DA Image
4 दिसंबर, 2020|4:27|IST

अगली स्टोरी

खादी और सूती मास्क बनाने के प्रेरित कर रही हैं आरुषि निशंक

mask

सामाजिक कार्यकर्ता, पयार्वरणविद एवं शास्त्रीय कथक नृत्यांगना आरुषि निशंक  गांधीवादी मूल्य आत्मनिर्भरता से प्रेरित होकर उत्तराखंड की हजारों महिलाओं को सुई-धागा से खादी और सूती के मास्क बनाने के लिए प्रशिक्षण और समर्थन दे रही हैं। खादी और सूती के ये मास्क  सेना के जवानों, पुलिस, कार्यकतार्ओं और कोविड-वॉरियर्स को मुफ्त  वितरित करने के लिए बनाये जा रहे हैं। अभी तक इस तरह के एक लाख से भी अधिक मास्क उत्तराखंड के शहरों के अलावा दिल्ली और मुंबई में वितरित किये जा चुके हैं। 
उत्तराखंड की रहने वालीं सुश्री निशंक ने वेबिनार 'एक मुलाकात' में 'एहसास वुमेन ऑफ कोलकाता' की सदस्य निलिशा अग्रवाल ने साथ बातचीत के दौरान कहा, “खादी गांधीजी के मूल्य आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, यह पयार्वरण के अनुकूल और प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप है। इन मास्क को बनाने वाली हजारों महिलाओं ने अपना कौशल विकसित किया है और अब उनके पास रोजगार है।” 
इस वेबिनार को कोलकाता स्थिति गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) प्रभा खैतान फाउंडेशन की तरफ से आयोजित किया गया। पिछले वषोर्ं से कार्यक्रम 'एक मुलाकात' प्रसिद्ध हस्तियों और खास उपलब्धि हासिल करने वाले लोगों के साथ विचार-विमर्श का लोकप्रिय मंच बन गया है। 
सामाजिक-सांस्कृति कार्यकतार् एवं प्रभा खेतान फाउंडेशन के ट्रस्टी सुदीप भूटोरिया ने इस दौरान कहा, “एक युवा अचीवर हमारे साथ अपने विचारों, जीवन के अनुभवों और सपनों को साझा कर रही हैं जिसे देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। अपनी भारतीय विरासत पर गर्व करने वालीं आरुषि हजारों गरीब महिलाओं और अन्य के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। वर्तमान में आरुषि गंगा और इसकी जैव-विविधता के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्पर्श गंगा अभियान के माध्यम से हजारों लोगों से जुड़ी हैं।”

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:arushi Nishank is new inspiration for making khadi and cotton masks