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क्या आप गैस, एसिडिटी या ब्लोटिंग से परेशान हैं? ये आयुर्वेदिक नुस्खे करेंगे आपकी मदद

टीम लाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीAvantika Jain
Thu, 09 Dec 2021 09:26 AM
क्या आप गैस, एसिडिटी या ब्लोटिंग से परेशान हैं?  ये आयुर्वेदिक नुस्खे करेंगे आपकी मदद

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आयुर्वेदिक कैलेंडर में तीन मौसम होते हैं, जो तीन दोषों जैसे वात, पित्त और कफ से संबंधित होता है। वात का अक्टूबर से फरवरी होता है, पित्त का मौसम जुलाई से अक्टूबर के बीच रहता है और कफ का मौसम मार्च से जून के बीच होता है। ऐसा माना जाता है कि इन मौसम में संक्रमण के दौरान शरीर में इम्यूनिटी में असंतुलन के कारण कई सारे परिवर्तन होते हैंऔर आयुर्वेद में, शरीर के सभी असंतुलन और इशू को तीन दोषों के में समझाया जा सकता है। गैस, एसिडिटी, या ब्लोटिंग वात दोष के बढ़ने का एक क्लासिक लक्षण है। ऐसे में इन समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप इन उपायों की मदद ले सकते हैं।

सूजन के लिए घी और अंजीर

घी आंतों की दीवारों को चिकनाई देने में मदद करता है जो स्टूल की आसान गति को बढ़ावा देता है। इस घोल में मौजूद ब्यूटायरेट एसिड को सूजन-रोधी प्रभावों के लिए जाना जाता है और नमक एक स्वच्छ आंत प्रदान करने वाले बैक्टीरिया को मार सकता है। भीगे हुए अंजीर, बेल फल, त्रिफला और चीनी घास जैसे रेशेदार चीजें खाएं। फाइबर स्टूल को आसान बनाने और कब्ज को दूर करने में मदद करता है।  इसके लिए 5/4 कप गर्म पानी, 1 चम्मच घी और 1/2 चम्मच नमक मिलाकर तुरंत पीएं करें। 

 

जीरा, धनिया और सौंफ की चाय पियें

आयुर्वेदिक चाय बनाने के लिए आपको धनिया के बीज, जीरा और सौंफ के बीज चाहिए। इसके लिए उबलते पानी में तीन सामग्री डालें। इसे 15 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें, ताकि पोषक तत्व पानी में मिल जाएं। बाद में, इस चाय को पूरे दिन में हर आधे घंटे के अंतराल पर पीएं याद रखें। यह वात असंतुलन को संतुलित करेगा और सूजन, कब्ज या एसिडिटी को भी ठीक करेगा।

 

गर्म पका हुआ खाना खाएं

शरीर में गैस्ट्रिक समस्याओं को कम करने के लिए, आपको गर्म पका हुआ खाना खाना चाहिए जो पचने में आसान हो। वात को ठंडा और ड्राई प्रभाव माना जाता है और इसलिए गर्म खाना आपको इस समस्या से निपटने में मदद कर सकता है। नाश्ते में साबुत दलिया, उबले हुए सेब आदि लेने की सलाह दी जाती है। दोपहर के खाने या रात के खाने के लिए, आप चावल के साथ सब्जी सूप, स्टॉज, फ्राइज और करी खा सकते हैं।

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चवनप्राश खाएं

चवनप्राश आयुर्वेद का सबसे जरूरी साधन है। यह जैम जैसा गहरे रंग का पेस्ट है जो बेहद फायदेमंद जड़ी-बूटियों और पोषक तत्वों से भरा हुआ है। और यह अपने कई फायदों के लिए जाना जाता है। चवनप्राश आपकी पाचन संबंधी सभी समस्याओं को दूर करने के लिए अच्छा है। ये पाचन के लिए जाना जाता है ।

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