
आप भी बच्चों की पुरानी दवाई संभाल कर रखती हैं? जाने कैसे जानलेवा हो सकती है ये आदत!
संक्षेप: अक्सर देखा जाता है कि कई माएं अपने बच्चों की पुरानी दवाइयां संभाल कर रखती हैं, ताकि अगली बार जरूरत पड़ने पर वही दवा काम आ सके। लेकिन बच्चों की सेहत के मामले में यह आदत काफी खतरनाक साबित हो सकती है।
अक्सर देखा जाता है कि कई माएं अपने बच्चों की पुरानी दवाइयां संभाल कर रखती हैं, ताकि अगली बार जरूरत पड़ने पर वही दवा काम आ सके। लेकिन बच्चों की सेहत के मामले में यह आदत काफी खतरनाक साबित हो सकती है। डॉ मोबीन के अनुसार, दवाओं की एक्सपायरी और उनके इस्तेमाल का तरीका बहुत मायने रखता है। पुरानी या एक्सपायर्ड दवाएं बच्चे के शरीर पर उल्टा असर डाल सकती हैं। खासतौर पर सिरप, जिन्हें खोलने के बाद उन्हें इस्तेमाल करने की डेट काफी कम हो जाती है। इसलिए अगर आप अपने बच्चे की सेहत का ध्यान रखना चाहती हैं, तो यह जानना जरूरी है कि पुरानी दवाओं का दोबारा इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए और दवाइयां को इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है।

बोतल खुलने के बाद बदल जाती है सिरप की एक्सपायरी डेट
डॉक्टर बताती हैं कि हर सिरप की बॉटल पर एक एक्सपायरी डेट लिखी होती है, लेकिन ये एक्सपायरी डेट सिर्फ सील बंद बोतल के लिए होती है। क्योंकि जैसे ही आप सिरप की बॉटल को खोल देते हैं, सिरप की क्वालिटी धीरे-धीरे कम होने लगती है। ऐसे में एक बार बॉटल खुलने के बाद, उसे कुछ दिनों तक ही इस्तेमाल करना सही रहता है। जैसे अमॉक्सिलिन सिरप की बॉटल खुलने के बाद केवल 7 दिन तक ही इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं सामान्य बुखार या खांसी की दवाएं, जैसे कफ सिरप, आदि की बॉटल खुलने के बाद एक महीने से ज्यादा समय तक नहीं रखी जानी चाहिए।
गलत तरीके से रखी दवा हो सकती है हानिकारक
डॉक्टर के अनुसार, जब दवा की बॉटल एक बार खुल जाए, तो उसे धूप, गर्मी या सीलन वाली जगह पर नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से सिरप की क्वालिटी खराब हो जाती है। कई बार सिरप का रंग, स्वाद और महक भी बदल जाती है, जो इस बात का संकेत है कि दवा का इस्तेमाल करना अब सेफ नहीं है। इस तरह की दवाएं बच्चों को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान दे सकती हैं।
एक्सपायरी सिरप से होने वाले नुकसान
पुरानी या एक्सपायर्ड दवा देने से सबसे पहले उसका असर खत्म हो जाता है, यानी बच्चा ठीक नहीं होता। डॉक्टर कहती हैं कि ऐसी दवाओं से बच्चों को उल्टी, दस्त, एलर्जी, या स्किन पर रैशेज हो सकते हैं। कई बार इससे लीवर और किडनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है। अगर दवा एंटीबायोटिक है, तो उसका गलत इस्तेमाल एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस पैदा कर सकता है, जिससे भविष्य में किसी भी बीमारी के इलाज में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बच्चों को दवा देने का सही तरीका
डॉक्टर सलाह देती हैं कि जब भी आप कोई नई दवा खोलें, तो उसकी बॉटल पर 'ओपनिंग डेट' जरूर लिखें। ताकि पता रहे कि कब तक उसका इस्तेमाल सुरक्षित है। दवाओं को हमेशा बच्चों की पहुंच से दूर और ठंडी, ड्राई जगह पर रखें। एक और जरूरी बात यह है कि अगर कोई सिरप एक बच्चे के लिए लिखा गया है, तो उसे दूसरे बच्चे को कभी ना दें, क्योंकि हर बच्चे की बीमारी और शरीर की जरूरत अलग होती है। सबसे महत्वपूर्ण बात, किसी भी बीमारी में बिना डॉक्टर की सलाह के पुरानी दवा कभी ना दें। हर बार नई समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह लेकर ही बच्चे को सही दवा दें।

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




