
यूपी की शादियों में दुल्हन मायके से क्यों लाती हैं सास का बक्सा? जानें क्या-क्या सामान होता है उसमें
यूपी की शादियों में लड़की अपने मायके से सास के लिए बक्सा लेकर आती हैं। इस बक्से में सास की पसंद का हर सामान होता है। लेकिन ये रस्म क्यों होती हैं और इस बक्से में क्या-क्या रखा जाता है और फिर इस सामान का सास क्या करती है? चलिए सबकुछ बताते हैं।
सनातन धर्म में शादी कई रिति रिवाज के साथ होती हैं। ये सिर्फ दो लोगों का नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है और कुछ ऐसी रस्में होती हैं, जिसमें सास-ससुर, जेठ के सम्मान में सामान या शगुन भी दिया जाता है। अगर आप उत्तर प्रदेश से हैं, तो वहां की शादियों में आपने जरूर सुना होगा कि लड़की के मायके से सास के लिए बक्सा आता है। ये रस्म यूपी की शादियों में काफी मशहूर है और इसके बिना शादी नहीं होती। सास का बक्सा अच्छे से तैयार किया जाता है और इसमें कई तरह के सामान जैसे कपड़े, श्रृंगार का सामान रखा जाता है। सास के लिए ये स्पेशल बक्सा लड़की अपने साथ लाती हैं और फिर उन्हें देती हैं। चलिए बताते हैं क्या है ये रस्म और क्या होता है सास के बक्से के अंदर।
क्यों होती है ये रस्म
सास-बहू का रिश्ता काफी नाजुक लेकिन अच्छा माना जाता है। मायके से मां अपनी बेटी को विदा करती हैं और ससुराल में सास बहू के रूप में उसका स्वागत करती हैं। बहू की नजरों में सास का दर्जा काफी बड़ा और सम्मान वाला माना जाता है। ऐसे में उनके सम्मान और प्यार के तौर पर ये बक्सा दिया जाता है, जिसमें सास की पसंद और उनके हिसाब से कुछ चीजें रखी जाती हैं। इस बक्से को देते हुए बहू सास के पैर छूकर आशीर्वाद लेती हैं और उसके दांपत्य जीवन को बेहतर बनाने की कामना करती है। शास्त्रों में कहा गया है कि सास को खुश रखने और उनकी सेवा करने से बहू को पुण्य फल मिलता है, जैसे हम ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए फल-फूल चढ़ाते हैं, ठीक वैसे ही सास को ये बक्सा दिया जाता है।
क्या-क्या होता है
सास के बक्से में क्या क्या सामान रखा जाता है, चलिए ये भी बताते हैं। सास के बक्से में 5, 7, 11, 21 साड़ियां रखी जाती हैं। आपको कितनी साड़ियां रखनी है, ये आप तय कर सकती हैं। कुछ जगहों पर सास सामने से भी बता देती हैं कि सास के बक्से में कितनी साड़ियां होनी चाहिए। साड़ियों के साथ उनके ब्लाउज का पीस, पेटीकोट भी होता है। तौलिया, श्रृंगार का पूरा सामान, चूड़ियां, शैंपू, साबुन, तेल, कंघी, गले का सेट, सैंडल, चांदी की पायल, बिछिया, सोने का कोई सामान, खाने की चीजें जैसे मेवे, मिठाई बक्से में रखी जाती है। बाकि आप अपने हिसाब से और चीजें बढ़ा या कम कर सकते हैं।

इस सामान का क्या होता है
सास बहू के मायके से आया ये बक्सा अपने पूरे परिवार के आगे खोलती है। रस्म है कि बक्से में जो भी साड़ियां या सामान आया हुआ है, उसे सास अपने हिसाब से घर में किसी को दे सकती हैं। ये सामान सास सिर्फ अपनी जेठानी, देवरानी, बहन, बेटियों को दे सकती हैं। सास के बक्से में सास के लिए एक स्पेशल साड़ी रखी जाती है, बाकि साड़ियां वह किसी को गिफ्ट के तौर पर दे सकती हैं या फिर रख भी सकती हैं। अन्य सामान सास के लिए ही होता है। ये बक्सा सिर्फ सामान या भेंट नहीं है, बल्कि ये दो परिवारों और सास-बहू के आपसी प्रेम-सम्मान को भी दर्शाता है।

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Deepali Srivastavaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




