Mother's Day 2026 Shayari: रुके तो चांद जैसी है, चले तो हवाओं जैसी है...मदर्स डे के लिए हार्ट टचिंग 75+ शायरियां

Avantika Jain लाइव हिन्दुस्तान
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मदर्स डे को लोग अपने-अपने अंदाज में यह द‍िन सेल‍िब्रेट करते हैं। हालांकि आजकल सेलिब्रेशन का एक तरीका ड‍िजिटल भी है। मदर्स डे के खास मौके पर मां को यहां दी गई शायरी में से एक भेजें।  

Mother's Day 2026 Shayari: रुके तो चांद जैसी है, चले तो हवाओं जैसी है...मदर्स डे के लिए हार्ट टचिंग 75+ शायरियां

10 मई को मदर्स डे हैं। ये दिन हर मां के लिए खास होता है, क्योंकि इस दिन बच्चों से लेकर बड़े तक मां के लिए कुछ खास प्लानिंग करने की कोशिश करते हैं। डिजिटल दुनिया के दौर में ज्यादातर लोद मां को व्हॉट्सएप और फेसबुक पर मैसेज भेजकर विश करना पसंद करते हैं। अगर आप भी मां को इस खास दिन की बधाई फोन पर देना चाहते हैं तो यहां से चुनें बेस्ट शायरी।

