क्या है Sleep Divorce? अलग सो रहे हैं कपल्स, जानें क्यों बढ़ रहा ये ट्रेंड और क्या हैं फायदे-नुकसान
आजकल रिश्तों की परिभाषा पूरी तरह से बदल चुकी है और कई नए ट्रेंड्स आ चुके हैं। इसी में से एक है स्लीप डिवोर्स। डिवोर्स से आप ये न समझें कि तलाक लेकर कपल्स अलग हो रहे हैं, बल्कि ये दूसरा वाला डिवोर्स हैं। चलिए आपको स्लीप डिवोर्स के बारे में डिटेल में जानकारी देते हैं।

What is Sleep Divorce: डिवोर्स यानी तलाक आज के समय में एक आम शब्द बन चुका है। एक दौर था जब इस शब्द को सुनते ही रिश्तों के टूटने का दर्द महसूस होता था, लेकिन अब बदलती लाइफस्टाइल और सोच के चलते कई शादियां कुछ ही सालों में खत्म हो जाती हैं। जब रिश्ते को बचाने की हर कोशिश के बाद भी बात तलाक तक पहुंच जाए, तो माना जाता है कि उस रिश्ते में अब कुछ बाकी नहीं बचा।
हालांकि, आजकल सिर्फ तलाक ही नहीं बल्कि Sleep Divorce का ट्रेंड भी तेजी से कपल्स के बीच पॉपुलर हो रहा है। नाम सुनकर भले ही यह किसी रिश्ते के टूटने जैसा लगे, लेकिन असल में इसका मतलब कुछ और ही है। इस ट्रेंड में कपल्स अपनी मर्जी से अलग-अलग बेड या कमरे में सोना पसंद करते हैं, ताकि उनकी नींद बेहतर हो सके। अब सवाल यह उठता है कि आखिर Sleep Divorce क्या है, कपल्स इसे क्यों अपना रहे हैं और इसके पीछे क्या वजहें हैं? अगर आप भी इस ट्रेंड को लेकर कंफ्यूज हैं, तो यहां हम आपको इसकी पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।
क्या है स्लीप डिवोर्स?
कपल्स जब अलग-अलग बिस्तर या अलग कमरों में सोने लगे, तब उसे स्लीप डिवोर्स कहा जाता है। स्लीप डिवोर्स का ये मतलब नहीं है कि रिश्ते टूटने की कगार पर है या फिर कपल्स के बीच कुछ ठीक नहीं है, इसका मतलब है कि पति-पत्नी सही से नींद पूरी करना चाहते हैं। उन्हें क्वालिटी स्लीप चाहिए और इसलिए इस ट्रेंड को स्लीप डिवोर्स कहा जा रहा है।
क्यों ले रहे हैं स्लीप डिवोर्स?
अब ये भी जान लीजिए कि कपल्स स्लीप डिवोर्स ले क्यों रहे हैं और भारत इस ट्रेंड को फॉलो करने में नंबर वन माना गया है। पार्टनर के खर्राटे, अलग टाइमिंग, देर रात तक फोन चलाना, स्लीपिंग शेड्यूल के कारण दूसरे की नींद डिस्टर्ब हो जाती है। यही कारण है कि अब कपल्स स्लीप डिवोर्स को काफी पसंद कर रहे हैं।
फायदे क्या हैं-
-अलग-अलग सोने से खर्राटे, बार-बार उठना या मूवमेंट से होने वाली परेशानी खत्म हो जाती है, जिससे क्वालिटी स्लीप मिलती है।
-अच्छी नींद लेने से स्ट्रेस, एंग्जायटी और चिड़चिड़ापन कम होता है, जिससे मूड बेहतर रहता है। मानसिक तनाव कम होता है और काम में ध्यान भी बेहतर लगता है।
-नींद पूरी होने पर कपल्स ज्यादा शांत और समझदार तरीके से बात करते हैं, जिससे छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई कम होती है।
-दोनों पार्टनर्स को अपनी-अपनी स्पेस मिलती है, जिससे रिलेशनशिप में बैलेंस बना रहता है। लोग सोने से पहले मी टाइम पसंद करते हैं।
-अच्छी नींद का असर इम्यूनिटी, हार्ट हेल्थ और ओवरऑल वेलनेस पर पड़ता है। इससे हेल्थ में सुधार होता है और हैप्पी हार्मोन्स जनरेट होते हैं। जब नींद पूरी होती है, तो दिनभर एनर्जी रहती है।
