बच्चे को लगी फोन की आदत छुड़ाने के लिए महिला ने अपनाए 7 रूल्स, आप भी कर सकते हैं फॉलो
आजकल बच्चे बहुत कम उम्र से ही फोन का इस्तेमाल करने लगे हैं। कुछ बच्चे फोन के साथ घंटों बिता देते हैं। अगर आपका बच्चा भी बहुत ज्यादा फोन यूज करता है तो इस आदत को छुड़ाने के लिए आप 7 रूल्स अपनाएं।

आजकल हर किसी की सुबह मोबाइल फोन को देखने से होती है और रात भी मोबाइल में रील्स स्क्रॉल करके होती है। फोन अगर एक मिनट के लिए भी आंखों से दूर हो जाए तो टेंशन होने लगती है और लोग बेसब्र होकर फोन खोजने लगते हैं। मोबाइल देखने का चसका बड़ों के साथ बच्चों में भी बढ़ता जा रहा है। कम उम्र में ही बच्चे फोन में वीडियोज देखना और किड्स रील्स को स्क्रॉल करना पसंद करते हैं। बच्चों में फोन देखने की ये एक ऐसी लत बन गई है कि वह इसे बिना देखे खाना तक नहीं खाते हैं। बच्चों में हो रहे इस डिजिटल एडिक्शन को कम करने के लिए एक महिला ने अपने 9 साल के बच्चे के लिए कुछ रूल्स सेट किए। इन रूल्स की मदद से उन्होंने बच्चे की फोन देखने की आदत को पूरी तरह से छुड़वा दिया। जानिए क्या हैं वह रूल्स और इन्हें आप कैसे फॉलो कर सकते हैं।
1) सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक नो स्क्रीन टाइम
बहुत से बच्चे स्कूल जाने से पहले भी मोबाइल फोन देखकर जाना और वापिस आते ही फिर से फोन चलाना पसंद करते हैं। ऐसे में इस रूल को सेट करें आप टाइमिंग बच्चे के रूटीन के मुताबिक आगे पीछे कर सकते हैं। शाम के समय जब बच्चा फोन नहीं चलाएगा तो वह अपना समय बाहरी गेम खेलने, होमवर्क पूरा करने या फिर अपनी पसंग की एक्टिविटी को पूरा करने में बिताएगा।
2) खाने के समय कोई टीवी नहीं देखेगा
आप एक रूल सेट करें कि खाने के समय ना बच्चे फोन देखेंगे और ना ही घर को कोई भी बड़ा फोन देखेगा। महिला ने बताया कि जैसे ही उन्होंने ये रूल सेट किया वैसे ही एक हफ्ते बाद डिनर के समय पर सभी ने बातचीत करना शुरू कर दिया।
3) रिवॉर्ड की तरह स्क्रीन टाइम
महिला ने बच्चे को चैलेंज दिए और उसे पूरा करने पर रिवॉर्ड की तरह स्क्रीन टाइम मिला। जैसे 30 मिनट रीडिंग करने पर 30 मिनट का स्क्रीन टाइम मिला, एक घंटा बाहर खेलने पर एक घंटे के लिए स्क्रीन टाइम मिला।
4) सुबह उठने के एक घंटे बाद का समय स्क्रीन फ्री
सुबह उठने के बाद बच्चे को विचारों को डेवलप होने के लिए एक घंटे का समय जरूरी है। इस रूल के बाद से बच्चे के उठने के बाद के पहले घंटे में उसने रीडिंग, ड्रॉइंग, बाहर खेलना और बातचीत करना शुरू कर दिया।
5) फोन दूसरे रूम में रखें
फोन को बच्चे के कमरे में ना रखकर महिला उसे ऐसी जगह पर रखती थीं जो उनकी निगरानी में हो। उनका मानना है कि 9 साल की उम्र में बच्चों का दिमाग इस चीज के साथ मोल भाव नहीं कर सकता है कि उन्हें किस समय पर फोन नहीं चलाना। इसलिए वह फोन को हमेशा दूसरे रूम में रखती थीं।
6) पहले खुद छोड़े स्क्रॉलिंग
अगर आप चाहती हैं कि आपका बच्चा फोन ना चलाए या फोन देखना बंद कर दे तो पहले खुद स्क्रॉलिंग करना बंद करें। बच्चे आपको सुनने से ज्यादा देखकर सीखते हैं।
7) शिकायतों पर नियम का बचाव ना करना
हो सकता है कि बच्चों को ये नियम पसंद ना आएं और वह इनकी शिकायत भी करें। लेकिन आपको उन्हें रूल समझाने या आप ऐसा क्यों कर रहे हैं की जरूरत नहीं है।