1)मां की एक हंसी पर वार दूं सारी खुशियां,

उसके एक आंसू पर हार जाऊं सारी दुनिया।

मेरी पहचान बस इतनी सी है यारों,

मैं वही हूं जिसे मेरी मां ने दुआओं में मांगा।

हैपी मदर्स डे

2) जब भी कभी मैं खुद को अकेला पाता हूं,

मां की यादों के साये में सो जाता हूं।

दुनिया भले ही कितनी भी मतलबी क्यों न हो,

मैं मां की निस्वार्थ ममता में सुकून पाता हूं।

हैपी मदर्स डे

3) वो कंधे जिस पर बैठकर मेला देखा था,

वो हाथ जिसने चलना सिखाया था।

कैसे भूल सकता हूं उन एहसानों को मैं,

जिन्होंने मुझे गिरकर संभलना सिखाया था।

हैपी मदर्स डे

4) मां ठंडी छांव है, मां धूप में साया है,

मां ने ही मुझे इंसान बनना सिखाया है।

जितना भी लिखूं मां के बारे में कम है,

मां ने ही मेरे जीवन को स्वर्ग बनाया है।

हैपी मदर्स डे

5) तेरी ममता की छांव में पला हूं मां,

तेरी उंगली पकड़ कर चला हूं मां।

भले ही आज मैं बड़ा हो गया हूं,

पर तेरे लिए तो मैं आज भी वही लल्ला हूं मां।

हैपी मदर्स डे

6) मेरे हिस्से की खुशी भी तुझे मिल जाए,

तेरे हिस्से का गम मुझे मिल जाए।

तू बस मुस्कुराती रहे हमेशा यूं ही,

चाहे मेरी उम्र भी तुझे लग जाए।

हैपी मदर्स डे

7) जन्नत का हर लम्हा दीदार किया था,

जब मां ने गोद में लेकर प्यार किया था।

मैं कैसे कहूं कि मैं अकेला हूं इस दुनिया में,

जब मेरी मां ने हर कदम पर मेरा साथ दिया था।

हैपी मदर्स डे

8) चाहें कितनी भी बड़ी मुसीबत आ जाए,

मां का चेहरा देख कर सब भूल जाता हूं।

उसकी आंखों में जो अटूट विश्वास है,

वही पाकर मैं हर जंग जीत जाता हूं।

हैपी मदर्स डे

9) मां की ममता का कोई मोल नहीं होता,

उस जैसा दुनिया में कोई अनमोल नहीं होता।

भले ही मिल जाएं रिश्ते हजारों जहां में,

पर मां जैसा कोई वफादार नहीं होता।

हैपी मदर्स डे

10) मां के बिना जीवन एक रेगिस्तान जैसा है

जहां प्यास तो है पर पानी का निशान नहीं।

मां के होने से ही बहारें आती हैं घर में,

उसके बिना तो खुशियों का कोई नाम नहीं।

हैपी मदर्स डे

11) संसार के सारे सुख एक तरफ रख दिए जाएं,

और मां का थोड़ा सा प्यार एक तरफ।

पलड़ा हमेशा मां के प्यार का ही भारी रहेगा,

क्योंकि खुदा ने भी मां को खुदा से ऊपर रखा है।

हैपी मदर्स डे

12) कभी डांटती है, कभी पुचकारती है,

मां ही तो है जो मेरी बिगड़ी संवारती है।

चाहे मैं कितनी भी गलतियां क्यों न करूं,

वो हर बार मुझे सीने से लगा लेती है।

हैपी मदर्स डे

13) मां की दुआ खाली नहीं जाती,

उसकी बददुआ टाली नहीं जाती।

बर्तन मांज कर भी तीन-चार बच्चे पाल लेती है मां,

मगर तीन-चार बच्चों से एक माँ पाली नहीं जाती।

हैपी मदर्स डे

14) ममता का दरिया, त्याग की मूरत है,

मेरी मां खुदा की सबसे सुंदर सूरत है।

मांगने पर तो खुदा भी सब कुछ दे देता है,

पर बिन मांगे जो दे, वो मां की फितरत है।

हैपी मदर्स डे

15) मां का प्यार वो चिराग है जो कभी बुझता नहीं,

मां का आशीर्वाद वो सुरक्षा कवच है जो टूटता नहीं।

जिसने अपनी मां को खुश रखा इस दुनिया में,

उससे खुदा भी कभी रूठता नहीं।

हैपी मदर्स डे

मदर्स डे के लिए मैसेज

16) धूप बहुत तेज थी मगर मैं जला नहीं,

क्योंकि मां का आंचल मेरे सिर पर तना था।

रास्ते बहुत पथरीले थे मगर मैं गिरा नहीं,

क्योंकि मां का हाथ मेरे हाथों में थमा था।

हैपी मदर्स डे

17) जन्नत का दरवाजा मां के कदमों के नीचे है,

सारे तीर्थों का पुण्य मां की सेवा के पीछे है।

भटकने की जरूरत नहीं दर-बदर तुझे,

