
गोविंदा की टोली क्यों फोड़ती है मटकी? क्या आप जानते हैं दही हांडी मटकी में आखिर क्या रखा होता है?
Dahi Handi Matki : क्या आप जानते हैं आखिर गोविंदा की टोली मटकी क्यों फोड़ती है और दही हांडी की मटकी में क्या भरा होता है? अगर आप भी इन दो सवालों का जवाब जानना चाहते हैं तो पढ़े ये खबर।
सनातन धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। इस साल देशभर में जन्माष्टमी का उत्सव 16 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन कान्हा के भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए व्रत, पूजा-पाठ के साथ भगवान श्री कृष्ण का प्रिय भोग बनाकर प्रसाद में चढ़ाते हैं। जन्माष्टमी के अगले दिन दही हांडी का पर्व मनाया जाता है। दही हांडी खासतौर पर महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, ठाणे, गुजरात, और उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन, गोकुल में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व में लाखों लोग शामिल होते हैं और प्रतियोगिता जीतने वाली टोली को इनाम मिलता है। दही हांडी के पर्व से जुड़ी इतनी जानकारी हो सकता है आपके पास पहले से भी हो लेकिन इससे अलग क्या आप इस सवाल का जवाब भी जानते हैं कि आखिर गोविंदा की टोली मटकी क्यों फोड़ती है और आखिर दही हांडी की मटकी में क्या भरा होता है? अगर आप भी इन दो सवालों का जवाब जानना चाहते हैं तो पढ़े ये खबर।
गोविंदा की टोली दही हांडी क्यों फोड़ती है?
दही हांडी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि कान्हा की नटखट लीलाओं की यादों का उत्सव है। जो हर कृष्ण भक्त के दिल को आनंद और भक्ति से भर देता है। दरअसल, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण को मक्खन अत्यंत प्रिय था। कृष्ण अपने सखाओं के साथ आस-पड़ोस के घरों में मक्खन चोरी करके खाया करते थे। कृष्ण की इस शरारत से परेशान होकर गांव की सभी महिलाएं मक्खन की मटकी को ऊंचाई पर लटकाने लगीं, ताकि कान्हा मक्खन की मटकी तक पहुंच ना सके। लेकिन श्रीकृष्ण ने बिना हार माने अपने ग्वाल-बाल मित्रों के साथ मक्खन चोरी करने का एक अनोखा उपाय खोज निकाला। कृष्ण अपने ग्वाल मित्रों के साथ मिलकर मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकी मटकी तक पहुंचकर मक्खन निकाल लेते थे। इस खेल में कई बार मटकी नीचे गिरकर टूट भी जाया करती थी। धीरे-धीरे यही परंपरा दही हांडी उत्सव में बदल गई।
दही हांडी की मटकी में क्या रखा होता है
दही हांडी में दूध, दही, मक्खन, फल, शहद जैसी चीजें भरकर रस्सियों की मदद से किसी ऊंचे स्थान पर लटका दिया जाता है। जिसके बाद इस हांडी को फोड़ने के लिए प्रशिक्षित नौजवानों की टोली एक दूसरे के कंधों पर चढ़कर मटकी तक पहुंचने की कोशिश करते हुए मटकी को फोड़ती है। मटकी फोड़ने वाली टोली को विशेष पुरस्कार भी दिया जाता है।
दही हांडी के पर्व का संदेश
दही हांडी का पर्व व्यक्ति को संदेश देता है कि लक्ष्य चाहे कितना भी दूर और कठिन क्यों ना हो, उसे हिम्मत और एकता की मदद से हासिल किया जा सकता है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




