
जब प्यार में भरोसा टूट जाए तो खुद को कैसे संभालें? दर्द से उभरने में मदद करेंगे सद्गुरु के 5 टिप्स
Sadhguru tips to deal cheating in Relationship : सद्गुरु ऐसे लोगों को सलाह देते हैं कि जीवन का कोई भी अनुभव, चाहे वह कितना भी कड़वा क्यों न हो, आपको तोड़ने के लिए नहीं बल्कि आपको और अधिक जागरूक और मजबूत बनाने के लिए आता है। यह जीवन का कोई अंत नहीं बल्कि खुद को वापस पाने का एक नया अवसर होता है।
जब कोई व्यक्ति प्यार में होता है तो उसे पूरी दुनिया बेहद खूबसूरत और रंगीन नजर आने लगती है। पार्टनर की कही हर बात पर आंख बंद करके भरोसा करने का दिल चाहता है। लेकिन यही व्यक्ति जब प्यार में आपको धोखा देकर आपका दिल तोड़कर आगे बढ़ जाता है तो मानो जमीन आपके पैरों के नीचे से खिसक रही हो। यह दर्द सिर्फ दिल टूटने का नहीं, बल्कि खुद के अस्तित्व पर सवाल उठाने जैसा होता है। यह ऐसा वक्त होता है जब आप जाने-अनजाने या तो खुद को कोसने लगते हैं या फिर नफरत की आग में जलने लगते हैं। लेकिन सद्गुरु ऐसे लोगों को सलाह देते हैं कि जीवन का कोई भी अनुभव, चाहे वह कितना भी कड़वा क्यों न हो, आपको तोड़ने के लिए नहीं बल्कि आपको और अधिक जागरूक और मजबूत बनाने के लिए आता है। यह जीवन का कोई अंत नहीं बल्कि खुद को वापस पाने का एक नया अवसर होता है। आइए जानते हैं प्यार में धोखा खाने के बाद खुद को संभालने के लिए सद्गुरु ने कौन से 5 टिप्स दिए हैं।
1. अपनी भावनाओं से लड़े नहीं बल्कि स्वीकार करें
सद्गुरु कहते हैं कि जो कुछ हो चुका है, उसे स्वीकार करना ही शांति पाने की पहली सीढ़ी है। अगर आप सच्चाई को स्वीकार करने का विरोध करेंगे, तो आपका दर्द और ज्यादा बढ़ जाएगा।आप यह स्वीकार करें कि सामने वाले ने जो किया वह उसकी चेतना का स्तर था। लेकिन ऐसा करते हुए खुद को भी यह समझाएं कि किसी और का व्यवहार आपकी मूल्य तय नहीं करता।
2. अपनी खुशी की जिम्मेदारी खुद लें
सद्गुरु अक्सर कहते हैं, 'आपकी खुशी की चाबी किसी और के हाथ में नहीं होनी चाहिए'। अगर आपकी खुशी इस बात पर टिकी थी कि दूसरा व्यक्ति आपके साथ कैसा व्यवहार करता है, तो आप हमेशा असुरक्षित और दुखी रहेंगे। इस समय का उपयोग अपनी 'इनर इंजीनियरिंग' पर काम करने के लिए करें। अपनी आंतरिक स्थिति को इतना मजबूत बनाएं कि बाहर की उथल-पुथल आपको हिला न सके।
3. कड़वाहट को जहर न बनने दें
धोखा मिलने पर उस व्यक्ति के लिए मन में नफरत आना स्वाभाविक है, लेकिन सद्गुरु चेतावनी देते हैं कि नफरत पालना वैसा ही है जैसे आप खुद जहर पिएं और उम्मीद करें कि मरे कोई और। नाराजगी आपको उसी व्यक्ति से मानसिक रूप से बांधे रखती है जिसने आपको चोट पहुंचाई है। उस व्यक्ति को दूसरे के लिए नहीं, बल्कि खुद की मुक्ति के लिए क्षमा करना जरूरी है।
4. जीवन को एक व्यापक नजरिए से देखें
हम अक्सर एक रिश्ते को ही पूरा जीवन मान लेते हैं। सद्गुरु याद दिलाते हैं कि आप इस धरती पर एक 'जीवन' के रूप में आए हैं, न कि सिर्फ किसी के पार्टनर के रूप में। अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों, योग या ध्यान की ओर मोड़ें। जब आप खुद को एक बड़े उद्देश्य से जोड़ते हैं, तो व्यक्तिगत चोटें छोटी लगने लगती हैं।
5. खुद के साथ समय बिताएं
धोखे के बाद अक्सर लोग तुरंत किसी और रिश्ते की तलाश करने लगते हैं या भीड़ में खो जाना चाहते हैं। लेकिन सद्गुरु सलाह देते हैं कि यह समय अकेले रहकर खुद को गहराई से जानने का है। जब आप अकेले रहकर भी खुश रहना सीख जाते हैं, तो आप भविष्य में अधिक स्पष्टता और मजबूती के साथ रिश्ते चुन पाते हैं।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