सच्चा सुख तो मां की मुस्कान के पीछे है।

हैपी मदर्स डे

18) मां है तो हर दिन त्यौहार जैसा है,

मां है तो हर पल उपहार जैसा है।

शुक्रिया उस खुदा का जिसने मां बनाई,

उसका प्यार तो बहती हुई गंगा की धार जैसा है।

हैपी मदर्स डे

19) शब्द नहीं मेरे पास जो मां का बखान करूं,

बस इतना कहूंगा कि मां के चरणों में अपना सर्वस्व दान करूं।

हैप्पी मदर्स डे मेरी प्यारी मां,

दुआ है कि हर जन्म में तुझे ही अपनी मां के रूप में पाऊं।

हैपी मदर्स डे

20) वो घर घर नहीं रहता जहां मां नहीं होती,

वहां खुशियों की कोई सुबह नहीं होती।

सजा लो चाहे जितना भी मखमल के बिस्तर,

मां की गोद जैसी कहीं नींद नहीं होती।

हैपी मदर्स डे

21) ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते हैं,

जहां में जिसका अंत नहीं उसे मां कहते हैं।

सबकी जिंदगी में भले ही लाखों दोस्त हों,

पर जो सबको भूलकर साथ दे उसे मां कहते हैं।

हैपी मदर्स डे

22) हर इंसान के जीवन में वह सबसे खास होती है,

दूर होते हुए भी वह दिल के पास होती है।

जिसके सामने सिर झुकाने से सुकून मिलता है,

वह और कोई नहीं, बस एक 'मां' होती है।

हैपी मदर्स डे

23) किसी ने पूछा कि वो कौन सी जगह है जहां हर गुनाह माफ है,

मैंने मुस्कुराकर कहा कि मेरे मां का दिल बिल्कुल साफ है।

दुनिया की अदालत में तो वकील और गवाह चाहिए,

पर मां की गोद में हर खता का इंसाफ है।

हैपी मदर्स डे

24) दवा असर न करे तो नजर उतारती है,

मां है जनाब, वो हार कहां मानती है।

थक कर जब सो जाता हूं मैं गोद में उसकी,

वही तो है जो मेरी खामोश सिसकियां पहचानती है।

हैपी मदर्स डे

25) रुके तो चांद जैसी है, चले तो हवाओं जैसी है,

वो मां ही है जिसकी ममता दुआओं जैसी है।

चाहे कितनी भी मुश्किल घड़ी क्यों न आए,

मां की छांव हमेशा ठंडी घटाओं जैसी है।

हैपी मदर्स डे

26) खुद भूखी रहकर मुझे खिलाती है,

मेरी खुशी के लिए अपनी हस्ती मिटाती है।

अजीब जादू है मेरी मां के हाथों में,

चोट मुझे लगती है और दर्द उसे होता है।

हैपी मदर्स डे

27) पूछता है जब कोई कि दुनिया में जन्नत कहां है,

मैं मुस्कुराकर कहता हूं कि मेरी मां जहां है।

उसी के आंचल में सारा जहां सिमट आता है,

मेरे लिए तो मेरी मां ही मेरा खुदा है।

हैपी मदर्स डे

28) सख्त राहों में भी सफर आसान लगता है,

ये मेरी मां की दुआओं का असर लगता है।

जब भी लौट कर आता हूं मैं घर को,

मां का चेहरा देख कर ही घर, घर लगता है।

हैपी मदर्स डे

29) लिखने को तो पूरी किताब लिख दूं,

मां की ममता का हर हिसाब लिख दूं।

पर शब्द कम पड़ जाते हैं उसकी तारीफ में,

वो तो वो है जिसके कदमों में पूरा कायनात लिख दूं।

हैपी मदर्स डे

30) ना जाने कैसे वो सब कुछ सह लेती है,

बिना कहे ही मेरी हर बात पढ़ लेती है।

दुनिया की नजरों में भले ही मैं कुछ भी हूं,

पर मां की नजरों में मैं आज भी उसका छोटा बच्चा हूं।

हैपी मदर्स डे

31) मां के बिना पूरा घर बिखर जाता है,

वही तो है जो हर रिश्ते को सजाता है।

उसके बिना खुशियां भी अधूरी लगती हैं,

मां का होना ही जिंदगी को महकाता है।

हैपी मदर्स डे

32) अंधेरे में भी जो राह दिखाए वो मां है,

ठोकर लगने पर जो हाथ थामे वो मां है।

भीड़ में जब खुद को तन्हा पाता हूं मैं,

सिर पर जो हाथ फेरे वो अहसास ही मां है।

हैपी मदर्स डे

33) झुकता है सिर मेरा बस मां के चरणों में,

जन्नत की खुशबू है उसकी आहटों में।

भले ही मैं पूरी दुनिया जीत लूं,

पर असली सुकून है मां की बाहों में।

हैपी मदर्स डे

