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प्रेग्नेंसी के दौरान हाथ- पैरों में क्यों आ जाती है सूजन? राहत देंगे ये घरेलू उपाय

Swollen feet during pregnancy: सवाल यह उठता है कि आखिर गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के पैर में ये सूजन आती किस वजह से है और क्या इसे कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर घर पर ही ठीक किया जा सकता है। आइए जानते हैं

swollen feet during pregnancy
Manju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्लीWed, 1 May 2024 09:33 PM
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Swollen feet during pregnancy: प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह हार्मोनल बदलाव होते हैं। जिसका सीधा असर उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है। यही वो समय होता है जब ज्यादातर महिलाएं उल्टी, सिरदर्द, चक्कर, मोटापा,चेहरे पर रैशेज के अलावा हाथ-पैरों में सूजन भी महसूस करती हैं। बता दें, गर्भावस्था के दौरान पैरों में सूजन एक सामान्य समस्या है। जिसे मेडिकल भाषा में एडिमा के नाम से जाना जाता है। वहीं अगर ये सूजन हाथ और चेहरे पर नजर आए तो यह प्रीक्लैम्प्सिया का संकेत हो सकती है। बता दें, प्रीक्लैम्प्सिया

प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति को कहते हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के पैर में ये सूजन आती किस वजह से है और क्या इसे कुछ घरेलू नुस्खे आजमाकर घर पर ही ठीक किया जा सकता है। आइए जानते हैं इन सवालों के सही जवाब। 

क्या है एडिमा?
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में सूजन आना बहुत ही सामान्य बात होती है। यह स्थिति अतिरिक्त रक्त और तरल पदार्थ के कारण पैदा होती है, जो शरीर शिशु की जरूरतों को पूरा करने के लिए पैदा करता है। जिसे मेडिकल भाषा में एडिमा के नाम से जाना जाता है। इसकी वजह से सिर्फ पैरों में ही नहीं बल्कि हाथ,चेहरे के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी सूजन आ सकती है।

प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में क्यो आती हैं सूजन? 

हॉर्मोन में बदलाव-
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में प्रोजेस्टेरॉन, ऐस्ट्रोजन, एचसीजी और प्रोलैक्टिन जैसे कई हॉर्मोन्स का स्तर काफी बढ़ जाता है। जिसकी वजह से एडिमा (सूजन) आने लगती है।

बढ़ता वजन-
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं का वजन काफी ज्यादा बढ़ जाता है। वजन बढ़ने से भी पैरों में सूजन आने लगती है।

हीमॉग्लोबिन की कमी-
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में प्रोटीन और हीमॉग्‍लोबिन की कमी होने पर भी पैरों में सूजन की समस्या होने लगती है। हालांकि डिलिवरी के बाद पैर सामान्य स्थिति में आ जाते हैं।

पैरों की सूजन दूर करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय-

पैरों को तकिए पर रखें-
प्रेगनेंसी के दौरान एक जगह लंबे समय तक बैठे या खड़े रहने से पैरों में सूजन आ सकती है। ऐसे में पैरों को आराम देने के लिए एक तकिया बिस्तर पर रखकर उसके ऊपर करीब 20 मिनट तक अपने पैरों को रखकर लेट जाएं। दिन में दो-तीन बार ऐसा करने से पैरों की सूजन और दर्द में आराम मिलेगा। 

एप्सम साल्ट वाटर से सिकाई-
पैरों में सूजन महसूस होने पर आप एप्सम सॉल्ट पानी में डालकर सिकाई कर सकती हैं। एप्सम सॉल्ट के गुण पैरों की मांसपेशियों की सिकाई करके दर्द कम करने में मदद करते हैं। इस उपाय को करने के लिए एक बड़े बर्तन में गर्म पानी लेकर उसमें एक चम्मच एप्सम सॉल्ट डालें। अब इस पानी में 20 से 25 मिनट के लिए अपने पैरों को डुबोकर रखें।

पोटेशियम रिच आहार- 
प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में पोटेशियम की कमी भी पैरों में सूजन का कारण बन सकती है। जिसकी वजह से महिला को हाई ब्लड प्रेशर और वॉटर रिटेंशन की समस्या परेशान कर सकती है। ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए डाइट में पोटेशियम युक्त आहार जैसे आलू,केला,अनार, पिस्ता, शकरकंद जैसी चीजें शामिल करें। 

नमक का सेवन कम करें-
प्रेग्नेंसी के दौरान पैरों में होने वाली सूजन को कम करने के लिए नमक का सेवन कम करें। जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन करने से बॉडी में वॉटर रिटेंशन की समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है। 

देर तक एक ही पोजिशन में ना बैठें और ना खड़े रहें-
प्रेग्नेंसी के दौरान एक ही पोजिशन में बहुत देर तक खड़े रहने या बैठे रहने पर भी पैरों में सूजन की समस्या हो सकती है। ऐसे में देर तक एक ही अवस्था में बैठें ना रहें, पोजिशन चेंज करें, पैरों को ऐक्टिव बनाए रखें। अगर बहुत देर से खड़ी हैं या चल रही हैं तो थोड़ा ब्रेक लें। ऐसा करने से सूजन कम होगी।

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