फोटो गैलरी

Hindi News लाइफस्टाइल पेरेंट्स गाइडबच्चे असफल हो जाए तो पैरेंट्स ऐसे करें डील, जरूरी है इमोशनल सपोर्ट

बच्चे असफल हो जाए तो पैरेंट्स ऐसे करें डील, जरूरी है इमोशनल सपोर्ट

How to support kids in failure: बच्चे अगर एक्जाम में या किसी फील्ड में असफल हो जाते हैं तो ऐसे वक्त में उन्हें कंमेट पास करने की बजाय पैरेंट्स को सही तरीके से सपोर्ट करना आना चाहिए।

बच्चे असफल हो जाए तो पैरेंट्स ऐसे करें डील, जरूरी है इमोशनल सपोर्ट
Aparajitaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSun, 03 Dec 2023 11:45 AM
ऐप पर पढ़ें

पैरेंट्स होने के नाते जरूरी है कि बच्चों को केवल फिजिकली और फाइनेंशियली ही नहीं बल्कि इमोशनल सपोर्ट भी किया जाए। जिससे कि उन्हें बाल मन पर किसी भी तरह का बुरा असर ना पड़े। बच्चे जब फेलियर का सामना करते हैं तो उस वक्त बच्चों को खास सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बच्चो को ये समझाना जरूरी है कि असफलता से निराश होने की जरूरत नहीं बल्कि सबक लेने की जरूरत है। पैरेंट्स को बच्चे के फेलियर पर इस तरह इमोशनल सपोर्ट करना चाहिए।

बच्चे से दोस्त की तरह बात करें
आजकल बच्चे काफी सारी एक्टीविटी में इन्वॉल्व रहते हैं। ऐसे में कहीं ना कहीं वो पीछे रह जाते हैं और फेल होते हैं। बच्चों के फेलियर पर रिएक्शन देते वक्त पैरेंट्स को बहुत ही सावधानी रखने की जरूरत होती है। बच्चे असफल होने पर वैसे ही काफी दुखी होते हैं। ऐसे में बच्चों से बात करते वक्त उनके दोस्त बनकर बात करें और उन्हें 'मैं तो पहले ही कह रही थी'  जैसे स्टेटमेंट ना दें।

बच्चों से प्यार करें क्वालिटी से नहीं
बच्चों के लिए आपका प्यार अनकंडीशनल होना चाहिए। बच्चे क्या कर रहे हैं इससे आपके प्यार पर असर नहीं पड़ना चाहिए। बच्चों को इमोशनल सपोर्ट और प्यार की मदद से पैरेंट्स उन्हें आगे बढ़ने और फेलियर से उबरने में मदद कर सकते हैं। जब आप बच्चे को इस तरह से सपोर्ट करेंगी तो बच्चे को समझ आएगा कि आप उसकी गलतियों के बावजूद उसे प्यार करती हैं। ऐसे में वो उन गलतियों को दोहराने से बचेगा।

बच्चों के प्रयास की सराहना करें
आजकल के प्रतियोगिता वाले माहौल में लगातार मेहनत करना जरूरी होता है। बच्चे मेहनत कर रहे हैं तो उन्हें पैरेंट्स के प्रोत्साहन की जरूरत पड़ती है। इसलिए उनकी तैयारियों और मेहनत पर उन्हें प्रोत्साहित करें। केवल रिजल्ट खराब हो जाने की वजह से उन्हें ना डांटे।

दूसरों से ना करें तुलना
ये बात अक्सर एक्सपर्ट बताते हैं कि किसी भी बच्चे की तुलना दूसरे से ना करें। उसे खुद से प्रतियोगिता करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्हें खुद की कमियों को सुधारने और आगे बढ़ने के लिए कहें। दूसरे से तुलना करने से बच्चों पर निगेटिव असर पड़ता है।            

यह भी पढ़ें: विश्वास है किसी भी रिश्ते का आधार, इन 5 तरीकों से आप भी जीत सकते हैं एक-दूसरे का विश्वास                                  

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें