कैसे हुई थी प्रॉमिस डे की शुरुआत, जानें क्या है इसका इतिहास और महत्व

Feb 11, 2026 07:13 am ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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History Of Promise Day : वैलेंटाइन वीक का पांचवा दिन यानी 'प्रॉमिस डे', सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि दिल से किया गया वो वादा है, जो दो लोगों के बीच एक अटूट पुल बनाने का काम करता है।

कैसे हुई थी प्रॉमिस डे की शुरुआत, जानें क्या है इसका इतिहास और महत्व

वैलेंटाइन वीक 2026 के पांचवें दिन को दुनियाभर में कपल्स 'प्रॉमिस डे' के रूप में मनाते हैं। इस दिन प्रेमी जोड़े ना सिर्फ एक दूसरे को चॉकलेट और गिफ्ट उपहार में देते हैं बल्कि सच्चे दिल से एक दूसरे से जीवन भर साथ निभाने का वादा भी करते हैं। सच्चा प्यार करने वाला व्यक्ति इस बात से बखूबी वाकिफ होता है कि रिश्तों की खूबसूरती तोहफों या दिखावे से नहीं, बल्कि उस भरोसे से मापी जाती है जो वक्त की हर कसौटी पर खरा उतरे। वैलेंटाइन वीक का पांचवा दिन यानी 'प्रॉमिस डे', सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि दिल से किया गया वो वादा है, जो दो लोगों के बीच एक अटूट पुल बनाने का काम करता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि प्यार की असल बुनियाद 'आई लव यू' कहना नहीं, बल्कि उम्र भर उस साथ को निभाने का वो वादा है जिसे शब्दों से ज्यादा ईमानदारी की जरूरत होती है।

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प्रॉमिस डे का इतिहास

प्यार भरे रिश्ते की नींव रखने वाले दिन, प्रॉमिस डे की शुरुआत आधुनिक समय में वैलेंटाइन वीक के हिस्से के रूप में हुई। जिसके बाद धीरे-धीरे यह दिन लोगों के बीच लोकप्रिय होता गया। हालांकि इस दिन की शुरुआत कैसे हुई, इसका कोई ठोस इतिहास नहीं मिलता, लेकिन प्यार करने वालों के लिए इसका महत्व किसी त्योहार से कम नहीं है। आज कपल्स इस खास दिन को प्यार, भरोसे और भावनात्मक जुड़ाव पैदा करने वाले दिन के रूप में देखते हैं। प्रॉमिस डे हमें यह याद दिलाता है कि सिर्फ प्यार जताना ही नहीं, बल्कि उसे निभाना भी जरूरी है। छोटे-छोटे वादे रिश्ते में विश्वास बढ़ाते हैं और गलतफहमियों को दूर करते हैं।

प्रॉमिस डे का महत्व

प्रॉमिस डे हर साल 12 फरवरी को मनाया जाने वाला सिर्फ एक रोमांटिक जेस्चर नहीं है, बल्कि यह ईमानदारी, वफादारी और लंबे समय के रिश्ते की नींव को मजबूत करने का दिन भी है। इस दिन लवर्स एक-दूसरे से वादा करते हैं कि वो अपने रिश्ते में समझदारी, सपोर्ट और इमोशनल मौजूदगी बनाए रखते हुए एक-दूसरे का जीवन के उतार-चढ़ाव में साथ निभाएंगे, सम्मान देंगे और सहारा भी बनेंगे। ये दिन एक-दूसरे के प्रति वफादार रहने, साथ निभाने और हर अच्छे-बुरे हाल में साथ खड़े रहने का प्रतीक है। इस दिन का इतिहास भले ही आज भी एक रहस्य हो, लेकिन इसका असली मतलब दिल से किए गए वादों में छुपा हुआ होता है। शब्दों से ज्यादा किए गए वादों को निभाने की शक्ति इस दिन को खास बनाती है। यह विश्वास दिलाता है कि आप हर सुख-दुख में साथ रहेंगे।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain

शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।

करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता:
दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।

बहुमुखी प्रतिभा और विजन
उनका पत्रकारीय जुनून केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। वे आधुनिक जीवन की भागदौड़ में रिलेशनशिप की जटिलताएं, ब्यूटी ट्रेंड्स, फैशन, ट्रैवलिंग और फूड जैसे विषयों को भी एक्सपर्ट के नजरिए से कवर करती हैं। मंजू का मानना है कि डिजिटल युग में एक पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी 'फैक्ट-चेकिंग' और प्रमाणिक जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक और बेहतर जीवन निर्णय ले सकें।

कोर एक्सपर्टीज (Core Expertise)
हेल्थ एवं वेलनेस: मेडिकल एक्सप्लेनर, फिटनेस और रिसर्च-आधारित स्वास्थ्य लेख।
लाइफस्टाइल: रिलेशनशिप, ब्यूटी, फैशन, ट्रैवल और किचन हैक्स।
एस्ट्रोलॉजी: अंकज्योतिष, राशिफल और व्रत-त्योहारों का ज्ञान।

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