गैस पर नहीं, धूप में बनता है असली गुलकंद! जानें 4 चीजों से बनने वाली रेसिपी
Traditional Gulkand Recipe: अगर आपको लगता है कि गुलकंद बनाना मुश्किल है, तो एक बार यह आसान तरीका जरूर देखिए। सिर्फ चार चीजों और कुछ दिनों की धूप में तैयार होगा खुशबूदार और स्वादिष्ट गुलकंद।

बाजार से खरीदा हुआ गुलकंद तो आपने कई बार खाया होगा, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसे घर पर बनाना कितना आसान है? असली गुलकंद किसी मशीन में नहीं, बल्कि धूप की गर्माहट में धीरे-धीरे तैयार होता है। यही वजह है कि इसका स्वाद और खुशबू दोनों अलग होते हैं।
पहले के समय में जब गुलाब का मौसम आता था, तो घरों में ताजी पंखुड़ियों से गुलकंद बनाया जाता था और कई दिनों तक धूप में रखा जाता था। धीरे-धीरे चीनी पिघलती थी, गुलाब की पंखुड़ियां नरम होती थीं और पूरा घर उसकी भीनी-भीनी खुशबू से महक उठता था। अगर आप भी बिना आर्टिफिशियल चीजों के घर का बना गुलकंद खाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें।
गुलकंद बनाने के लिए क्या चाहिए?
ताजी गुलाब की पंखुड़ियां
चीनी
केसर
इलायची
बनाने का आसान तरीका
- स्टेप 1: गुलाब की पंखुड़ियों को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद उन्हें साफ कपड़े पर फैलाकर पूरी तरह सूखा लें। ध्यान रखें कि पंखुड़ियों में बिल्कुल भी नमी ना रहे, क्योंकि इससे गुलकंद जल्दी खराब हो सकता है।
- स्टेप 2: एक साफ और सूखा कांच का जार लें। सबसे पहले उसमें गुलाब की पंखुड़ियों की एक लेयर बिछाएं। अब उसके ऊपर अच्छी मात्रा में चीनी डालें। फिर थोड़ा-सा केसर और इलायची छिड़क दें। इसी तरह एक के बाद एक लेयर से पूरा जार भद दें। सबसे ऊपर भी चीनी की हल्की परत जरूर रखें।
- स्टेप 3: जार का ढक्कन अच्छी तरह बंद करें। करीब 15 से 20 दिनों तक इसे रोज धूप दिखाएं। हर दो-तीन दिन में साफ और सूखे चम्मच से इसे हल्का-सा मिला दें। धीरे-धीरे चीनी अपने आप पिघलने लगेगी और गुलाब की पंखुड़ियां गाढ़े, मीठे और खुशबूदार मिश्रण में बदल जाएंगी। यही है असली ट्रेडिशनल गुलकंद।
घर का बना गुलकंद क्यों होता है खास?
- धूप में धीरे-धीरे बनता है: तेज आंच पर पकाने की बजाय धूप की गर्मी में बनने से इसका स्वाद और खुशबू दोनों बेहतर बने रहते हैं।
- आर्टिफिशियल चीज कोई नहीं: इस रेसिपी में अलग से कोई आर्टिफिशियल चीज नहीं डाली जाती। चीनी ही इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखती है।
- हर चम्मच में गुलाब की खुशबू: घर का बना गुलकंद बाजार वाले गुलकंद की तुलना में ज्यादा खुशबूदार और फ्रेश लगता है।
गुलकंद के पारंपरिक फायदे
- आयुर्वेद में गुलकंद को ठंडक देने वाला बताया गया है।
- गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक और आराम पहुंचाने के लिए किया है।
- कई लोग इसे पाचन को आराम देने और मुंह के छालों में भी उपयोगी मानते हैं। हालांकि, इसे किसी बीमारी के इलाज की तरह नहीं मानना चाहिए।
इन बातों का ध्यान!
जार पूरी तरह साफ और सूखा होना चाहिए। इसमें गीला चम्मच बिल्कुल ना डालें, रोजाना अच्छी धूप दिखाए और तैयार होने के बाद हमेशा ढक्कन बंद करके रखें।
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