ना मैदा, ना गेहूं, ना सूजी! फिर भी इतनी खस्ता मठरी, इस आटे से बनाएं
अगर आप बिना मैदा, सूजी और गेहूं के एकदम खस्ता मठरी बनाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी आपके काम आएगी। एक खास आटे से बनी यह मठरी स्वाद के साथ लंबे समय तक करारी भी रहती है।

मठरी का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में मैदा या गेहूं के आटे से बनी नमकीन की तस्वीर आती है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सोचा है कि बिना मैदा, बिना सूजी और बिना गेहूं के भी उतनी ही खस्ता और स्वादिष्ट मठरी बन सकती है? अगर नहीं, तो यह रेसिपी आपको जरूर पसंद आएगी। इसमें सिर्फ एक खास तरह के आटे का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे बनी मठरी बाहर से करारी और अंदर से हल्की बनती है। आइए जानते हैं इस आसान और स्वादिष्ट रेसिपी के बारे में।
इस एक आटे से बनेगी करारी मठरी
अगर आप मैदा, सूजी और गेहूं से अलग कुछ बनाना चाहते हैं, तो चावल के आटे से बनी यह मठरी एक बेहतरीन ऑप्शन है। इसका स्वाद अलग होता है और यह अच्छी तरह तलने पर बहुत खस्ता बनती है।
सामग्री
एक कप चावल का आटा
स्वादानुसार नमक
आधा छोटा चम्मच काली मिर्च
आधा छोटा चम्मच कलौंजी
एक छोटा चम्मच सफेद तिल
आठ से दस बारीक कटे करी पत्ते
दो बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
एक छोटा चम्मच लाल मिर्च के टुकड़े
एक बड़ा चम्मच गर्म तेल
जरूरत के अनुसार गर्म पानी
तलने के लिए तेल
ऐसे बनाएं खस्ता मठरी
स्टेप 1: एक बड़े बर्तन में चावल का आटा, नमक, काली मिर्च, कलौंजी, सफेद तिल, करी पत्ता, हरा धनिया और लाल मिर्च के टुकड़े डालकर अच्छी तरह मिला लें।
स्टेप 2: अब इसमें एक बड़ा चम्मच गर्म तेल डालें और हाथों से अच्छी तरह मिलाएं। इससे मठरी ज्यादा करारी बनेगी।
स्टेप 3: अब थोड़ा-थोड़ा गर्म पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंथ लें।
स्टेप 4: आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। इन्हें दो साफ प्लास्टिक की शीट्स के बीच रखकर हल्के हाथ से दबाते हुए गोल आकार दें।
स्टेप 5: कड़ाही में तेल गर्म करें और मध्यम आंच पर मठरी को दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें।
स्टेप 6: तली हुई मठरी को पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद एयर टाइट कंटेनर में भरकर रखें।
खस्ता मठरी बनाने के आसान टिप्स
- गर्म तेल डालकर ही आटा तैयार करें।
- आटा गूंथने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें।
- मठरी को बहुत पतला या बहुत मोटा ना रखें।
- हमेशा मध्यम आंच पर तलें।
- ठंडी होने के बाद ही डिब्बे में भरें।
मजेदार नाश्ता! शाम की चाय हो, बारिश का मौसम या मेहमानों की अचानक दस्तक, यह मठरी हर मौके पर बढ़िया नाश्ता साबित होती है। इसे हरी चटनी, टमाटर की चटनी या दही के साथ भी परोसा जा सकता है।
लेखक के बारे में
Shubhangi Guptaपरिचय एवं अनुभव
शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।
करियर का सफर
लाइव हिंदुस्तान में शुभांगी लाइफस्टाइल टीम का हिस्सा हैं, जहां वह हेल्थ, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी, फूड और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार कर रही हैं।
विशेषज्ञता
शुभांगी की लेखन शैली की खास बात यह है कि वह जटिल विषयों को भी बेहद सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने में भी सहायक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह एक्सपर्ट्स की राय, रिसर्च और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़कर ऐसे ‘हैंडी टिप्स’ साझा करती हैं जिनसे पाठक खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
पुरस्कार
लाइव हिंदुस्तान में काम करते हुए शुभांगी को ज्यादा रीडर एंगेजमेंट के लिए मंथली अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके कंटेंट की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। डिजिटल ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझना उनकी बड़ी ताकत है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।
और पढ़ें

