
बच्चे को लग गई है मोबाइल की लत? मुश्किल से छुटकारा दिलाएंगे प्रेमानंद महाराज के 5 टिप्स
प्रेमानंद महाराज अक्सर अपने सत्संग में आज की पीढ़ी को मोबाइल की लत से बचने की खरी और सटीक सलाह देते हैं। उनके अनुसार, मोबाइल सिर्फ एक साधन है, लेकिन हमने इसे अपना 'स्वामी' बना लिया है।
आज के समय में ज्यादातर माता-पिता की अपने बच्चों से यह शिकायत रहती है कि वो अपना ज्यादातर समय मोबाइल में वीडियो देखने और गेम खेलने में गुजारते हैं। मोबाइल की इस लत ने उन्हें आउट डोर गेम से लेकर पेरेंट्स तक से दूर कर दिया है। प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि आज बच्चे मोबाइल की लत में इतना फंसकर रह गए हैं कि उनकी सुबह की पहली किरण भगवान के दर्शन की जगह मोबाइल स्क्रीन की रोशनी से शुरू होती है और रात को सोने से पहले तक रील्स देखते हुए गुजरती है। इस अंतहीन चक्रव्यूह में फंसे बच्चों को प्रेमानंद महाराज जी बड़े ही सरल शब्दों में चेतावनी देते हुए कहते हैं कि यह मोबाइल कोई साधारण खिलौना नहीं, बल्कि एक ऐसा धीमा जहर है जो आपकी एकाग्रता, आत्मबल और समय की पूंजी को धीरे-धीरे निगल रहा है। महाराज जी के अनुसार, जब तक आप अपने मन की लगाम को कसकर इसे 'साधन' की तरह इस्तेमाल करना नहीं सीखेंगे, तब तक आप इसके गुलाम बने रहेंगे। प्रेमानंद महाराज अक्सर अपने सत्संग में आज की पीढ़ी को मोबाइल की लत से बचने की खरी और सटीक सलाह देते हैं। उनके अनुसार, मोबाइल सिर्फ एक साधन है, लेकिन हमने इसे अपना 'स्वामी' बना लिया है। अगर आपका बच्चा भी मोबाइल की लत में जकड़ा हुआ है तो प्रेमानंद महाराज की ये 5 बातें उसे इस लत से दूर करने में मदद कर सकती हैं।
मोबाइल की लत से बचाएंगे प्रेमानंद महाराज के 5 टिप्स
1. मोबाइल का उपयोग साधन की तरह करें, लत की तरह नहीं
महाराज जी कहते हैं कि जैसे आप प्यास लगने पर पानी का लोटा उठाकर पानी पीकर उसे उसी जगह पर वापस रख देते हैं, वैसे ही मोबाइल का उपयोग केवल जरूरत (काम या जानकारी) के लिए करें। काम खत्म होते ही उसे खुद से दूर कर दें।
2. नियम और मर्यादा का पालन
महाराज जी के अनुसार, मन बहुत चंचल है। अगर इसे खुला छोड़ दिया जाए, तो यह घंटों रील देखने में बर्बाद कर देगा। मोबाइल देखने के लिए दिन में एक निश्चित समय तय करें कि इतने बजे से इतने बजे तक ही मोबाइल छूएंगे। बिना जरूरत के स्क्रीन अनलॉक करने की आदत छोड़ें।
3. 'एकांत' और 'नाम जप' का सहारा
महाराज जी कहते हैं कि मोबाइल की लत असल में मन की शांति की कमी है। ऐसे में जब कभी मोबाइल उठाने का मन करे, तो कम से कम 5-10 मिनट भगवान का नाम जप (जैसे 'राधा-राधा' या अपने इष्ट का नाम) करें। इससे इच्छा शक्ति मजबूत होगी और धीरे-धीरे मोबाइल की लत कम हो जाएगी।
4. गंदगी से बचें
मोबाइल पर अश्लील या व्यर्थ की चीजें देखने को लेकर महाराज जी सख्त चेतावनी देते हैं। वे कहते हैं कि जो आप देखते हैं, वही आपके मन में बस जाता है। गंदा कंटेंट देखने से आपकी बुद्धि नष्ट होती है और आत्मबल गिरता है।
5. सोने से पहले और उठने के बाद की दूरी
महाराज जी सलाह देते हैं कि सुबह उठते ही सबसे पहले मोबाइल नहीं, बल्कि अपने आराध्य का चेहरा या हथेलियां देखनी चाहिए। रात को सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल को दूसरे कमरे में रख दें ताकि नींद और मानसिक शांति प्रभावित न हो।

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