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बच्चे की सेहत के साथ नहीं करना खिलवाड़ तो रोजमर्रा की इन चीजों से हटा दें प्लास्टिक का इस्तेमाल

प्लास्टिक और उससे बने सामान न सिर्फ पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हैं, बल्कि आपके बच्चे की सेहत के लिए भी। कैसे अपने बच्चे की जिंदगी से प्लास्टिक और उससे बने सामानों को करें दूर, बता रही हैं निधि प्रकाश

बच्चे की सेहत के साथ नहीं करना खिलवाड़ तो रोजमर्रा की इन चीजों से हटा दें प्लास्टिक का इस्तेमाल
Aparajitaहिंदुस्तान,नई दिल्लीSun, 26 Nov 2023 01:44 PM
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बच्चे भला कहां किसी की सुनते हैं? उन्हें कितना भी मना करो, वे मानते नहीं हैं। उनकी कई आदतों में से एक है, हर चीज को मुंह में ले लेना। फिर वह चीज चाहे प्लास्टिक की ही क्यों न हो! सच तो यह है कि प्लास्टिक की चीजों में बीपीए यानी बिसफेनॉल- ए जैसे टॉक्सिक रसायन होते हैं। बीपीए का प्रयोग कई प्लास्टिक की चीजों में किया जाता है, जिसमें खिलौने भी शामिल हैं। बीपीए प्लास्टिक की चीजों को कड़ा बनाता है। बीपीए सामान्य हार्मोन स्तर में बाधा उत्पन्न करता है, व्यवहार संबंधी समस्याएं उत्पन्न करता है और कैंसर के जोखिम के कारणों में से भी एक है। बच्चे के इस्तेमाल के बाद हम जब उक्त प्लास्टिक की चीज को फेंकते हैं तो यह हमारे पर्यावरण को हानि पहुंचाता है और प्रदूषण का कारण बनता है। दरअसल, प्लास्टिक बायोडिग्रेडेबल नहीं होता है। यह मिट्टी को खराब करता है, जल जीवों को हानि पहुंचाता है और नालियों के रास्ते को अवरुद्ध करता है। अधिकतर प्लास्टिक ऐसे बने होते हैं, जिन्हें रीसाइकल नहीं किया जा सकता। प्लास्टिक का कम प्रयोग आपके बच्चे की सुरक्षा के लिए भी अच्छा है और बेहतर पर्यावरण के निर्माण के लिए जरूरी भी। कैसे बच्चे के आसपास प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, आइए जानें:

बच्चे का खाना
बच्चे के भोजन के लिए आप में से अधिकतर लोग प्लास्टिक के डिब्बे और बोतल का प्रयोग करते हैं। प्लास्टिक के ये कंटेनर रीसाइकल भी नहीं किए जा सकते हैं, इसलिए बेहतर तो यह होगा कि हम बच्चे के भोजन या दूध या पानी के लिए शीशे के जार का प्रयोग करें। यही नहीं, बच्चे का भोजन रखने के लिए एयरटाइट प्लास्टिक कंटेनर की जगह पर शीशे के जार का प्रयोग करना सही रहेगा। 

बायोडिग्रेडेबल नैप्पी
क्या आप जानती हैं कि आप अपने नन्हे के लिए जिस डायपर का प्रयोग कर रही हैं, उसे डिकंपोज होने में 500 साल से अधिक का समय लगता है? डायपर भले ही रुई का बना हो लेकिन उसमें प्लास्टिक भी रहता है, जो लंबे समय तक पर्यावरण में टिका रहता है और प्रदूषण का कारण बनता है। आप इसकी जगह कपड़े के बने नैप्पी का प्रयोग कर सकती हैं। आप चाहें तो बाजार में उपलब्ध इको- फ्रेंडली दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले नैप्पी का प्रयोग कर सकती हैं। यह रसायन मुक्त बैंबू फाइबर और सूती का बना होता है।

प्लास्टिक कटलरी का कम प्रयोग 
आप हमेशा अपने लाडले के लिए रंग- बिरंगे खूबसूरत प्लास्टिक कटलरी का प्रयोग करती हैं। आपके लाडले को भी यह सब अच्छा लगता है, आपको लगता है कि वह इस तरह की कटलरी से आकर्षित होकर खाना खाएगा। यह बात तो सही है, लेकिन सच यह भी है कि प्लास्टिक कटलरी  भी प्रदूषण का कारण है। बेहतर तो यह होगा कि आप स्टील की कटलरी का प्रयोग करें, जिसका इस्तेमाल आरामदायक भी है और सफाई करना भी आसान है। 

डिस्पोजेबल कप और प्लेट नहीं
आपको लगता है कि आपने एक बार प्लेट, कप और गिलास का प्रयोग किया और फिर उसे फेंक दिया। इस तरह से आप खुद को बर्तनों की सफाई करने के मेहनत से बचाती हैं। बाहर निकलने पर तो खासकर आप डिस्पोजेबल चीजों का प्रयोग करती हैं। बेहतर तो यह होगा कि आप स्टील के बर्तनों का प्रयोग करें। यदि आपको डिस्पोजेबल चीजों का प्रयोग करना ही है, तो कागज के बने डिस्पोजेबल चीजों का प्रयोग करें।

घर का बना खाना
अपने लाडले को बाहर का पैक किया खाना क्यों खिलाना? आप खुद को घर पर खाना बनाइए और बाहर वही लेकर जाइए। यह आपके नन्हे के लिए ज्यादा बढ़िया भोजन है, बजाय पैक किए खाने के। चाहें तो घर से फल भी ले जा सकती हैं। साथ ही बाहर से पानी की बोतल खरीदने की बजाय घर से पानी की बोतल लेकर जाएं, जिसका इस्तेमाल आप बार- बार कर सकती हैं। 

प्लास्टिक के खिलौने नहीं
अब जब बाजार में लकड़ी के खिलौने के कई विकल्प मौजूद हैं, तो प्लास्टिक के खिलौने लेना बंद कर दीजिए। इको- फ्रेंडली कपड़े की बनी गेंदें भी बाजार में खूब मिलती हैं। अपने नन्हे- मुन्ने के लिए ऐसे खिलौने खरीदें और अपने बच्चे के लिए एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण बनाने में अपना योगदान दे सकें।

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