फोटो गैलरी

Hindi News लाइफस्टाइल पेरेंट्स गाइडबच्चों को मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए पेरेंट्स अपनाएं ये 6 बातें, मजबूत बनेगी पर्सनालिटी

बच्चों को मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए पेरेंट्स अपनाएं ये 6 बातें, मजबूत बनेगी पर्सनालिटी

How To Make Kids Mentally Strong: बच्चे को एक अच्छा इंसान बनाने के लिए बचपन से ही सही चीजें सिखाना जरूरी है। बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना। इसके के लिए पेरेंट्स इन बातों को अपनाएं।

बच्चों को मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए पेरेंट्स अपनाएं  ये 6 बातें, मजबूत बनेगी पर्सनालिटी
Avantika Jainलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 17 Feb 2024 12:52 PM
ऐप पर पढ़ें

बच्चों तो शारीरिक रूप से स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ ही मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाना बहुत जरूरी है। अधिकतर बच्चे बचपन से ही मानसिक तौर पर कमजोर होते हैं, जिसकी वजह से वह चीजों से डरते हैं और लाइफ के बड़े फैसलों को भी लेना उनके लिए मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चों को बचपन से ही मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाना जरूरी है। ऐसा करने पर वह जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना आसानी से कर लेते हैं। बच्चों को मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए आप पेरेंट्स इन तरीको जरूर अपनाएं।

1)  बच्चे की कोशिश पर जताएं खुशी- जब बच्चा किसी कॉम्पिटिशन का हिस्सा बनें तो पेरेंट्स को परिणाम के बजाय बच्चे के प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा करने पर उन्हें असफलता को अच्छे से स्वीकार करने में मदद मिलेगी। साथ ही ऐसा करने पर बच्चे को प्रतियोगिताओं का हिस्सा बनने के लिए मोटिवेशन मिलेगी। 

2) फीलिंग्स बताने का मौका दें- बच्चों की बातों को सुनना जरूरी है। इसके लिए बच्चे के लिए एक ऐसा माहौल बनाएं जिसमें वह अपनी फीलिंग्स को व्यक्त कर सके। ऐसा करने पर उन्हें खुल कर बात करने का मौका मिलता है। 

3) बातों पर करें विश्वास- पेरेंट्स को अपने बच्चों की बातों पर विश्वास करना चाहिए। ऐसा करने पर बच्चे और पेरेंट्स के बीच का रिश्ता मजबूत होता है। 

4) स्ट्रेस मेनेजमेंट सिखाएं- बच्चों को स्ट्रेस मेनेजमेंट सिखाना बहुत जरूरी है। इसके लिए उन्हें योग, ध्यान, शारीरिक गतिविधि करने के लिए मोटिवेट करें।

5) गलती होने पर माफी मांगना सिखाएं- बच्चों को उनकी गलत करनी को  स्वीकारना जरूर आना चाहिए। वहीं गलत होने पर उन्हें माफी भी मांगना जरूर सिखाएं।

6) थेरेपिस्ट से मिलें- बच्चों को मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए थेरेपिस्ट से मिलना भी एक अच्छा ऑप्शन है। इस तरह बच्चे अपने मन में दबी सभी बातों को आसानी से एक्सप्रेस करते हैं। ऐसा करने पर उन्हें दिमागी तौर से मजबूत होने में मदद मिलती है।

एग्जाम से पहले बच्चों की ऐसी रखें डायट, रॉकेट की रफ्तार से बढ़ेगी मेमोरी

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें