पति ध्यान दें! अपने पेरेंट्स के लिए पत्नी से ये 1 बात कभी ना कहें
शादी के बाद पति और पत्नी के बीच सिर्फ प्यार ही नहीं, समझ और सम्मान भी जरूरी होता है। खासकर पेरेंट्स और वाइफ के बीच संतुलन बनाते समय पति की कही एक बात भी रिश्ते को चोट पहुंचा सकती है।

शादी के बाद सिर्फ दो लोग एक साथ नहीं आते, बल्कि दोनों के परिवार भी इस रिश्ते का हिस्सा बन जाते हैं। खासकर इंडियन फैमिलीज में पति के माता-पिता और पत्नी के बीच रिश्ते को लेकर कई तरह की उम्मीदें होती हैं। ऐसे में पति की भूमिका काफी अहम हो जाती है। पत्नी चाहती है कि उसका पति उसके साथ खड़ा रहे, वहीं माता-पिता के लिए भी उसका प्यार और जिम्मेदारी बनी रहे। यही बैलेंस कई बार मुश्किल हो जाता है।
ऐसे समय में पति अगर पत्नी से कुछ ऐसा कह दे जिससे उसे लगे कि उसकी भावनाओं की कोई कीमत नहीं है, तो रिश्ते में दूरी आ सकती है। रिलेशनशिप कोच चेतना के अनुसार, पति को पत्नी से एक बात हमेशा कहने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पत्नी को ऐसा फील हो सकता है कि शादी के बाद उसकी जगह हमेशा दूसरे नंबर पर रहेगी।
पति को पत्नी से कौन-सी बात नहीं कहनी चाहिए?
- रिलेशनशिप कोच चेतना के अनुसार, पति को पत्नी से यह नहीं कहना चाहिए कि 'मेरे माता-पिता ही मेरी पहली प्रायोरिटी हैं और तुम्हें उनके लिए हर हाल में समझौता करना ही होगा।'
- सुनने में यह बात माता-पिता के सम्मान से जुड़ी लगती है, लेकिन पत्नी के लिए इसका मतलब कुछ और हो सकता है। उसे लग सकता है कि उसकी भावनाओं, जरूरतों और परेशानियों को पति उतनी अहमियत नहीं देता है।
पत्नी को क्यों चुभ सकती है ये बात?
- अगर पति बार-बार कहता है कि उसके माता-पिता सबसे ऊपर हैं, तो पत्नी को लग सकता है कि शादी के बाद भी वह इस परिवार में हमेशा बाहर की ही रहेगी।
- हर रिश्ते में थोड़ा समझौता करना पड़ता है। लेकिन अगर पति पहले से ही कह दे कि पत्नी को ही हर बार समझौता करना होगा, तो रिश्ता बराबरी वाला नहीं रह जाता। समझौता दोनों तरफ से हो तो रिश्ता मजबूत होता है।
- पति के लिए माता-पिता बहुत खास होते हैं और पत्नी भी उसके जीवन का जरूरी हिस्सा है। इन दोनों रिश्तों की तुलना करना जरूरी नहीं है।
- पति को यह समझना चाहिए कि पत्नी से प्यार करने का मतलब माता-पिता से दूर होना नहीं है।
तो पति को क्या करना चाहिए?
- पति को पत्नी से यह कहने के बजाय कि 'तुम्हें ही एडजस्ट करना होगा', उसकी बात सुननी चाहिए। अगर ससुराल में किसी बात को लेकर परेशानी है, तो पहले यह समझने की कोशिश करें कि पत्नी को दिक्कत किस बात से हो रही है।
- कई बार पत्नी को सिर्फ यह भरोसा चाहिए होता है कि उसका पति उसकी बात सुनेगा और जरूरत पड़ने पर उसके साथ खड़ा रहेगा।
- माता-पिता की देखभाल और सम्मान करना पति की जिम्मेदारी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि पत्नी की हर बात को इग्नोर कर दिया जाए।
पत्नी से कैसे बात करें?
मुश्किल बात को ऑर्डर की तरह कहने के बजाय प्यार और समझ के साथ बात करें। जैसे, 'मेरे माता-पिता मेरे लिए बहुत जरूरी हैं, लेकिन तुम्हारी परेशानी भी मेरे लिए उतनी ही मायने रखती है। हम मिलकर इसका हल निकालेंगे।' ऐसी बात पत्नी को यह महसूस करा सकती है कि वह इस रिश्ते में अकेली नहीं है।