34) खुशनसीब हैं वो जिनके सिर पर मां का हाथ है,

हर मुश्किल में जिनके साथ मां का साथ है।

दुनिया की नजरें तो बदल सकती हैं किसी भी वक्त,

पर मां का प्यार तो सदा ही एक समान है।

हैपी मदर्स डे

35) मां ही है जो हार को जीत में बदल देती है,

हौसला कम हो तो नई उम्मीद भर देती है।

जब भी मैं थक कर हार मानने लगता हूं,

मां की एक झलक ही फिर से खड़ा कर देती है।

हैपी मदर्स डे

36) सारे दुखों को अपने आंचल में समेट लेती है,

हर खुशी को मेरे कदमों में बिछा देती है।

मेरी मां सा सादगी भरा इंसान नहीं देखा,

जो पत्थर को भी अपनी दुआओं से मोम कर देती है।

हैपी मदर्स डे

37) मेरी पहली गुरु, मेरी पहली दोस्त है मां,

मेरी हर सफलता की सबसे बड़ी गवाह है मां।

तुझसे ही शुरू और तुझ पर ही खत्म हो मेरी जिंदगी,

मेरे जीने की सबसे खूबसूरत वजह है मां।

हैपी मदर्स डे

38) दौलत कमानी पड़ती है, शोहरत बनानी पड़ती है,

पर मां की ममता तो विरासत में मिलती है।

लाख जतन कर लो इसे खरीदने के लिए,

ये वो अनमोल रतन है जो नसीब वालों को मिलती है।

हैपी मदर्स डे

39) सारे जहां की खुशियां एक तरफ,

मां की मीठी सी लोरी एक तरफ।

सो जाता था चैन से जब वो सिर थपथपाती थी,

वो बचपन की यादें और मां की गोद एक तरफ।

हैपी मदर्स डे

40) तारीफ क्या करूं मैं उसकी जिसने मुझे बनाया है,

अपनी रूह से काटकर एक नया जिस्म सजाया है।

ऋणी रहूंगा मैं उसका सात जन्मों तक,

जिसने मुझे इस रंगीन दुनिया में लाया है।

हैपी मदर्स डे

41) लबों पर उसके कभी बद्दुआ नहीं होती,

बस एक मां है जो कभी खफा नहीं होती।

सारे रिश्ते वक्त के साथ बदल जाते हैं,

पर मां की ममता कभी कम नहीं होती।

हैपी मदर्स डे

42) जब भी कश्ती मेरी मझधार में डूबने लगती है,

मां की दुआएं उसे किनारे तक ले आती हैं।

दुनिया लाख कोशिश कर ले मुझे गिराने की,

मां की फिक्र मुझे हर बार संभाल लेती है।

हैपी मदर्स डे

43) नींद अपनी भुलाकर सुलाया हमको,

आंसू अपने गिराकर हंसाया हमको।

कभी दर्द न देना उस खुदा की मूरत को,

जमाना कहता है 'मां' जिसे बनाया खुदा ने हमको।

हैपी मदर्स डे

44) मंजिल दूर और सफर बहुत है,

छोटी सी जिंदगी की फिक्र बहुत है।

मार डालती ये दुनिया कब की हमें,

पर ‘मां’ की दुआओं में असर बहुत है।

हैपी मदर्स डे

45) घेर लेने को जब भी बलाएं आ गईं,

ढाल बनकर मां की दुआएं आ गईं।

मुसीबत ने जब भी मुझे डराने की कोशिश की,

मेरे पास मेरी मां की सदाएं आ गईं।

हैपी मदर्स डे

46) खुदा का रूप है मां

खुदा ने मां को कुछ ऐसी शक्ति दी है,

उसकी ममता में ही जन्नत की भक्ति दी है।

हैपी मदर्स डे

47) मंदिर गया, मस्जिद गया, ना जाने कहां-कहां गया,

पर सुकून तो सिर्फ माँ के पैरों में ही मिला।

खुदा को ढूंढने की हसरत अब खत्म हो गई,

क्योंकि मां को देखा तो रब से भी बड़ा सिला मिला।

मदर्स डे

48) हजारों गम हों फिर भी मैं खुशी से फूल जाता हूं,

जब हंसती है मेरी मां, मैं सब भूल जाता हूं।

लोग कहते हैं कि खुदा की इबादत करो,

मैं तो माँ के चरणों को ही काबा मान आता हूँ।

49) उसके होने से ही घर में उजाला रहता है,

वह ना हो तो दिल हमेशा खाली रहता है।

माँ की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी दौलत है,

उसके बिना तो मेरा हर त्यौहार फीका रहता है।

हैपी मदर्स डे

50) तेरी सूरत को देख कर सुकून मिलता है,

जैसे तपती धूप में कोई साया मिलता है।

तू ही मेरी पहली और आखिरी मोहब्बत है मां,

तुझसे ही मुझे जीने का नया बहाना मिलता है।

