Valentine Day: प्यार की गहराईयों से उठे दर्द को गुलजार की शायरियों के साथ कर दें बयां

Feb 13, 2026 11:44 pm ISTAparajita लाइव हिन्दुस्तान
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Gulzar Saab Sad Shayari: वैलेंटाइन डे पर टूटे दिल के साथ अपनी माशूका को कर रहे याद तो इन दिल की गहराईयों और अधूरे प्यार के दर्द को लफ्जों में बयां करती शायरी को बना दें व्हाट्सएप का स्टेटस। यहां पढ़े टूटे दिल के दर्द को अल्फाजों में जताती गुलजार साब की शायरियां।

Valentine Day: प्यार की गहराईयों से उठे दर्द को गुलजार की शायरियों के साथ कर दें बयां

14 फरवरी यानी वैलेंटाइन डे। ये दिन मोहब्बत करने वालों के लिए बेहद खास होता है। प्रेमी जोड़े अपने इश्क का इजहार करते हैं। लेकिन जरूरी नहीं कि सबका इश्क मुकम्मल हो जाए। प्यार में टूटे उन आशिकों के लिए गुलजार साहब की ये सैड शायरी। वैलेंटाइन डे स्पेशल गुलजार साहब की शायरी

Gulzar Sahab Ki Shayari In Hindi

  • वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी नफरत भी तुम्हारी थी,

हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे माँगते..

  • वो शहर भी तुम्हारा था वो अदालत भी तुम्हारी थी.

यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता

  • कोई एहसास तो दरिया की अना का होता

बेशूमार मोहब्बत होगी उस बारिश की बूँद को इस ज़मीन से,

यूँ ही नहीं कोई मोहब्बत मे इतना गिर जाता है!

  • आप के बाद हर घड़ी हम ने

आप के साथ ही गुज़ारी है

  • तुम्हारे ग़म के ज़ज़्बातों से उभरेगा कौन,

ग़र हम भी मुक़र गए तो तुम्हें संभालेगा कौन!

  • तुम्हे जो याद करता हूं, मै दुनिया भूल जाता हूँ ।

तेरी चाहत में अक्सर, संभलना भूल जाता हूं ।

  • तुम्हारी ख़ुश्क सी आंखें भली नहीं लगतीं

वो सारी चीज़ें जो तुम को रुलाएँ, भेजी हैं

  • "खता उनकी भी नहीं यारो वो भी क्या करते,

बहुत चाहने वाले थे किस किस से वफ़ा करते !"

  • हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते

वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते

  • मोहब्बत अपनी जगह,

नफरत अपनी जगह

मुझे दोनो है तुमसे.

  • मुझसे तुम बस मोहब्बत कर लिया करो,

नखरे करने में वैसे भी तुम्हारा कोई जवाब नहीं!

  • तजुर्बा कहता है रिश्तों में फैसला रखिए,

ज्यादा नजदीकियां अक्सर दर्द दे जाती है..

  • शाम से आंख में नमी सी है

आज फिर आप की कमी सी है।

  • हम अपनों से परखे गए हैं कुछ गैरों की तरह,

हर कोई बदलता ही गया हमें शहरों की तरह...

  • वो उम्र कम कर रहा था मेरी

मैं साल अपने बढ़ा रहा था

  • मुद्दतें लगी बुनने में ख्वाब का स्वेटर,

तैयार हुआ तो मौसम बदल चुका था!

  • तुम लौट कर आने की तकलीफ़ मत करना,

हम एक ही मोहब्बत दो बार नहीं किया करते!

  • जागना भी काबुल है तेरी यादों में रातभर,

तेरे अहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ!

  • वो चीज जिसे दिल कहते हैं,

हम भूल गए हैं रख कर कहीं!

  • वफा की उम्मीद ना करो उन लोगों से,

जो मिलते हैं किसी और से होते है किसी और के

  • आँखों से आँसुओं के मरासिम पुराने हैं

मेहमाँ ये घर में आएँ तो चुभता नहीं धुआँ

Aparajita

लेखक के बारे में

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शॉर्ट बायो


अपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव


अपराजिता शुक्ला पिछले छह से अधिक सालों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती आ रही हैं। करियर की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल में इंटर्नशिप और फिर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में की। जहां पर उन्हें मिसेज इंडिया 2021 की रनर अप के इंटरव्यू को भी कवर करने का मौका मिला। वहीं अब लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अपराजिता शुक्ला ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बी.कॉम के साथ मास कम्यूनिकेशन की डिग्री ली है।


लेखन शैली और दृष्टिकोण


सरल और बेहद सामान्य भाषा में सेहत, फिटनेस और खान-पान के विषय में जानकारी देने के साथ बॉलीवुड फैशन पर निगाह रखती हैं। एक्टर-एक्ट्रेसेज के फैशन सेंस को आम लड़के-लड़कियों की पसंद-नापसंद के साथ कंफर्ट से जोड़कर टिप्स देना खासियत है। वहीं ट्रेंड में चल रहे विषयों के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले हैक्स और टिप्स को अपने पाठकों तक पहुंचाना पसंद करती हैं।


विशेषताएं:
सेहत और फिटनेस से जुड़ी समस्याओं के निदान और कारण पर विशेषज्ञों की तथ्यपरक जानकारी
बॉलीवुड फैशन और आम लोगों की स्टाइल से जुड़ी जानकारी
ट्रैवल, रिलेशनशिप, कुकिंग टिप्स एंड हैक्स के साथ लाइफ की समस्याओं के निदान पर सरल भाषा में लिखना

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