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Hindi News लाइफस्टाइल पेरेंट्स गाइडBreastfeeding: नवजात को ब्रेस्टफीड कराने के लिए सही पोश्चर से मिलेगी मदद

Breastfeeding: नवजात को ब्रेस्टफीड कराने के लिए सही पोश्चर से मिलेगी मदद

Breastfeeding: नवजात शिशु को ब्रेस्टफीड कराने में अक्सर नई मां को दर्द का एहसास होता है। ऐसे में जरूरी है जानना कि कौन सी टेक्नीक बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने के लिए सही होगी। एक्सपर्ट इसकी सलाह देते हैं

Breastfeeding: नवजात को ब्रेस्टफीड कराने के लिए सही पोश्चर से मिलेगी मदद
Aparajitaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 18 Feb 2024 06:42 PM
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नई मां के लिए बच्चे को संभालने के साथ ब्रेस्टफीड कराना काफी मुश्किल होता है। आमतौर पर घर की बड़ी-बुजुर्ग तरीका बता देती हैं लेकिन जरूरी है कि सही पोश्चर में बच्चे को ब्रेस्टफीड कराया जाए। नहीं तो निप्पल क्रैक होने और दूसरी कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ब्रेस्ट मिल्क नवजात शिशु को कई तरह के इंफेक्शन ईयर, चेस्ट और यूरीन इंफेक्शन से भी बचाते हैं।  बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत होने के साथ ही एक्जिमा, अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, डायबिटीज से भी बचाव होता है। ऐसे में जरूरी है कि नवजात को ब्रेस्टफीड करवाया जाए। ब्रेस्टफीड के दौरान होने वाले अनकंफर्ट से बचने के लिए एक्सपर्ट इस पोश्चर में फीड कराने की सलाह देते हैं। जानें क्या है ब्रेस्टफीड कराने का सही तरीका।

नई मां को कंफर्ट का रखना चाहिए ध्यान
नवजात शिशु को ब्रेस्टफीड करवाने के लिए मां को अपने कंफर्ट का पूरा ध्यान रखना चाहिए और तय करना चाहिए कि कौन सी पोजीशन में फीड कराना सुरक्षित और आरामदायक रहेगा। बच्चे के जन्म के कुछ दिनों में नई मां को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए इन टिप्स को फॉलो करें।

-बच्चे के जन्म के बाद बच्चे को अपने पास रखने की कोशिश करें। इससे बच्चे की जरूरत को समझने में मदद मिलेगी और ब्रेस्टफीड कराना आसान होगा।

पोजीशन का रखें ध्यान
सीधे बैठकर अपनी पीठ और हाथों को तकिए की मदद से सपोर्ट दें। जिससे कि फ्यूचर में कमर दर्द की समस्या परेशान ना करे। फिर बच्चे को ब्रेस्टफीड कराएं। 
लेटकर ब्रेस्टफीड कराना सबसे आरामदायक तरीका है लेकिन नवजात शिशु के साथ इस तरीके को अवॉएड करना ही ठीक होगा।

-बच्चे को ब्रेस्टफीड करवाते समय ध्यान रहे कि बच्चे की नाक और मुंह निप्पल से ऊपर हो।

-ब्रेस्टफीड के वक्त बच्चे की कमर, सिर और बॉडी बिल्कुल एक सीध में हो। जिससे बच्चे को आराम रहे।

-ध्यान रहे कि बच्चे को ब्रेस्ट के नजदीक लेकर आएं, ब्रेस्ट को बेबी के पास ना ले जाएं। इससे बेबी कंफर्टेबल महसूस करेगा और मां को भी दर्द कम फील होगा। 

-एक बार बच्चा फीड करना शुरू कर दे और फिर भी दर्द महसूस हो तो इसका मतलब है कि बच्चे और ब्रेस्ट के बीच सही पोश्चर नही है। जिसकी वजह से दर्द हो रहा है।

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