फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News लाइफस्टाइल पेरेंट्स गाइडParenting: बच्चे की परवरिश में मां के साथ पिता को भी करना चाहिए ये काम

Parenting: बच्चे की परवरिश में मां के साथ पिता को भी करना चाहिए ये काम

Parenting: मां के साथ ही पिता को भी बच्चे की परवरिश में पूरा योगदान देना चाहिए। जिससे बच्चे ना केवल अच्छे माहौल में बड़े हों बल्कि घर के पॉजिटिव माहौल का उनके पर्सनैलिटी पर भी पॉजिटिव असर दिखे।

Parenting: बच्चे की परवरिश में मां के साथ पिता को भी करना चाहिए ये काम
Aparajitaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 09 May 2024 01:09 PM
ऐप पर पढ़ें

बच्चे की परवरिश में बहुत सारी चीजों का योगदान होता है। जिसमे मां के साथ पिता और घर का वातावरण भी जरूरी है। केवल मां के सिखाने से बच्चे पूरी तरह से ग्रोथ नहीं कर पाते। जरूरी है कि एक पिता होने के नाते आपको भी उसकी परवरिश में इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। तभी बच्चे की ग्रोथ होगी और वो हर फील्ड में आगे रहने के साथ ही सबका सम्मान भी करेगा।

बच्चे के साथ समय बिताना है जरूरी
बच्चे के साथ पूरी तरह से इंगेज होना जरूरी है। खासतौर पर तब जब मां काम कर रही हो। ऐसे वक्त पर पिता की जिम्मेदारी है कि वो बच्चे के साथ इंगेज रहे उसे खिलाएं, सिखाए और बातें करे। जिससे बच्चे केवल मां के पास ही ना जाएं और पिता के साथ भी उनका जुड़ाव बढ़ें। घर के ऐसे माहौल का बच्चे के ऊपर बचपन से ही असर होता है। 

ना करें पत्नी की डिसरिस्पेक्ट
कभी भी बच्चे के सामने अपनी पत्नी को बुरा-भला कहना या बीच में बात काटना और उसकी बात को गलत कहना ठीक नही है। बढ़ते बच्चे के मन पर इन बातों का निगेटिव असर होता है। कोशिश करें कि बच्चे के सामने एक दूसरे से असहमति ना जताएं बल्कि एकांत में उसे बताएं और आपसी शिकायतें निपटाएं।

डिनर पर साथ बैठें
डिनर करने के लिए पूरी फैमिली के साथ बैठें। इस दौरान बच्चे से बात करें और उसकी बात  को सुनें। फौरन रिएक्ट कर वहीं लेक्चर देने का काम ना करें। बल्कि बच्चे को सारी बातों को शेयर करने का मौका दें। इससे बच्चे के ऊपर पॉजिटिव असर पड़ता है। वो अपनी भावनाओं को शेयर करना सीखता है, सबके सामने बिना झिझके बोलने की हैबिट बनती है और साथ ही पिता के साथ बॉन्डिंग भी बनती है। 

माता-पिता बच्चे के सामने एक जैसी बातें करें
माता-पिता को बच्चे के सामने हमेशा सहमति दिखानी चाहिए। एक दूसरे की बात काटने से ना केवल बच्चा कंफ्यूज हो जाता है बल्कि उसके दिमाग पर निगेटिव असर पड़ता है।

बच्चे के ऊपर खर्च करने से पहले मां की सहमति जरूरी है
अक्सर पिता बच्चों के ऊपर बिना सोचे खर्च करते हैं लेकिन उन खर्चों के लिए अगर मां से सहमति लेनी की आदत अगर बच्चे को डालेंगे। तो इससे बच्चा पैसों को खर्च करने से पहले जरूर सोचेगा और उसे बजट पर कंट्रोल करने का तरीका पता चलेगा।