
साइकॉलोजिस्ट ने बताई बच्चों के बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह, जो ज्यादातर मां-बाप कर रहे हैं!
Parenting Tips: क्या आपको पता है कि किसी बच्चे के बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह क्या है? हैरानी की बात है कि ज्यादातर पैरेंट्स अंजाने में वो गलती दोहरा रहे हैं, जिसका बच्चे के बिहेवियर पर काफी नेगेटिव असर हो रहा है।
परिवार में बच्चे हमेशा वही सीखते हैं, जो वे रोज अपने आस-पास देखते हैं। उनका व्यवहार, उनकी आदतें और उनका स्वभाव, सब कुछ घर के माहौल से जुड़ा होता है। कई बार पैरेंट्स यह समझ ही नहीं पाते कि उनकी छोटी-छोटी बातों का भी बच्चे के मन पर कितना बड़ा असर पड़ रहा है। धीरे-धीरे बच्चा ऐसा बिहेवियर अपनाने लगता है, जो आगे चलकर परेशानी बन सकता है। ऐसे बच्चे अक्सर अपनी मनमानी करती हैं, नियमों को हल्के में लेने लगता है, और घर में किसी की बात को सीरियस नहीं लेते। चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट डॉ माला वोहरा खन्ना के मुताबिक बच्चों में यह बदलाव अचानक नहीं आता, इसके पीछे एक बड़ी वजह होती है, जो अक्सर घर के अंदर ही जन्म लेती है। चलिए डिटेल में समझते हैं।
आपसी तालमेल की कमी का असर
डॉ माला कहती हैं कि जब मां-बाप के बीच में आपसी तालमेल नहीं होता है, उनके बीच लड़ाइयां ज्यादा होती है, तो इसका असर बच्चों पर बहुत ज्यादा पड़ता है। जब मां-बाप के बीच में लड़ाई ज्यादा होती है, तो ऐसे बच्चों के बिगड़ने के चांस बढ़ जाते हैं। इसकी खास वजह यह होती है कि बच्चा मां-बाप के बीच की कमजोरियों को पकड़ लेता है। अगर मां पढ़ाई के लिए कहती है और बच्चा पढ़ना नहीं चाहता, तो वह तुरंत पिता को मना लेता है कि बाहर घूमने चलें। दूसरी ओर, अगर रात में पापा जल्दी सोने को कहते हैं, तो बच्चा मां से कह देता है कि थोड़ी देर टीवी देख लेते हैं।
घर के माहौल का पड़ता है असर
थेरेपिस्ट के मुताबिक जब मां-बाप एक-दूसरे के साथ खड़े नहीं होते, हर बात पर लड़ते झगड़ते रहते हैं, तो बच्चा ये समझ जाता है कि घर में कोई भी फैसला स्थिर नहीं है। उसे ऐसा लगने लगता है कि वो अपनी मर्जी से घर के हर नियम बदलवा सकता है। इस वजह से बच्चे में अनुशासन की कमी आने लगती है और वह धीरे-धीरे बिगड़ने लगता है। कुल मिलाकर ये सकते है कि माता-पिता के बीच समझ का ना होना, विचारों का ना मिलना और रोज-रोज की लड़ाई बच्चे के मन पर गहरा असर डालती है।
बच्चों के लिए एकजुटता क्यों जरूरी है
डॉ माला वोहरा का कहना है कि बच्चे हमेशा वही सीखते हैं जो वे घर में देखते हैं। जब वे देखते हैं कि मां-बाप एक टीम की तरह कोई फैसला लेते हैं, तो वे भी नियमों का सम्मान करना सीखते हैं। लेकिन जब मां- बाप दोनों अलग-अलग बातें करते हैं, तो बच्चा भ्रमित हो जाता है और इसका फायदा उठाना सीख लेता है। इसलिए बच्चे की परवरिश में सबसे जरूरी बात यह है कि मां-बाप के बीच आपसी समझ और प्यार मजबूत रहे। यही चीज बच्चे को सही दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है।

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