हैपी मदर्स डे

51) रुके तो चांद जैसी है,

चले तो हवाओं जैसी है,

वो मां ही है जो धूप में भी छांव जैसी है।

हैपी मदर्स डे

52) मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा सब घूम आए हम,

पर जो सुकून मां के पैरों में मिला वो कहीं नहीं मिला।

हैपी मदर्स डे

53) ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते हैं,

नीचे जिसका अंत नहीं उसे मां कहते हैं।

हैपी मदर्स डे

54) मां के बिना जीवन एक रेगिस्तान जैसा है,

जहां प्यास तो है पर पानी का निशान नहीं।

मां के होने से ही बहारें आती हैं घर में,

उसके बिना तो खुशियों का कोई नाम नहीं।

हैपी मदर्स डे

55) संसार के सारे सुख एक तरफ रख दिए जाएं,

और मां का थोड़ा सा प्यार एक तरफ।

पलड़ा हमेशा मां के प्यार का ही भारी रहेगा,

क्योंकि खुदा ने भी मां को खुदा से ऊपर रखा है।

हैपी मदर्स डे

56) कभी डांटती है, कभी पुचकारती है,

मां ही तो है जो मेरी बिगड़ी संवारती है।

चाहे मैं कितनी भी गलतियां क्यों न करूं,

वो हर बार मुझे सीने से लगा लेती है।

हैपी मदर्स डे

57) पूछने की जरूरत नहीं रब कहां रहता है,

उसने हर मां के रूप में अपनी अभिव्यक्ति दी है।

हैपी मदर्स डे

60) एक मुद्दत से मेरी मां सोई नहीं है,

मैंने एक बार कहा था कि मुझे डर लगता है।

हैपी मदर्स डे

61) दुनिया की नजर में मैं कितना भी बड़ा हो जाऊं,

मां की गोद में आज भी सुकून का घर लगता है।

हैपी मदर्स डे

62) हर घर में मंदिर हो ये जरूरी तो नहीं,

पर हर घर में मां हो ये बहुत जरूरी है।

हैपी मदर्स डे

63) मूर्तियों को पूजने से पहले मां को पूज लेना,

क्योंकि उसके बिना हर इबादत अधूरी है।

हैपी मदर्स डे

64) मां के चेहरे को देख कर मुस्कुरा लिया करो,

क्या पता किस्मत में हज का सवाब लिखा हो।

हैपी मदर्स डे

65) किताबों में तो ज्ञान बहुत मिल जाएगा तुम्हें,

पर मां की आंखों में जिंदगी का जवाब लिखा हो।

हैपी मदर्स डे

66) तपते बदन पर जब मां हाथ फेरती है,

मानो सारी बीमारी पल भर में भाग जाती है।

हैपी मदर्स डे

67) दुनिया की महंगी दवाइयां वो काम नहीं करतीं,

जो मां की एक दुआ और फूंक कर जाती है।

हैपी मदर्स डे

68) रुला कर भी जो खुद रोने लगती है,

वही तो इस जहां में मां कहलाती है।

हैपी मदर्स डे

69) चाहें कितना भी बुरा कह दूं मैं गुस्से में,

अगले ही पल वो खाना खिलाने चली आती है।

हैपी मदर्स डे

70) उसकी दुआओं से ही मेरी तकदीर संवरती है,

वो मां ही है जो मुझे हर बला से बचाती है।

हैपी मदर्स डे

71) कदम जहां भी रखूं मैं कामयाबी के लिए,

पीछे से उसकी दुआओं की सदा आती है।

हैपी मदर्स डे

72) जन्नत के हर नजारे को मैंने मां में देखा है,

खुदा के हर इशारे को मैंने मां में देखा है।

हैपी मदर्स डे

73) नहीं जरूरत मुझे किसी दर पर झुकने की,

दुनिया के सबसे ऊंचे मीनारे को मैंने मां में देखा है।

हैपी मदर्स डे

74) मेरी दुनिया में इतनी जो शोहरत है,

ये मेरी मां की बदौलत ही तो दौलत है।

हैपी मदर्स डे

75) लोग पूछते हैं मुझसे मेरी कामयाबी का राज,

मैं कहता हूं मेरे पास मेरी मां की ममता है।

हैपी मदर्स डे

76) जिंदगी की पहली उस्ताद भी मां होती है,

दुखों में भी जो साथ दे वो मां होती है।

77) कहां तलाशते हो तुम खुदा को दोस्तों,

इंसान के रूप में साक्षात खुदा भी मां होती है।

हैपी मदर्स डे

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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