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भूलकर भी बच्चों से नहीं कहनी चाहिए ये 5 बातें, टूटकर बिखर सकता है उसका कॉन्फिडेंस

Parenting Mistakes Which Shakes Child Confidence: एक्सपर्ट्स के अनुसार पेरेंट्स को कुछ बातें बच्चों से बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। ