Fathers Day Poems: फादर्स डे पर शब्दों में बयां करें अपना प्यार, पापा को भेजें ये 5 दिल छू लेने वाली कविताएं
हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है। इस साल ये दिन 21 जून को मनाया जाएगा। इस खास मौके पर पापा को 5 दिल छू लेने वाली कविताएं भेजें। यहां पढ़े पापा पर लिखी गईं बेहतरीन कविताएं-

फादर्स डे मनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य पिताओं, उनके प्यार, त्याग और हमारे जीवन में उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देना है। हर साल की तरह इस साल भी फादर्स डे जून महीने के तीसरे रविवार यानी 21 जून को मनाया जाएगा। इस दिन की अपने पापा से शब्दों में प्यार बयां करना है तो यहां पढ़ें फादर्स डे के लिए कविताएं।
1) पकड़कर उंगली मेरी, मुझे चलना सिखाया,
खुद भूखे रहे, पर मुझे भरपेट खिलाया।
मेरी हर एक छोटी जिद के आगे वो हार जाते,
वो पापा ही हैं, जो अपनी खुशियां मुझ पर लुटाते।
जब भी गिरा मैं, उन्होंने ही मुझे उठाया,
दुनिया के हर डर से, हमेशा मुझे बचाया।
उनके साए में खुद को महफूज पाता हूं,
पापा, आपकी कमी में मैं अक्सर रो जाता हूं।
2) एक कमीज फटी सी, पर माथे पर शिकन नहीं,
उनके जैसा त्यागी, देखा मैंने कोई इंसान नहीं।
अपने जूतों के छेद वो छुपाते रहे,
और मेरे लिए नए खिलौने लाते रहे।
कंधों पर जिम्मेदारियों का भारी बोझ उठाया,
पर चेहरे पर हमेशा मुस्कुराना ही सिखाया।
खुशियां हमारी दुनिया की उनके दम से हैं,
पापा हैं तो हम हैं, वरना हम बहुत कम हैं।
3) घर की वो मजबूत दीवार हैं पापा,
बिना कहे सब समझ जाएं, वो प्यार हैं पापा।
धूप चाहे कितनी भी तेज़ हो बाहर,
जो छांव दे दे, वो बरगद का साया हैं पापा।
कठोर ऊपर से, पर अंदर से मोम जैसे हैं,
ढूंढ लूं पूरी दुनिया, पर पापा आप जैसे कहाँ कोई हैं?
आपकी डांट में भी छुपा एक दुलार है,
आपसे ही तो रोशन मेरा सारा संसार है।
4) जब आईने में खुद को देखता हूं आज,
तो आपकी ही छवि मुझमें नजर आती है।
वही बात करने का लहजा, वही चलने का अंदाज,
आपकी हर सीख मुझे याद आती है।
चाहता हूं मैं भी आपके जैसा बन पाना,
सबकी खुशियों के लिए खुद को भूल जाना।
रहूं न रहूं मैं इस जहां में कल,
पर आपकी सीख रहेगी मेरे साथ हर पल।
5) याद आता है पापा, आपका वो डांटना और पुकारना,
देर से घर आने पर, वो चिंतित होकर निहारना।
आज सब कुछ है मेरे पास इस ज़िंदगी में,
बस कमी है तो आपकी, इस सूनी बंदगी में।
आपकी कमी का अहसास हर पल तड़पाता है,
जब भी कोई मुश्किल आए, आपका चेहरा याद आता है।
काश एक बार फिर से आपका वो हाथ मिल जाए,
तो इस भटके हुए राही को उसकी मंजिल मिल जाए।
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