
दूध में हरी मिर्च डालने से क्यों जम जाता है दही? जानें सही तरीका और फायदे
कई बार ऐसा होता है कि दूध से दही जमाने के लिए जामन नहीं होता है। अगर आपके सामने ये सिचुएशन आए तो आप हरी मिर्च से भी दही जमा सकते हैं। यहां जानें हरी मिर्च से दही कैसे जम जाता है।
दही एक बढ़िया प्रोबायोटिक है। इसे भारतीय घरों में ज्यादातर लोग दही के जामन से जमाते हैं। पुराने जमाने का एक हैक भी काफी लोकप्रिय है जिसमें दूध में हरी मिर्च डालकर भी दही जम जाता है। यह दही जामन वाले दही जैसा ज्यादा गढ़ा तो नहीं होता लेकिन इसमें भी अच्छे बैक्टीरिया होते हैं और दही ना होने के केस में आपके लिए बढ़िया ट्रिक है। अब सवाल यह उठता है कि मिर्च से दही कैसे जम सकता है? क्या यह दही भी उतना फायदेमंद होता है? चलिए जानते हैं।
क्यों जम जाता है मिर्च से दही
दूध और हरी मिर्च डालकर दही जमाना नया नहीं बल्कि दादी-नानी के जमाने का नुस्खा है। मिर्च से दही जमने के पीछे भी साइंटिफिक रीजन है। हरी मिर्च में भी दही जमाने वाले लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया होते हैं। ये बैक्टीरिया मिर्च की स्किन और डंठल के पास होते हैं। जब गुनगुने दूध में मिर्च डाली जाती है तो ये बैक्टीरिया मल्टीप्लाई होने लगते हैं। यह दूध की लैक्टोज शुगर को लैक्टिग एसिड में बदल देते हैं। लैक्टिक एसिड बनते ही दूध का पीएच कम हो जाता है। दूध में जो कैसीन प्रोटीन होता है वह एक खास पीएच (6.5 से 6.7) पर स्टेबल रह पाता है। पीएच घटते ही यह जमने लगता है।
कौन ज्यादा फायदेमंद
हरी मिर्च में ये बैक्टीरिया होने के अलावा ऐस्कॉर्बिक एसिड यानी विटामिन सी भी होता है। ये भी प्रोटीन के स्ट्रक्चर को बदल देते हैं और दूध का दही जम जाता है। बात करें कि दोनों में से कौन ज्यादा फायदा करता हैं तो दोनों ही अच्छे हैं। मिर्च वाले दही में अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया मिल जाते हैं जो आपके पेट के लिए अच्छे हैं। घर के दही से जमाने पर आपको एक खास तरह के ही बैक्टीरिया मिलेंगे।
कैसे जमाएं दही
दूध को उबाल लें। इसका तापमान कम होने दें। एकदम ठंडा नहीं करना है, गुनगुना रहने दें। मिर्च को पानी में धोएं। इसको रगड़कर नहीं धोना है वरना स्किन पर मौजूद अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाएंगे। मिर्च का डंठल तोड़कर मिर्च और डंठल दोनों दूध में डाल दें। कपड़े से ढंककर इसे पूरी रात रखा रहने दें। ध्यान रखें इसे फ्रिज में नहीं रखना है। ठंड हो तो ऐसी जगह कपड़े से लपेटकर रखें जहां ठंडक न हो। बैक्टीरिया मल्टीप्लाई होने के लिए दूध का तापमान 40 से 50 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। रात भर रखा रहने दें सुबह आपका दही तैयार हो जाएगा।

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Kajal Sharmaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




