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बच्चे को प्ले स्कूल भेजने की सही उम्र क्या है, ज्यादातर पैरेंट्स करते हैं ये गलती

बच्चे को प्ले स्कूल भेजने की सही उम्र क्या है, ज्यादातर पैरेंट्स करते हैं ये गलती

संक्षेप:

बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी होता है स्कूल। लेकिन बच्चे को किस उम्र में प्ले स्कूल भेजना चाहिए, इसे लेकर ज्यादातर पैरेंट्स कन्फ्यूज रहते हैं। चलिए आपको सही उम्र और इसके फायदों के बारे में बताते हैं।

Nov 23, 2025 10:43 am ISTDeepali Srivastava लाइव हिन्दुस्तान
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बच्चे को लेकर ज्यादातर पैरेंट्स के मन में कई सवाल होते हैं, जिसमें सबसे अहम होता है उसे स्कूल में कब डालें। कुछ वर्किंग पैरेंट्स बच्चे को स्कूल भेजने की जल्दी में रहते हैं, जिससे बच्चा सीखें और उन्हें भी थोड़ा समय मिल सकें। ज्यादातर पैरेंट्स बच्चे को पढ़ाने और सिखाने के चक्कर में जल्दबाजी कर देते हैं और स्कूल में दाखिला करा देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, बच्चे को स्कूल में डालने की सही उम्र क्या होती है। अक्सर लोग इसे लेकर कन्फ्यूज रहते हैं और किसी और के बच्चे को स्कूल जाते देख अपने बच्चे को भी भेजने लगते हैं।

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सही उम्र क्या है

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चे को स्कूल भेजने की सही उम्र 2 से 3 साल के बीच मानी जाती है। लेकिन हर बच्चे का विकास अलग होता है, ऐसे में आपको अपने हिसाब से सही समय चुनना चाहिए। बच्चा सही से बोलने लगे, खाने-पीने लगे, टॉयलेट बताने लगे तभी उसे स्कूल भेजना चाहिए। ऐसे में वह सेफ रह सकता है, वरना स्कूल में वह परेशान और अनसेफ फील करेगा। ढाई से 3 साल की उम्र प्ले स्कूल में डालने की सबसे सही उम्र मानी जाती है। इस उम्र में बच्चों का तेजी से विकास होता है और वो जल्दी सीखते हैं।

पैरेंट्स करते हैं ये गलती

वैसे तो आजकल प्री-स्कूल या प्ले स्कूल में एडमिशन दिलाने का फैशन हो चुका है, लेकिन कुछ पैरेंट्स बच्चे को कम उम्र में ही ज्यादा तेज बनाने के चक्कर में सीधा नर्सरी में एडमिशन दिला देते हैं। ये गलत है। प्ले स्कूल में जाने से बच्चे का अलग विकास होगा और वह कई चीजें सीखेगा। सीधा नर्सरी में भेजना उसके दिमाग के लिए अच्छा नहीं होगा।

प्ले स्कूल के फायदे

जो बच्चे एक दूसरे से कम घुलते-मिलते हैं, उन्हें बच्चों के साथ घुलने-मिलने में आसानी होती है। उनका सामाजिक विकास तेजी से होता है और कम बोलने वाले बच्चे भी बोलना सीख लेते हैं। खेलकूद के साथ पढ़ाई और सीखने में भी मन लगता है। हर पैरेंट्स को सही उम्र में बच्चे को स्कूल भेजना चाहिए और उसकी हर एक्टिविटी पर नजर भी रखनी चाहिए। इससे आप बच्चे की ग्रोथ को सही तरीके से समझ पाएंगे। बच्चे को टीचर का नाम लेकर डराए नहीं, इससे बच्चा स्कूल जाने में रोएगा।

Deepali Srivastava

लेखक के बारे में

Deepali Srivastava
दीपाली श्रीवास्तव लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं। इन्होंने गणित विषय से BSc की डिग्री ली है। जागरण इंस्टीट्यूट से मास कम्यूनिकेशन में तीन साल की डिग्री ली है। लाइव हिंदुस्तान से पहले ये अमर उजाला, इनशॉर्ट्स, सत्य हिंदी, राजस्थान पत्रिका जैसे संस्थानों में काम कर चुकी हैं। इन्हें साढ़े छह साल का मीडिया इंडस्ट्री में अनुभव है। शुरू से ही मनोरंजन बीट पर काम करती रही हैं। इस सेक्शन से जुड़ी स्टोरी लिखना और पढ़ना दोनों ही इन्हें काफी पसंद है। पुराने संस्थानों में फिल्मों के रिव्यू, सुनिए सिनेमा जैसे न्यूज वीडियो और सेलेब्स इंटरव्यू किए हैं। इन्हें घूमना, कहानी या कविता लिखना और फिल्में देखना काफी पसंद है। और पढ़ें

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