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Hindi News लाइफस्टाइल पेरेंट्स गाइडबच्चों के दांत आने के कितने दिन बाद टूथब्रश कराना है सही, जानें ओरल हेल्थ से जुड़ी बातें

बच्चों के दांत आने के कितने दिन बाद टूथब्रश कराना है सही, जानें ओरल हेल्थ से जुड़ी बातें

Tips To Maintain Oral Hygiene In Kids: बच्चों के दांत निकलने के साथ ही उनके मुंह और दांतों की साफ-सफाई बहुत जरूरी रहती है, नहीं तो दांतों के सड़ने का खतरा रहता है। इसलिए टूथब्रश करना सिखा देना चाहिए।

बच्चों के दांत आने के कितने दिन बाद टूथब्रश कराना है सही, जानें ओरल हेल्थ से जुड़ी बातें
Aparajitaलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीSun, 04 Jun 2023 10:53 AM
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बच्चों की ग्रोथ के साथ ही उनकी साफ-सफाई और हाइजीन की आदतों को भी रूटीन में बनाना जरूरी होता है। इस लिस्ट में सबसे जरूरी है ओरल हाइजीन। ओरल हाइजीन का कनेक्शन ओवरऑल हेल्थ से होता है। बच्चे के दांत और मुंह के कीटाणु ना केवल पेट में जाकर उसे बीमार बना सकते हैं। बल्कि इससे दांत भी खराब हो जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि जानें कब से बच्चों को टूथब्रश की ट्रेनिंग देना जरूरी होता है।

बच्चे के दांत निकलने के साथ ही सफाई है जरूरी
आमतौर पर बच्चों के दांत 6 महीने के होने के साथ ही निकलने शुरू हो जाते हैं। बच्चों के इन दांतों की सफाई आप मुलायम कपड़े की मदद से कर सकती हैं। इससे दांतों के साथ ही मसूड़े और जीभ भी आसानी से साफ हो जाते हैं। 

1 से डेढ़ साल के बच्चों
वहीं बच्चे जब एक से डेढ़ साल के बीच हों तो उनके लिए बिल्कुल सॉफ्ट ब्रिसल्स वाले टूथब्रश की मदद से दांतों को क्लीन करें। लेकिन टूथपेस्ट का इस्तेमाल ना करें। इससे दांतों में जमा गंदगी साफ हो जाएगी।

18 महीने के बाद
बच्चे जब डेढ़ साल के हो जाते हैं तो उसके बाद से लेकर करीब छह साल तक के बच्चों को मटर के आकार जितने टूथपेस्ट की मदद से दांतों को क्लीन करना चाहिए। ध्यान रहे कि टूथपेस्ट लो फ्लूरॉइड वाला हो। 

6 साल के बाद
बच्चे जब 6 साल के हो जाएं तो उसके बाद उन्हें स्टैंडर्ट फ्लूरॉइड वाले टूथपेस्ट की मदद से टूथब्रश करवाना जरूरी होता है। फ्लूरॉइड दांतों में सड़न रोकने का सबसे जरूरी इंग्रीडिएंट्स है।

ओरल हाइजीन भी है जरूरी
टूथब्रश से दांतों को साफ करने के साथ ही बच्चों के मुंह की सफाई के लिए जीभ की क्लीनिंग भी जरूरी है। टंग क्लीनर की मदद से जीभ को जरूर साफ करें। बच्चा अगर छोटा है तो मुलायम कपड़े की मदद से जीभ को साफ करें। जिससे मुंह के बैक्टीरिया साफ हो जाएं।