Shayari in Hindi: हवाओं के भरोसे मत उड़…सोमवार के दिन भेजने के लिए यहां से चुनें मोटिवेशनल मैसेज

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एक लंबे वीकेंड के बाद ऑफिस जाना या ऑफिस का काम करने में बिल्कुल भी मन नहीं लगता। ऐसे में सोमवार के दिन बहुत ज्यादा मोटिवेशन की जरूरत होती है। तो मंडे को अपनों के साथ शेयर करने के लिए यहां देखें मोटिवेशनल मैसेज।

Shayari in Hindi: हवाओं के भरोसे मत उड़…सोमवार के दिन भेजने के लिए यहां से चुनें मोटिवेशनल  मैसेज

शनिवार और रविवार को हमारा दिमाग पूरी तरह फ्री होता है। इन दिनों में हम अपनी मर्जी से सोते हैं, जागते हैं और घूमते हैं। फिर सोमवार आते ही अचानक अनुशासन, अलार्म की आवाज, डेडलाइंस और जिम्मेदारियां सामने आ खड़ी होती हैं। इस बदलाव में दोबारा ढलने के लिए थोड़ी बहुत मोटिवेशन की जरूरत होती है। ऐसे में हम लेकर आए हैं कुछ बेहतरीन मोटिवेशनल मैसेज जो दोस्तों के साथ शेयर करने के लिए बेस्ट हैं।

1) लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

2) हवाओं के भरोसे मत उड़,

चट्टानें तूफानों का रुख मोड़ देती हैं,

अपने पंखों पर भरोसा रख, हवाओं के भरोसे तो पतंगें उड़ा करती हैं।

3) जो मुस्कुरा रहा है उसे दर्द ने पाला होगा,

जो चल रहा है उसके पांव में छाला होगा।

बिना संघर्ष के इंसान चमक नहीं सकता,

जो जलेगा उसी दिये में तो उजाला होगा।

4) मिटा दे अपनी हस्ती को अगर कुछ मर्तबा चाहे,

कि दाना खाक में मिलकर गुले-गुलज़ार होता है।

5) हवाओं के भरोसे मत उड़, चट्टानें तूफानों का रुख मोड़ देती हैं,

अपने पंखों पर भरोसा रख, हवाओं के भरोसे तो पतंगें उड़ा करती हैं।

6) जो मुस्कुरा रहा है उसे दर्द ने पाला होगा,

जो चल रहा है उसके पांव में छाला होगा।

बिना संघर्ष के इंसान चमक नहीं सकता,

जो जलेगा उसी दिये में तो उजाला होगा।

7) लगा दो आग पानी में, जवानी उसे कहते हैं,

और छीन लो सिलेक्शन कहानी उसे कहते हैं।

8) मिटा दे अपनी हस्ती को अगर कुछ मर्तबा चाहे,

कि दाना खाक में मिलकर गुले-गुलज़ार होता है।"

9) सलीका जिसने सीखा है हवाओं का रुख बदलने का,

उसी के हौसलों ने रास्ता बदला है जमाने का।

10) तैयारी जितनी खामोशी से होगी,

सफलता उतना ही शोर मचाएगी।

11) मुश्किलें दिल के इरादे आजमाती हैं,

ख्वाबों के परदे निगाहों से हटाती हैं।

मायूस न होना अपने इरादों से ऐ दोस्त,

ठोकरें ही इंसान को चलना सिखाती हैं।"

12) खोल दे पंख मेरे, कहता है परिंदा, अभी और उड़ान बाकी है,

जमीन नहीं है मंजिल मेरी, अभी पूरा आसमान बाकी है।

13) ना पूछो कि मेरी मंज़िल कहाँ है, अभी तो सफ़र का इरादा किया है,

ना हारूंगा हौसला उम्र भर, यह मैंने किसी और से नहीं खुद से वादा किया है।

14) अभी कांच हूं तो चुभ रहा हूं, जिस दिन आईना बनूंगा...

पूरी दुनिया देखती रह जाएगी।

15) जीत के खातिर बस जुनून चाहिए, जिसमें उबाल हो ऐसा खून चाहिए,

यह आसमान भी आएगा जमीन पर, बस इरादों में जीत की गूंज चाहिए।

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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