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Hindi News लाइफस्टाइल पेरेंट्स गाइडबच्चों का भविष्य तबाह कर सकती हैं मां-बाप की ये गलतियां, जबरदस्ती सिखाएं ये 8 आदतें

बच्चों का भविष्य तबाह कर सकती हैं मां-बाप की ये गलतियां, जबरदस्ती सिखाएं ये 8 आदतें

Parenting Tips: बच्चे के अच्छे या बुरे आचरण का श्रेय मां-बाप को दिया जाता है। जीवन किसी का भी आसान नहीं होता। आप चाहते हैं कि बच्चा सेल्फ डिपेंड, मजबूत और सफल बनें तो मां-बाप को बचपन से ये आदतें डालें

बच्चों का भविष्य तबाह कर सकती हैं मां-बाप की ये गलतियां, जबरदस्ती सिखाएं ये 8 आदतें
Kajal Sharmaलाइव हिंदुस्तान,मुंबईThu, 09 Nov 2023 05:41 PM
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जिद बच्चे करना वैसे बच्चों का काम है लेकिन कुछ बातों में पेरेंट्स को अपनी चला लेनी चाहिए। अगर आप स्वावलंबी यानी सेल्फ डिपेंड बच्चे बड़े करना चाहते हैं तो बचपन से बच्चों के साथ कुछ चीजों की जबरदस्ती करनी चाहिए। रिसर्च में कुछ ऐसी एक्टिविटीज सामने आई हैं जिनसे बच्चों में अनुशासन आता है वे हर परिस्थिति में ढलने वाले बनते हैं। बच्चे खुद से ये काम शायद ही करें इसके लिए आपको उनके साथ थोड़ी जबरदस्ती करनी होगी। 

पढ़ने की आदत डालें
बच्चों से पढ़वाएं। इससे उनका दिमाग, यादाश्त से लेकर फोकस करने की ताकत बढ़ती है। उन्होंने कहानी की किताब, कोर्स की बुक्स या न्यूजपेपर दें लेकिन रोज पढ़ने बैठाएं।

बाहर खेलने भेजें
बच्चों को धूप, खुली हवा, हरियाली इन सबका साथ मिलना जरूरी है। बाहर उछल-कूद करने से उनका इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनता है और वे नई चीजें सीखते हैं। 

काम करवाएं
लड़का हो या लड़की उन्हें बचपन से ही काम करना सिखाएं। छोटे-छोटे कामों से शुरुआत करें इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और हर परिस्थिति में सर्वाइव कर लेंगे। 

साथ में खाने की आदत डालें
बच्चों को साथ में बैठकर खाना खिलाएं। अगर वक्त नहीं मैच करता है तो चीजें साझा करने की आदत डालें। वे जब भी खाएं तो सामने वाले से जरूर पूछें। एक परिवार की तरह खाएं।

बोर होने दें
बोर होना एक कला है। हर वक्त दिमाग और आंखों को काम देना ठीक नहीं है। बच्चा बोर हो रहा है तो उसे कुछ देर शांति से लेटने-बैठने दें। ऐसा न होने पर बच्चे किसी न किसी ऐक्टिविटी के अडिक्ट हो जाते हैं। वो चीज न मिलने पर उनमें चिड़चिड़ापन दिखता है। 

हर ख्वाहिश न होने दें पूरी
हर बात में उनकी मनमानी न चलने दें। उन्हें सीखना होगा कि दुनिया में हर काम उनकी मर्जी से नहीं होने वाला। उनसे रिमोट ले लें। दूसरों का काम करवाएं। कभी-कभी वो चीज भी दिलाएं जो उन्हें कम पसंद हो। उन्हें पसंद नहीं आएगा पर फ्लैग्सिबल बनेंगे। 

अजीब लगने वाली बातचीत भी करें
बच्चों के सामने अगर अजीब सिचुएशन आए तो उस पर भी बात करें, नजरें न चुराएं। सेक्स, डेटिंग, बॉडी इमेज, संस्कार जैसी चीजों पर बच्चें नजरें चुराएं तो उन्हें बैठाकर बात करें। उन्हें इन बातों का ज्ञान होना जरूरी है। 

सीमित संस्धानों में रहना सिखाएं
बच्चों को किसी चीज की कमी न होने दें लेकिन सीमित चीजों में अडजस्ट करना सिखाएं। मोबाइल, लैपटॉप, गैजेट्स, टीवी का स्क्रीन टाइम लिमिटेड करें। खाने-पीने की अनहेल्दी चीजों पर कंट्रोल करें। बाहर घूमने की  भी लिमिट तय करें। 

CREDIT: Original post by DAVID MORRIS Twitter

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