शेमिंग’ के नाम से जाना जाता है।
काफी हद तक यह संभव है कि आपकी मंशा अपने दोस्त की भावनाओं को आहत करने की कतई न हो, लेकिन मजाक-मजाक में ही अकसर आप कुछ ऐसा बोल देती हों, जो उसे दुखी या आहत कर देता हो। इसलिए कुछ भी बोलने से पहले जरूरी है कि आप कुछ बातों का ध्यान रखें।

वजन का मजाक उड़ाना
माना आप एक आकर्षक फिगर की मालकिन हैं और सभी आपके लुक की तारीफ करते नहीं थकते। पर इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप अपने भारी वजन वाले दोस्तों की काया पर टीका-टिप्पणी करें। इस बात को लेकर हमेशा संजीदा रहना चाहिए कि ईश्वर ने सभी लोगों को एक समान नहीं बनाया है और हम सब एक-दूसरे से आकार, रूप-रंग में भिन्नता रखते हैं। इसलिए दोस्ती के मामले में वजन आड़े नहीं आना चाहिए।

फैशन सेंस पर सवाल
बेशक, आप फैशन के हर ताजातरीन ट्रेंड पर अपनी नजर बनाए रखती हैं और फ्रेंड सर्कल में आपके सभी दोस्त प्यार से आपको ‘फैशन दीवा’ बुलाते हैं। पर इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं निकालना चाहिए कि आप बाकी लोगों के कपड़े पहनने के तौर-तरीकों का मजाक बनाना शुरू कर दें। दो दोस्तों में विचारों की समानता तो हो सकती है, पर जरूरी नहीं कि वह कपड़े भी एक ही ढंग के पसंद करते हों।
दरअसल, हम सब अपनी पर्सनैलिटी और सुविधानुसार अपने लिए कपड़ों का चुनाव करते हैं। इसलिए किसी और की ड्रेसिंग सेंस पर कभी सवाल नहीं उठाना चाहिए।

खाने में क्या है पसंद
अलग-अलग समय पर अलग-अलग तरह के डायट ट्रेंड्स जोर पकड़ते रहते हैं। जैसे आजकल कीटो और वीगन डायट के प्रति लोगों का जबरदस्त रूझान है। पर, हो सकता है कि आपके किसी दोस्त को अभी भी आलू का परांठा, दही और मक्खन के साथ खाना बेहद पसंद हो। ऐसे में उसे ऑउटडेटेड समझकर नए डायट ट्रेंड्स का ज्ञान देने के बजाए आप खुद यह समझें कि खान-पान संबंधी पसंद या नापसंद एक निजी चुनाव है, जिस पर बिना मांगे सलाह देने का कोई मतलब नहीं है।

हर स्किन टोन है अच्छी
हमारे समाज में यूं तो हमेशा से ही गोरे रंग को ज्यादा खूबसूरत माना जाता रहा है, पर पिछले कुछ समय से गोरे और सांवले के इस भेद को पाटने के लिए बहुत से लोग मुखर होकर आगे आए हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया मंच पर काफी सारे हैशटैग भी चले हैं। यह इस बात का सूचक है कि किसी की रंगत को लेकर बनाई गई आपकी राय उस व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को कितना ज्यादा प्रभावित कर सकती है। इसलिए इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि किसी इंसान की त्वचा की रंगत उसकी खूबसूरती का पैमाना नहीं होती। तो जाने-अनजाने में अगर आप भी किसी की रंगत पर प्रतिक्रिया देती रहती हैं, तो अपनी इस आदत को फौरन बदल डालें। यह किसी को एहसास न दिलाएं कि रंग कम होने की वजह से उसकी सुंदरता कम हो गई है।

मानसिक सेहत भी बिगाड़ती है बॉडी शेमिंग
किसी व्यक्ति के साथ हमारे रिश्ते कितने ही प्रगाढ़ क्यों न हों, पर उसके वजन और रंग-रूप को लेकर बार-बार की गई टीका-टिप्पणी न केवल हमारे उसके साथ रिश्ते बिगाड़ सकती है, बल्कि उसे मानसिक आघात भी पहुंचा सकती है। हम सब जानते हैं कि एक ही परिवार के सभी सदस्य तक रंग-रूप और शारीरिक आकार में एक-दूसरे से अलग होते हैं। ऐसे में किन्हीं दो लोगों की तुलना कर किसी एक को श्रेष्ठ मान लेना अपने आप में बेमानी है। पर, बॉडी शेमिंग करने वाले लोग इस बात को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं कि उनकी कोई टिप्पणी या कमेंट किसी इंसान को मानसिक स्तर पर किस हद तक नुकसान पहुंचा सकती है। इसीलिए बॉडी शेमिंग का शिकार लोग अकसर अवसाद, तनाव, आत्म विश्वास में कमी और अकेलेपन का शिकार हो जाते हैं, जो धीरे-धीरे उनकी स्थिति को और बिगाड़ देता है। नतीजतन, वह बहुत भारी वजन के हो जाते हैं। इसी प्रकार वजन कम करने के अत्याधिक प्रयासों से व्यक्ति एनोरेक्सिया से भी ग्रस्त हो सकता है, जो एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पीड़ित वजन बढ़ने के डर से खाने को पूरी तरह से नकारने लगता है और जरा सा भी खाने की कोशिश करने पर उसे उल्टी होने लगती है।

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