
बच्चा बोर्ड एग्जाम देने वाला है, तो एक बार जरूर बता दें ये 7 बातें, पेरेंटिंग कोच ने दी सलाह!
Board Exams Tips: बोर्ड परीक्षा को आसान बनाने के लिए बच्चों को कुछ जरूरी बातें समय रहते समझा देनी चाहिए। इससे ना सिर्फ बच्चे का मन शांत होता है, बल्कि अपनी तैयारी पर भरोसा रखते हुए परीक्षा में बेहतर परफॉर्म भी कर पाता है।
बोर्ड एग्जाम नजदीक आ रहे हैं। ऐसे में जो बच्चे इस बार एग्जाम में बैठने वाले हैं, उन पर पढ़ाई और अच्छे नंबर को लेकर दवाब बढ़ना स्वाभाविक है। कई बार यह प्रेशर इतना ज्यादा हो जाता है कि बच्चा अपने ही आत्मविश्वास पर भी शक करने लगता है। पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा कहती हैं कि ऐसे समय में पेरेंट्स की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उनके सही मोटिवेशन और मार्गदर्शन से ना सिर्फ बच्चे का स्ट्रेस लेवल कम होता है, बल्कि उसका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उनका मानना है कि बोर्ड परीक्षा को आसान बनाने के लिए बच्चों को कुछ जरूरी बातें समय रहते समझा देनी चाहिए। इससे ना सिर्फ बच्चे का मन शांत होता है, बल्कि अपनी तैयारी पर भरोसा रखते हुए वो परीक्षा में बेहतर परफॉर्म भी कर पाता है। चलिए जानते हैं-
समझाएं कंसिस्टेंसी और फोकस का महत्व
पेरेंटिंग कोच बताती हैं कि सफलता का सबसे सरल रास्ता है नियमित अभ्यास और लक्ष्य पर फोकस। बच्चे को यह समझाना जरूरी है कि रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ने से याद भी अच्छा रहता है और दिमाग पर दबाव भी नहीं पड़ता। जब बच्चा सही दिशा में लगातार मेहनत करता है, तो उसका आत्मविश्वास भी मजबूत होता है और वह परीक्षा का सामना बिना घबराहट के कर पाता है।
कम समय में भी अच्छा सीखना संभव है
कोच पुष्पा शर्मा का कहना है कि सफल होने के लिए देर तक पढ़ना जरूरी नहीं है। बल्कि जरूरी यह है कि बच्चा जिस समय पढ़े, पूरे मन से पढ़े। कम समय में भी ध्यान लगाकर पढ़ा जाए तो चीजें जल्दी समझ में आती हैं, और और जो कुछ भी पढ़ा जाता है, वह लंबे समय तक दिमाग में याद भी रहता है। कम समय में ध्यान लगाकर पढ़ने से बच्चे को थकान भी कम होती है और पढ़ाई का प्रेशर भी कम होता है।
आत्मविश्वास बनाए रखना है बहुत जरूरी
हर मोड़ पर बच्चे का आत्मविश्वास बना रहना सबसे ज़रूरी है। परीक्षा नजदीक आते ही कई बच्चे घबरा जाते हैं और अपनी तैयारी पर शक करने लगते हैं। ऐसे में पेरेंट्स का भरोसा और उनके पॉजिटिव वर्ड्स, बच्चों का आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद करते हैं। और जब बच्चों में भरपूर आत्मविश्वास होता है तो वो परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
फिजिकल और मेंटल हेल्थ का ध्यान
पेरेंटिंग कोच का कहना है कि अच्छी सेहत के बिना कोई भी बच्चा अपना बेस्ट नहीं दे सकता। परीक्षा के दिनों में नींद पूरी होना, पौष्टिक खाना, हल्का व्यायाम और थोड़ा आराम बहुत जरूरी है। जब शरीर और मन दोनों ठीक हों, तब बच्चा तेजी से समझ पाता है और पढ़ी हुई चीजें अच्छी तरह याद रहती हैं। एक बैलेंस रूटीन से बच्चे के सीखने की कैपेसिटी भी बढ़ती है।
डाउट तुरंत पूछने की आदत डालें
पुष्पा शर्मा बताती हैं कि बच्चे अक्सर अपने सवालों को मन में दबाकर रखते हैं, जिससे बाद में समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में वो पैरेंट्स को सलाह देती हैं कि बच्चों को खुलकर पूछने के लिए मोटिवेट करें। जितना जल्दी बच्चा अपना डाउट क्लियर करेगा, उतना आसान उसकी आगे की तैयारी होगी। यह आदत उसे पढ़ाई में तेज और आत्मविश्वासी बनाती है।
परिणाम की चिंता छोड़कर तैयारी पर भरोसा
कोच कहती हैं कि रिजल्ट की चिंता करने से बच्चा पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाता। पेरेंट्स को यह बात बच्चों में भरोसे के साथ समझनी चाहिए कि उन्होंने जो पढ़ा है, वह काफी है। जब बच्चा परिणाम की जगह अपनी मेहनत पर भरोसा करना सीखता है, तो उसका प्रदर्शन नेचुरली बेहतर हो जाता है।
प्रेशर कम होने पर ही पढ़ाई में मन लगता है
पढ़ाई तभी सही तरीके से होती है जब बच्चा मानसिक दबाव में ना हो। पैरेंट्स को चाहिए कि घर का माहौल हल्का रखें और बच्चों को यह महसूस कराएं कि आपका प्यार और भरोसा उनके साथ है। जब बच्चा बिना डर और तनाव के बैठता है, तो उसकी याद रखने की क्षमता बढ़ती है और पढ़ाई आसान लगने लगती है।

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




