
'मेरे पति अब मुझसे बात नहीं करते, ना ही कुछ बताते हैं', लाइफ कोच बता रहीं कैसे संभालें रिश्ता!
जब पति अपनी पत्नी से बात करना बंद कर दे, तो रिश्ते में एक इमोशनल डिस्टेंस आ जाता है। ऐसी स्थिति में लाइफ कोच बता रही हैं कि कैसे बातचीत और समझ से रिश्ते को दोबारा सँभाला जा सकता है।
पति-पत्नी का रिश्ता जितना खूबसूरत होता है, उतना ही नाजुक भी। कभी-कभी बिना कुछ किए भी रिश्ते में दूरियां आनी शुरू हो जाती हैं।लाइफ कोच दिशा मोहिते अपनी एक क्लाइंट की स्टोरी शेयर करती हैं। जहां उनकी क्लाइंट शिकायत करती हैं कि अब उनके पति उनसे बातचीत ही नहीं करते, ना ही कुछ शेयर करते हैं। कुछ पूछने पर उनका जवाब आता है कि ऑफिस की टेंशन है, लेकिन बाकी लोगों के साथ उनका बर्ताव बिल्कुल नॉर्मल है। मैं कुछ भी उनके साथ शेयर करूं, तो लगता है उन्हें फर्क ही नहीं पड़ता। ये अकेलापन अब धीरे-धीरे डिप्रेशन बनता जा रहा है। ये कहानी सिर्फ किसी एक की नहीं है, बल्कि कई कपल्स, खासतौर से महिलाएं इस स्थिति से गुजर रही हैं। ऐसी सिचुएशन को कैसे डील करें, आइए लाइफ कोच से जानते हैं।

फेज 1: पहले खुद को समझना है जरूरी
लाइफ कोच दिशा कहती हैं कि पहले चरण में सबसे जरूरी खुद को समझना है। कई बार जब आपकी इमोशनल एनर्जी लो होती है, तो छोटी-छोटी चीजें भी बहुत चुभती हैं। इसलिए पहले अपनी ताकत को पहचाने, जिसके लिए आप छोटी छोटी चीजें कर सकती हैं।
1) रोजाना अपने लिए निकालें 30 मिनट: खुद के इमोशन को बेहतर समझने का तरीका है कि आप अपने साथ बैठें और उन्हें कहीं लिखें। इसके लिए आप एक नोटबुक पर लिख सकती हैं कि आप क्या महसूस कर रही हैं। जब आप अपने इमोशन लिखती हैं, तो वो धीरे धीरे रिलीज होने लगते हैं।
2) छोटी खुशियों से दोबारा जुड़ें: डेली रूटीन में फंसकर लाइफ कई बार काफी बोरिंग हो जाती है, जो आपको इमोशनली ड्रेन महसूस कराता है। इसलिए जरूरी है कि आप छोटी-छोटी खुशियां ढूंढे। अपना मनपसंद खाना बनाएं, म्यूजिक सुनें या कोई भी क्रिएटिव काम करें।
3) अपनी बातें शेयर करें: लाइफ में कोई ऐसा होना जरूरी है, जहां आप बिना जजमेंट के अपनी बात कह सकें। इमोशन अंदर अंदर रखना ठीक नहीं है। कोई दोस्त या फैमिली मेंबर नहीं है, तो काउंसलर या थेरेपिस्ट को कंसीडर कर सकती हैं।
फेज 2: हसबैंड के बिहेवियर को समझें
दिशा कहती हैं कि दूसरे चरण में आपको अपने पति के बर्ताव को समझने की जरूरत है। अक्सर पुरुष अपने इमोशन को एक्सप्रेस नहीं कर पाते हैं। ऐसे में वो 'ऑफिस की टेंशन है या काम का प्रेशर है', जैसी बातें बोलकर चीजों को टालने की कोशिश करते हैं। इसके लिए आप ये 3 चीजें कर सकती हैं।
1) सही वक्त चुनें: अपनी बात कहने के लिए या उनकी बात सुनने के लिए सही वक्त चुनना बेहद जरूरी है। ऐसे में पति के ऑफिस से आते ही या काम के समय ऐसी कोई बात करने से बचें। वीकेंड या कोई शांत मोमेंट चुनें, जब आप ये बातें कह सकती हैं।
2) सॉफ्ट एंट्री लाइन ट्राई करें : सीधा अपनी बात कहने से बचें, ये बिना वजह लड़ाई की जड़ बन सकता है। शायद आपकी बात भी ठीक से ना हो पाए। इसकी जगह सॉफ्ट एंट्री लाइन ट्राई करें जैसे 'तुम थोड़ा शांत लग रहे हो, सब ठीक है?' या 'मैं बस ये चाहती हूं कि हम थोड़ा समय एक साथ बिताएं बिना प्रेशर के।'
3) उनके छोटे टॉपिक में इंटरेस्ट दिखाना: अगर वो कोई भी रैंडम बात आपके साथ शेयर करते हैं, जैसे कोई ऑफिस की बात या मैच या फिर न्यूज, तो उसे सुनो और अपना इंटरेस्ट भी शो करो। इससे वो आपके ज्यादा ज्यादा सेफ फील करेंगे और आगे भी बातें बढ़ेंगी।
फेज 3: बिना बातों के कनेक्शन वापस लाओ
कोच दिशा कहती हैं कि कई बार सिर्फ बातें करना काफी नहीं होता है। बल्कि इसकी जगह साथ होना ज्यादा पावरफुल होता है। इसलिए कोशिश करें कि आप अपने पार्टनर के साथ बिना बातों के भी कनेक्शन को वापस लाएं। इसके लिए आप साथ में कोई सीरीज या मूवी देख सकते हैं, वॉक पर जा सकते हैं, डिनर या चाय साथ में पी सकते हैं। ऐसे में नेचुरली बातें निकलकर आती है और बॉन्ड भी मजबूत होता है।

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




