बच्चे को हमेशा काटते हैं मच्छर? बचाव के लिए आजमाएं ये नेचुरल रेमेडीज
बरिश के इस मौसम में मच्छर बहुत ज्यादा पनपने लगते हैं। ऐसे में बच्चों को इनसे बचाना बहुत जरूरी है। यहां हम एक नेचुरल रेमेडी शेयर कर रहे हैं जिसे अपनाकर आप बच्चों को मच्छरों से बचा सकते हैं।

बारिश के मौसम में मच्छर सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। दरअसल बारिश की वजह से पानी जमा हो जाता है और इस गंदे पानी में मच्छर तेजी से पनपने लगते हैं। इस मौसम में मच्छरों से होने वाली बीमारियां भी तेजी से फैलती हैं इसलिए बचाव बहुत जरूरी है। अगर आपके घर में छोटा बच्चा है तो मच्छरों से उसका बचाव करने के लिए कुछ नेचुरल रेमेडीज को अपनाएं।
कैसे बनाए मच्छर भगाने वाला तेल
इस तेल को बनाने के लिए आपको जरूरत होगी नारियल का तेल, कोल्ड-प्रेस्ड नीम का तेल और एसेंशियल ऑयल की। इस तेल को बनाने के लिए 1 भाग नीम के तेल को 10 भाग नारियल के तेल के साथ मिलाएं। इस मिक्स को एक स्प्रे बोतल में डालें और इसे अपने कपड़ों और शरीर के खुले हिस्सों पर लगाएं, लेकिन चेहरे पर न लगाएं। नारियल का तेल मॉइस्चराइजर का काम करता है। वहीं नीम का तेल मच्छरों को दूर रखने के गुणों के लिए जाना जाता है। एसेंशियल ऑयल पूरी तरह से ऑप्शनल है खुशबू के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तेलल का इस्तेमाल 6 महीने और उससे ज्यादा उम्र के बच्चों पर किया जा सकता है।
नोट- हर बच्चा अलग होता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले कृपया पैच टेस्ट जरूर करें और चेहरे पर लगाने से बचें। छोटे बच्चों के लिए आप इस तेल को और भी पतला कर सकते हैं।
मच्छरों से निपटने के लिए नेचुरल तरीके
- इस तरीके के लिए नीम की फ्रेश पत्तियों को लें। अब एक बर्तन में पानी गर्म करें और फिर इसमें नीम की पत्तियों को डालें। अच्छी तरह से उबलने के बाद पानी को छान लें और फिर इस पानी का इस्तेमाल करके घर में पोंछा लगाएं। नीम का पानी कुछ हद तक मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकता है, नीम की गंध मच्छरों को बेकार लगती है। जिसकी वजह से मच्छर दूर रहते हैं हालांकि इसका असर सीमित समय तक रहता है।
- इस नुस्खे के लिए नीम की सूखी पत्तियां और कपूर को जलाएं। इसे जलाने से निकलने वाला धुआं कुछ समय के लिए मच्छरों को दूर रख सकता है। दरअसल कपूर की तेज खुशबू मच्छरों को कुछ समय के लिए दूर कर सकती है। नीम का धुआं भी कुछ कीड़ों को भगाने वाला प्रभाव दिखा सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि धुआं कमरे में भरना हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है, खासकर बच्चों, बुज़ुर्गों या सांस की तकलीफ वाले लोगों के लिए।
डिस्क्लेमर- यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेट पर आधारित है। लाइव हिंदुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्रता पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।


