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Hindi News लाइफस्टाइल पेरेंट्स गाइडबच्चे को भेज रहे एक्स्ट्रा एक्टीविटीज में तो इन बातों का भी जरूर रखें ध्यान, नहीं तो होगा मेंटल हेल्थ पर असर

बच्चे को भेज रहे एक्स्ट्रा एक्टीविटीज में तो इन बातों का भी जरूर रखें ध्यान, नहीं तो होगा मेंटल हेल्थ पर असर

Parents Guide For Kids Activities: पैरेंट्स बच्चों को अक्सर किसी ना किसी हॉबी क्लास या एक्टीविटीज में भेजते हैं। लेकिन अपने बच्चे को ये सारी क्लासेज ज्वॉइन कराने से पहले और बाद में इन बातों का ध्यान..

बच्चे को भेज रहे एक्स्ट्रा एक्टीविटीज में तो इन बातों का भी जरूर रखें ध्यान, नहीं तो होगा मेंटल हेल्थ पर असर
Aparajitaलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीThu, 06 Jul 2023 03:52 PM
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छोटे बच्चों को इन दिनों स्कूल और पढ़ाई के साथ एक्स्ट्रा एक्टीविटीज में भेजना एक शौक बन गया है। अधिकतर पैरेंट्स को लगता है कि इससे बच्चे ज्यादा एक्टिव बनेंगे और हर फील्ड में उनकी पकड़ होगी। पैरेंट्स अपने बच्चों को ऑलराउंडर बनाना चाहते हैं। इसी चक्कर में कई बार एक्स्ट्रा एक्टीविटीज बच्चों की पसंद या नापसंद से ज्यादा पैरेंट्स की पसंद-नापसंद बन जाती है। लेकिन अगर आप बच्चों को एक्स्ट्रा एक्टीविटीज करने के लिए भेज रहे हैं तो साथ में इन बातों का ध्यान भी जरूर रखें।

जानें क्या है पसंद-नापसंद
बच्चे को अपने पसंद के एक्टीविटीज सिखाने से पहले उसकी पसंद-नापसंद पर ध्यान दें। 3 साल से ज्यादा उम्र का बच्चा पेंटिग, ड्रॉइंग, प्लेइंग, रीडिंग, डांसिंग किस चीज में मन लगाता है। उसी के हिसाब से ही तय करें। अगर आप अपने पसंद से उसे एक्स्ट्रा एक्टीविटीज में भेजते हैं तो बच्चे का ध्यान सीखने पर कम होगा और वो उसे भी एंज्वॉय ना करके केवल स्टडी की तरह ही करेगा।

एक्स्ट्रा एक्टीविटीज का ना हो प्रेशर
स्टडी के बाद बच्चों को एक्स्ट्रा एक्टीविटीज का मतलब बच्चे को क्रिएटिव बनाना है। इसलिए कभी भी प्रेशर में आकर क्लास करने ना भेजें। सप्ताह में केवल 3 दिन ही ऐसी क्लास होनी चाहिए। जिससे कि बच्चा एंज्वॉय करके सीखे। 

एक बार में एक ही चीज सिखाएं
बच्चे को एक साथ कई सारी हॉबी क्लास में दाखिला ना करवा दें। इससे बच्चे के ऊपर बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ता है और वो किसी भी चीज को ठीक से नहीं सीख सकता। केवल दूसरे के बच्चे हर फील्ड में ऑलराउंडर ऐसा सोचकर अपने बच्चे को एक साथ कई सारी एक्स्ट्रा एक्टीविटीज में ना एडमिशन करवा दें। 

बच्चे के बिहेवियर पर ध्यान दें
कई बार बच्चे भले ही एक्टीविटीज करते रहते हों लेकिन उनका मन उस काम में नहीं लगता है। ऐसे में अगर बच्चा हॉबी क्लास से आने के बाद खुश नही है तो उससे बात करके पता करें कि उसे अच्छा लग रहा है या नहीं। अगर वो हॉबी क्लास में जाने से लगातार मना करें तो उसे जबरदस्ती फोर्स करके ना भेजें। इससे बच्चे अपने ऊपर ज्यादा प्रेशर महसूस करते हैं। 

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