नुकसान भी जान लीजिए-
इमोशनल दूरी- अलग-अलग सोने से कपल्स के बीच इमोशनल (भावनात्मक) जुड़ाव कम हो सकता है। खासकर अगर पहले साथ सोने की आदत रही हो।
कम्युनिकेशन गैप- रात का समय अक्सर दिनभर की बातें शेयर करने का होता है। अलग सोने से ये छोटी-छोटी बातचीत कपल्स के बीच कम हो सकती है।
अकेलापन- अगर पार्टनर को गले लगकर, किस करते हुए या टच के साथ सोने की आदत है, तो अकेलापन महसूस हो सकता है।
इंटिमेसी-रोमांस पर असर- अलग-अलग सोने से सबसे ज्यादा इंटिमेसी और रोमांस पर असर पड़ता है। इससे कपल्स के बीच इंटिमेसी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।
किन लोगों के लिए नहीं है?
हर कपल के लिए स्लीप डिवोर्स नहीं है। स्लीप डिवोर्स में आप सिर्फ अलग-अलग रूम को ही नहीं चुनते बल्कि रिश्ते में दूरी भी बढ़ा सकते हैं। अगर आपको अलग सोने की आदत नहीं है या फिर पार्टनर को ज्यादा लगाव है, तो ये आपके लिए सही नहीं है। अगर आप इस ट्रेंड को अपनी नींद पूरी करने के लिए अपनाना चाहते हैं, तो पहले पार्टनर से खुलकर बात करें। ऐसा करने से कम्युनिकेशन गैप नहीं आएगा और रिश्ते पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। आपकी नींद भी पूरी हो जाएगी और रिश्ता मजबूत भी बना रहेगा।
लेखक के बारे में
Deepali Srivastavaदीपाली श्रीवास्तव पिछले 8 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और 5 सालों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। संस्थान में साल 2021 में वेब स्टोरी से अपने सफर की शुरुआत करने के बाद, वह आज लाइफस्टाइल टीम का अहम हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, यूजर बिहेवियर और पाठकों की रुचि को समझने में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली कंटेंट प्रोफेशनल बनाती है।
करियर का सफर
दीपाली ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2018 में राजस्थान पत्रिका की डिजिटल टीम से की। करियर के शुरुआती दौर से ही वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी रही हैं। इसके बाद उन्होंने इन्शॉर्ट्स, सत्य हिंदी, बॉलीवुडशादीज.कॉम और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर लेखन के साथ-साथ सेलेब्रिटी इंटरव्यू, वीडियो स्टोरीज, फिल्म रिव्यू और रिसर्च-बेस्ड कंटेंट की कवरेज की।
एजुकेशन
दीपाली श्रीवास्तव के पास B.Sc (Mathematics) और मास कम्युनिकेशन की डिग्री है। यही शैक्षणिक पृष्ठभूमि उनके काम में तथ्यों की सटीकता, डेटा-आधारित रिसर्च और कंटेंट की विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।
पत्रकारिता का उद्देश्य
दीपाली का मानना है कि डिजिटल युग में एक पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी फैक्ट-चेकिंग और प्रमाणिक जानकारी देना है। उनका उद्देश्य किसी भी बीट पर काम करते हुए पाठकों तक सही, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे बेहतर और जागरूक निर्णय ले सकें।
विशेषज्ञता
हेल्थ, फिटनेस और किचन हैक्स
ट्रैवल, फैशन, रिलेशनशिप और ब्यूटी
एंटरटेनमेंट बीट
सेलेब्रिटी न्यूज
वीडियो स्टोरीज
फिल्मों के रिव्यू
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


