1 साल से छोटे बच्चों को कभी ना दें खाने की ये चीजें, हेल्थ को होता है नुकसान

Never feed these food 1 year old child: बच्चे 6 महीने से ज्यादा होते हैं तो उन्हें ठोस आहार दिया जाता है। लेकिन इस दौरान खाने की कुछ चीजों को बिल्कुल नहीं देना चाहिए। ये सेहत पर बुरा असर डालती हैं।

Aparajita लाइव हिंदुस्तान, नई दिल्लीWed, 21 June 2023 04:59 PM
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अगर आप पहली बार मां बनी हैं तो बच्चे की परवरिश आपके लिए कई बार मुश्किल हो सकती है। हालांकि घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर गाइड करते हैं। लेकिन फैमिली से दूर रहने वाली मांओं के लिए कई बार बच्चे की जरूरतों को समझना मुश्किल हो जाता है। खासतौर पर बच्चे के ग्रोथ के टाइम सही खानपान की सख्त जरूरत होती है। क्योंकि केवल दूध से बच्चे को सारे पोषण नहीं मिल पाते। ऐसे में उसे क्या खिलाया जाए जिससे कि उसकी हेल्थ को नुकसान ना हो। कई बार अनजाने में मां इन फूड्स को बेबी को खिला देती है। जिससे हेल्थ को नुकसान होने का खतरा रहता है। अगर बच्चा 1 साल से छोटा है तो उसे खाने की इन चीजों को कतई ना दें। 

रिफाइंड शुगर
सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने पैरेंट्स को एडवाइस किया है कि दो साल से कम के बच्चों को अलग से चीनी खाने को ना दें। किसी फूड में एक्स्ट्रा चीनी मिलाकर देना ना केवल दांत खराब कर देता है बल्कि इससे बच्चे को केवल मीठा खाना ही पसंद आता है। जिसकी वजह से बड़े होने पर टाइप 2 डायबिटीज और दूसरे क्रॉनिक डिसीज का खतरा होता है। 

शहद
शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं और ये बच्चों की इम्यूनिटी बढाता है। लेकिन एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं खिलाना चाहिए। शहद खाने से बच्चों की सेहत को वहीं खतरा होता है जो चीनी खाने से होता है।

नमक
सात से 12 महीने के बच्चों को डेली करीब 0.37 ग्राम सोडियम की जरूरत होती है। जो कि बच्चे के लिए फार्मूला मिल्क या ब्रेस्ट मिल्क से पूरी हो जाती है। ऐसे में बच्चे के खाने में अलग से नमक मिलाकर खाने की जरूरत नही है। कुछ पैरेंट्स बच्चों को चिप्स, फ्राईज, क्रिस्प जैसी चीजें खाने को देते हैं। ये बच्चे की किडनी पर असर डालती हैं क्योंकि सोडियम की इतनी ज्यादा मात्रा बच्चे की किडनी पर दबाव डालती हैं।

गाय का दूध
गाय के दूध में ढेर सारे न्यूट्रिशन होते हैं लेकिन 12 महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए ये सूटेबल नहीं होता है। क्योंकि गाय के दूध में हैवी प्रोटीन और मिनरल्स होते हैं। जो बच्चे की ग्रोथ कर रही किडनी पर स्ट्रेस डालते हैं। जिसकी वजह से बच्चे के डाइजेस्टिव सिस्टम को खराब कर देती है।

चीज
डायटीशियन का मानना है कि 12 महीने से कम उम्र के बच्चों को चीज नहीं खिलाना चाहिए। काफी सारी चीज की वैराइटी में बैक्टीरिया होते हैं। जो बच्चों के बॉडी में पनपने की संभावना रहती है। 

फ्रूट जूस
एक साल से कम उम्र के बच्चों को फ्रूट जूस नहीं देना चाहिए। फ्रूट जूस में किसी भी तरह के न्यूट्रिशनल वैल्यू नहीं होते जो बच्चे के काम आए। बल्कि जूस में मौजूद शुगर बच्चों के दांत को खराब कर देते हैं। 

मीट
12 महीने से कम उम्र के बच्चों को मीट देते समय भी काफी सारी सावधानियां रखनी चाहिए। क्योंकि अधपके, हड्डी वाले और स्मोक किए हुए मीट नहीं खिलाने चाहिए। ये बच्चे की सेहत के लिए हार्मफुल और बैक्टीरिया से भरे होते हैं। इसी तरह से हाई मरकरी लेवल वाली फिश और अधपके अंडे भी बच्चों को नहीं खिलाने चाहिए।

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