बच्चे को जन्म देने के बाद हर मां को करना पड़ता है इन मिथकों का सामना, जानिए सच्चाई

Postpartum Myths: बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं को रिकवरी के लिए खास देखभाल की जरूरत होती है। इस दौरान उन्हें कई तरह के मिथकों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जानिए इन मिथकों की सच्चाई-

postpartum myths
Avantika Jain लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीTue, 23 April 2024 03:07 PM
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मां बनना एक खूबसूरत एहसास होता है। हर महिला अपनी लाइफ में एक बार इस पल को जरूर जीना चाहती है। प्रेग्नेंसी के 9 महीने के दौरान महिलाओं को कई शारीरिक बदलाव से गुजरना पड़ता है। वहीं बच्चे को जन्म देने के बाद भी महिलाओं को रिकवर होने में समय लगता है। इस दौरान सही खानपान और लाइफस्टाइल को फॉलो करना जरूरी होता है। हालांकि, इस दौरान महिलाओं को लोगों की कई तरह की बातों को मानना पड़ता है। इन बातों में कुछ मिथक भी हैं। यहां जानिए पोस्टपार्टम मिथकों की सच्चाई-

मिथक 1- मां के ठंडा पानी पीने से बच्चे को खांसी और सर्दी हो सकती है।
सच्चाई- रिपोर्ट्स का कहना है कि ये एक मिथक है। क्योंकि ऐसा कोई तरीका नहीं है कि ठंडा पानी स्तन के दूध से बच्चे तक पहुंचे।

मिथक 2- डिलीवरी के बाद राजमा, कड़ी नहीं, केवल लौकी और तोरई अच्छा है।
सच्चाई- डिलीवरी के बाद हेल्दी डायट मेंटेन करना बेहद जरूरी है। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मां की डायट का बच्चे के पेट की समस्याओं से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, मां जंक फूड नहीं खाना चाहिए।

मिथक 3- डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद कुछ भी कर सकती हैं।
सच्चाई- कहा जाता है कि डिलीवरी के 6 हफ्ते के बाद महिलाएं किसी भी तरह के कामकाज के लिए तैयार हो जाती हैं, लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है। शरीर की स्थिति और हेल्थ को देखते हुए ही आगे बढ़ने का फैसला लेना चाहिए।

मिथक 4- शाम को सिर से नहाना गलत है।
सच्चाई- माना जाता है कि किसी भी समय नहाना ठीक है। एक हेल्दी बच्चे के लिए अच्छी हाइजीन जरूरी है। 

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीकों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें।

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