लड़के की सैलरी नहीं, फैमिली भी देखें! इन 3 परिवारों में ना करें बेटी की शादी, भविष्य में हो सकती है परेशानी!
Relationship Tips: बेटी के लिए रिश्ता ढूंढ रहे हैं, तो सिर्फ लड़के की सैलरी नहीं उसकी फैमिली भी काफी मैटर करती है। ये 3 चीजें अगर आपको उस परिवार में नजर आएं तो सावधान होने की जरूरत है, क्योंकि आगे बेटी को एडजस्ट करने में परेशानी हो सकती है।

शादी के लिए अच्छा लड़का ढूंढना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उसके परिवार को समझना। कई बार सब कुछ बाहर से बिल्कुल सही दिखाई देता है, लेकिन शादी के बाद परिवार का असली माहौल सामने आता है। लड़का जिस घर में पलकर बड़ा होता है, उसकी सोच, आदतें और रिश्तों को देखने का नजरिया काफी हद तक उसी माहौल से बनता है। इसलिए लड़की की शादी तय करते समय सिर्फ लड़के की नौकरी, कमाई या अच्छे व्यवहार को देखकर फैसला करना सही नहीं होता, इसके लिए परिवार के माहौल को देखना भी उतना ही जरूरी है। जब भी बेटी की शादी के लिए रिश्ता देखने जाएं तो लड़के के परिवार के माहौल को देखने के लिए इन तीन चीजों का ध्यान जरूर रखें।
जिस घर में लड़के की मां का पूरा कंट्रोल हो
ऐसे परिवारों से सावधान रहना चाहिए जहां मां का अपने बेटे पर इतना ज्यादा कंट्रोल हो कि उसके जीवन के हर छोटे बड़े फैसले में उसकी मां का फैसला ही आखिरी हो। मां बेटे में प्यार होना अच्छी बात है लेकिन बेटे पर मां का पूरी तरह से कंट्रोल होना सही नहीं। ऐसे घर में जब बेटे की शादी होती है तो मां उसे बहू की तरह नहीं बल्कि एक कंपटीशन की तरह देखने लगती है। ऐसे घरों में बहू को परिवार का हिस्सा नहीं समझा जाता।
इस तरह के परिवार में लड़की के लिए अपनी जगह बनाना बहुत मुश्किल होता है, साथ ही ऐसे परिवार में पति-पत्नी के रिश्ते को खुलकर विकसित होने का मौका नहीं मिल पाता। इसलिए अगर आपको लगे कि लड़का अपनी मां के सामने अपनी कोई राय नहीं रख पाता, तो ऐसे घर में अपनी बेटी देने से पहले अच्छे से सोच विचार जरूर करें।
जहां घर की महिलाएं ही महिलाओं के साथ भेदभाव को सही मानती हों
ऐसे घर में भी अपनी बेटी की शादी करने से बचे, जहां पर घर की महिलाएं ही महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार को सही मानती हो, और परंपरा के नाम पर इसे सहन करना ही औरत का फर्ज समझती हो। अगर परिवार की महिलाएं खुद यह मानती हैं कि पत्नी का काम केवल पति की जरूरतें पूरी करना है, तो नई बहू से भी वही उम्मीद की जाती है।
ऐसे घरों में अक्सर यह नहीं देखा जाता कि पति अपनी पत्नी के साथ कैसा व्यवहार कर रहा है, बल्कि यह देखा जाता है कि पत्नी उसकी कितनी सेवा कर रही है। बेटी की शादी करने से पहले उसके नए परिवार के बार में यह समझना जरूरी है कि परिवार महिलाओं को बराबरी और सम्मान की नजर से देखता है या नहीं। क्योंकि परिवार के इसी सोच पर आपकी बेटी की खुशियां डिपेंड करती हैं।
जहां पुरुषों के गलत व्यवहार को भी सही माना जाता हो
कुछ परिवार ऐसे होते हैं जहां पुरुष चाहे कितना भी गलत व्यवहार करें, फिर भी उन्हें कभी जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता। घर के बाकी लोग उनके गुस्से, लापरवाही या गलत आदतों को यह कहकर नजरअंदाज कर देते हैं कि पुरुष ऐसे ही होते हैं। ऐसे माहौल में बड़े होने वाले बच्चे भी अक्सर वही बातें सीखते हैं जो उन्होंने घर में देखी होती हैं।
भले ही बेटा अपने पिता की कुछ आदतों को पसंद ना करता हो, लेकिन कई बार वह अनजाने में उसी तरह के व्यवहार को सामान्य मानने लगता है। बाद में वह भी अपने रिश्ते में वही सुविधाएं और विशेष अधिकार चाहता है जो उसने अपने पिता को मिलते हुए देखे थे। इसलिए ऐसे घर में अपनी बेटी की शादी करने से बचे जहां के मर्द चाहे जैसा व्यवहार करें लेकिन उन्हें पूजनीय ही माना जाता हो।


