सावन में गाने लायक भोलेनाथ के आसान भजन, भक्ति से दिल झूम उठेगा
सावन का महीना भोलेनाथ का भजन गाए बिना अधूरा रह जाएगा। पूजा-पाठ और मंदिर-कीर्तन में गाने का मौका मिले तो भगवान भोलेनाथ के इन 4 भजन को गाएं। इन भजन के बोल आसान हैं और जुबां पर आसानी से चढ़ जाएंगे, पढ़ें 4 भोले बाबा के भजन।

सावन के महीने में भक्तों का मन भोलेनाथ में ही रमा रहता है। जुबान से बस भोलेनाथ का नाम निकलता है और काफी सारे लोग तो दिन भर भजन गाते रहते हैं। पूजा-पाठ,त्योहार के मौके पर महिलाएं इकट्ठा होती हैं तो सावन के भजन गाने लगती हैं। ऐसे ही किसी मौके पर आपको भजन गाने का मौका मिले तो गाएं भोलेनाथ के ये सावन स्पेशल सुंदर भजन। इन भजनों के बोल बिल्कुल आसान हैं जुबां पर आसानी से चढ़ जाते हैं, तो देर ना करें और नोट कर लें बिल्कुल आसानी से और ढोलक की थाप के बगैर भी गाए जाने वाले भोलेनाथ के 4 भजन।
भोलेनाथ के भजन के बोल
शिव जी का भजन-1
जब भी सावन रुत आए,
जब जब सावन की रुत आए.
भक्तों का दिल ललचाए,
के कावर उठा के चलूं,
और बम बम गा के चलूं,
तो जन्म सफल हो जाए।
जब भी सावन रुत आए,
भोले के दीवाने गाए,
भोले भोले भोले,
बम बम भोले भोले,
नाचे कावड़िया सारे,
झूम झूम कर हौले हौले,
भोले भोले भोले,
बम बम भोले भोले,
भोले की सुनके कहानियां,
होती सफल है जिंदगानियां,
रिम झिम जब बादल बरसे,
मस्त पवन कानों में बोले,
भोले भोले भोले,
बम बम भोले भोले।
कोई माने या ना माने,
वो है जग के रखवाले,
मुंह मांगा वर देते है,
भक्तों को डमरू वाले,
भक्तों को डमरू वाले,
वो भोला भाला मुखड़ा,
वो नैना मद के प्याले,
मस्तक पे चमके चंदा,
गल में विषधर को डाले,
गल में विषधर को डाले,
भक्तों की सब हैरानियां,
हर लेते है वो परेशानियां,
जिनका जयकारा सारे,
दुखियों का बंधन खोले,
भोले भोले भोले,
बम बम भोले भोले।
सारी दुनिया आती है,
भोले जी के आंगन में,
लाखों कावड़ चढ़ते है,
जिनको हर दिन सावन में,
जिनको हर दिन सावन में,
दरबार में उनके ‘शर्मा’,
जो भी फरियाद सुनाते,
वो मुंह मांगा और ‘लख्खा’,
शिवशंकर जी से पाते,
शिवशंकर जी से पाते,
कहती है भक्तों की टोलियां,
भरते हैं सबकी वो झोलियां,
जिनका नित डमरू सारी,
दुनिया में डम डम डम डम बोले,
भोले भोले भोले,
बम बम भोले भोले।
जब भी सावन रुत आए,
भोले के दीवाने गाए,
भोले भोले भोले,
बम बम भोले भोले,
नाचे कावड़िया सारे,
झूम झूम कर हौले हौले,
भोले भोले भोले,
बम बम भोले भोले,
भोले की सुनके कहानियां,
होती सफल है जिंदगानियां,
रिम झिम जब बादल बरसे,
मस्त पवन कानों में बोले,
भोले भोले भोले,
बम बम भोले भोले।
शिव जी का भजन- 2
ना गाड़ी ना बंगला,
ना कार चाहिए,
मुझको मेरे भोले जी का,
प्यार चाहिए।।
ऐसा घर हो जिसमें,
मंदिर तुम्हारा हो,
मंदिर तुम्हारा और,
भोले मेरा प्यारा हो,
मुझको तो ऐसा,
दरबार चाहिए,
मुझको मेरे भोलेजी का,
प्यार चाहिए।।
दिल धड़कन मेरे,
गुण तेरे गाए,
गुण तेरे गाए,
मन में समाए,
नजरों को तेरा,
दीदार चाहिए,
मुझको मेरे भोलेजी का,
प्यार चाहिए।।
करूँ विनती प्रभु,
मुझे अपना लो,
मुझे अपना लो,
दिल में बसा लो,
मुझको तो तेरा,
एतबार चाहिए,
मुझको मेरे भोलेजी का,
प्यार चाहिए।।
