
जन्म के कुछ दिन बाद ही गोरा बच्चा क्यों दिखने लगता है काला, डॉक्टर अनुराधा ने बताई 3 खास वजह
Reasons Why Babies Change Their Colour After Birth : अगर आप भी अपने बच्चे के अचानक बदलते रंग से परेशान हो रहे हैं और इसके पीछे छिपा वास्तविक कारण जानना चाहते हैं तो टेंशन छोड़िए, फेमस बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा ने बच्चों के बदलते रंग के पीछे छिपे 3 वैज्ञानिक कारणों के बारे में जानकारी दी है।
आमतौर पर परिवार में जब कोई बच्चा पैदा होता है तो घर के सभी सदस्य उसकी गुलाबी उजली रंगत देखकर निहाल हो जाते हैं। लेकिन कई बार जन्म के कुछ हफ्ते बाद ही बच्चे का गुलाबी रंग धीरे-धीरे सांवला या काला पड़ने लगता है। पड़ोसी-रिश्तेदार जब बच्चे के रंग पर सवाल उठाते हैं तो पेरेंट्स बुरा महसूस करने लगते हैं। जिसके बाद बच्चे की नाजुक त्वचा पर हल्दी, चंदन और आटा लगाने जैसे कई एक्सपेरिमेंट किए जाते हैं। जो बच्चे की त्वचा को और ज्यादा रूखा और काला बना देते हैं। अगर आप भी अपने बच्चे के अचानक बदलते रंग से परेशान हो रहे हैं और इसके पीछे छिपा वास्तविक कारण जानना चाहते हैं तो टेंशन छोड़िए, फेमस बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा ने बच्चों के बदलते रंग के पीछे छिपे 3 वैज्ञानिक कारणों के बारे में जानकारी दी है। डॉ. अनुराधा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करके बताया है कि आखिर पैदाइश के समय गोरे दिखने वाले बच्चे कुछ समय बाद सांवले या काले क्यों नजर आने लगते हैं।
क्या कहती हैं डॉक्टर अनुराधा
डॉक्टर अनुराधा कहती हैं कि उनके पास अकसर कई पेरेंट्स यह शिकायत लेकर आते हैं कि उनके बच्चे अपनी पैदाइश के समय गोरे या गुलाबी रंग के थे, जो समय के साथ सांवले होते जा रहे हैं। क्या आप उनके लिए कोई क्रीम लिख देंगे। डॉक्टर अनुराधा कहती हैं कि इस लेख में आपको साइंस पर आधारित 3 ऐसे कारण बताएंगे, जिनकी वजह से आपके बच्चे का रंग बदलता है।
बच्चे के बदलते रंग के पीछे छिपे होते हैं ये 3 कारण
1. मेलानिन का सक्रिय होना (Melanin Production)
जन्म के समय शिशु की त्वचा में मेलानिन (वह पिगमेंट जो त्वचा को रंग देता है) का स्तर बहुत कम होता है। जैसे-जैसे बच्चा बाहरी दुनिया और सूरज की रोशनी के संपर्क में आता है, उसका शरीर प्राकृतिक रूप से मेलानिन बनाना शुरू कर देता है। यही कारण है कि जन्म के वक्त 'गुलाबी' दिखने वाला बच्चा कुछ हफ्तों बाद अपने वास्तविक जेनेटिक रंग (जो उसे माता-पिता से मिला है) में आने लगता है।
2. पीलिया या जॉन्डिस (Physiological Jaundice)
ज्यादातर नवजात शिशुओं को जन्म के बाद शुरुआती दिनों में हल्का पीलिया होता है। इसके कारण त्वचा और आंखों में हल्का पीलापन नजर आ जाता है, जिसके ठीक होते ही त्वचा का रंग थोड़ा गहरा या 'डार्क' दिख सकता है। डॉ. अनुराधा के अनुसार, यह एक सामान्य प्रक्रिया है जो लिवर के पूरी तरह सक्रिय होते ही ठीक हो जाती है, लेकिन इस दौरान रंग बदला हुआ महसूस होता है।
3. पतली त्वचा और रक्त प्रवाह (Thin Skin & Blood Circulation)
नवजात बच्चों की त्वचा बहुत पतली और पारदर्शी होती है, जिससे उनके शरीर की रक्त वाहिकाएं (Blood vessels) साफ दिखती हैं और बच्चा प्रसव के तुरंत बाद, लाल या गुलाबी नजर आता है। जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है, रक्त संचार बेहतर होता है और कुछ दिनों से लेकर हफ्तों में रंग धीरे-धीरे सामान्य हो जाता है। उसकी त्वचा की परतें मोटी होने लगती हैं और बाहरी वातावरण (हवा और तापमान) के कारण त्वचा की ऊपरी परत थोड़ी सख्त हो जाती है, जिससे उसका रंग जन्म के मुकाबले गहरा दिखने लगता है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




