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29 मई, 2020|9:05|IST

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April Fool’s Day History 2020 : इतिहास में दर्ज ऐसे मजेदार किस्से, जिन्हें पढ़कर आपके चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान 

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कहते हैं कि खुश होने का कोई स्पेशल दिन नहीं होता। ऐसे में आप छोटी-छोटी खुशियों के बहाने तलाशकर खुश हो सकते हैं। इस साल अप्रैल फूल पर भी आप हल्के-फुल्के मजाक करके अपने दोस्तों को खुश कर सकते हैं लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच याद रखें कि आपको कुछ ऐसा नहीं करना है, जिससे कोई अफवाह फैले या इस नियम का उल्लघंन हो। आइए, जानते हैं अप्रैल फूल का इतिहास और इतिहास के सबसे बड़े अप्रैल फूल- 

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अप्रैल फूल को लेकर कई कहानियां में कहा जाता है कि अप्रैल फूल्स डे (मूर्ख दिवस) की शुरुआत फ्रांस में 1582 में उस वक्त हुई, जब पोप चार्ल्स IX ने पुराने कैलेंडर की जगह नया रोमन कैलेंडर शुरू किया था। बताया जाता है कि इस दौरान कुछ लोग पुरानी तारीख पर ही नया साल मनाते रहे और उन्हें ही ‘अप्रैल फूल्स’ कहा गया था। हालांकि कई जगह इसकी शुरुआत 1392 भी बताई जाती है, लेकिन इसके कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं।
जानकर हैरानी होगी कि फ्रांस, इटली, बेल्जि्यम में काग़ज़ की मछली बनाकर लोगों के पीछे चिपका दी जाती है और मज़ाक बनाया जाता है। वहीं स्पेनिश बोलने वाले देशों में 28 दिसंबर को अप्रैल फूल मनाया जाता है, जिसे डे ऑफ होली इनोसेंट्स भी कहा जाता है। इसी तरह से ईरानी फारसी नए साल के 13वें दिन एक-दूसरे पर तंज कसते हैं, यह एक या दो अप्रैल का दिन होता है।

- जैसे 1539 में फ्लेमिश कवि 'डे डेने' ने एक अमीर आदमी के बारे में लिखा, जिसने 1 अप्रैल को अपने नौकरों को मूर्खतापूर्ण कार्यों के लिए बाहर भेजा। 
-लेखक कैंटरबरी टेल्स (1392) ने अपनी एक कहानी 'नन की प्रीस्ट की कहानी' में 30 मार्च और 2 दिन लिखा, जो प्रिंटिंग में गलती के चलते 32 मार्च हो गई, जो असल में 1 अप्रैल का दिन था। इस कहानी में एक घमंडी मुर्गे को एक चालाक लोमड़ी ने बेवकूफ बनाया था। इस गलती के बाद कहा जाने लगा कि लोमड़ी ने एक अप्रैल को मुर्गे को बेवकूफ बनाया। 
- वहीं, अंग्रेज़ी साहित्य के महान लेखक ज्योफ्री चौसर का 'कैंटरबरी टेल्स (1392)' ऐसा पहला ग्रंथ है, जहां एक अप्रैल और बेवकूफी के बीच संबंध का ज़िक्र किया गया था। 
-ऐसे तमाम किस्से हैं जिस वजह से पहली अप्रैल के दिन बेहद फनी काम हुए और तो कुछ प्लेन किए गए, जिस वजह से 1 अप्रैल को अप्रैल फूल-डे के तौर पर मज़ेदार तरीके से सेलिब्रेट किया जाने लगा। कहानी नन्स प्रीस्ट्स टेल के मुताबिक, इंग्लैंड के राजा रिचर्ड द्वितीय और बोहेमिया की रानी एनी की सगाई की तारीख 32 मार्च घोषित कर दी गई जिसे वहां की जनता ने सच मान लिया और मूर्ख बन बैठे। तब से 32 मार्च यानी 1 अप्रैल को अप्रैल फूल डे के रूप में मनाया जाता है।
 

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  • Web Title:April Fools History 2020 these funny jokes will make you crazy