ना गाड़ी ना बंगला,
ना कार चाहिए,
मुझको मेरे भोले जी का,
प्यार चाहिए।।
शिव जी का भजन-3
सावन आया नीलकंठ मैं जाऊंगी जरूर,
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
मेरे भोले बाबा की यहीं है निशानी
सिर पर जटा और गंगा महारानी
गंगा जी में डुबकी लगाउंगी जरूर मेरे अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
सावन आया नीलकंठ मैं जाऊंगी जरूर,
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
मेरे भोले बाबा की यहीं है निशानी
माथे पे चंदा और आंखे मस्तानी
भोले तेरे दर्शन पाउंगी जरूर
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
सावन आया नीलकंठ मैं जाऊंगी जरूर,
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
मेरे भोले बाबा की यहीं है निशानी
हाथों में डमरू और चाल मस्तानी
नंगे पैर तेरे दर पर आउंगी जरूर
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
सावन आया नीलकंठ मैं जाऊंगी जरूर,
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
मेरे भोले बाबा की यहीं है निशानी
गोदी में गणपति बगल में गौरा रानी
गणपति गौरा के दर्शन पाउंगी जरूर
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
सावन आया नीलकंठ मैं जाऊंगी जरूर,
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
अपने भोले बाबा को मनाउंगी जरूर
मेरे भोले बाबा की यहीं है निशानी
शिव जी का भजन-4
आयी सावन की देखो बहार रसिया
आयी सावन की देखो बहार रसिया
झूला झूल रहे भोलेनाथ रसिया
झूला झूल रहे भोलेनाथ रसिया
कैलाश पर्वत पर झूला बंधा हैं
कैलाश पर्वत पर झूला बंधा हैं
फूलों से कलियों से झूला सजा है
फूलों से कलियों से झूला सजा है
गौरा मैया हैं जिनके साथ रसिया
गौरा मैया हैं जिनके साथ रसिया
झूला झूल रहे भोलेनाथ रसिया
झूला झूल रहे भोलेनाथ रसिया
आयी सावन की देखो बहार रसिया
आयी सावन की देखो बहार रसिया
लेखक के बारे में
Aparajitaअपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
परिचय एवं अनुभव
अपराजिता शुक्ला पिछले छह से अधिक सालों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती आ रही हैं। करियर की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल में इंटर्नशिप और फिर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में की। जहां पर उन्हें मिसेज इंडिया 2021 की रनर अप के इंटरव्यू को भी कवर करने का मौका मिला। वहीं अब लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अपराजिता शुक्ला ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बी.कॉम के साथ मास कम्यूनिकेशन की डिग्री ली है।
लेखन शैली और दृष्टिकोण
सरल और बेहद सामान्य भाषा में सेहत, फिटनेस और खान-पान के विषय में जानकारी देने के साथ बॉलीवुड फैशन पर निगाह रखती हैं। एक्टर-एक्ट्रेसेज के फैशन सेंस को आम लड़के-लड़कियों की पसंद-नापसंद के साथ कंफर्ट से जोड़कर टिप्स देना खासियत है। वहीं ट्रेंड में चल रहे विषयों के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले हैक्स और टिप्स को अपने पाठकों तक पहुंचाना पसंद करती हैं।
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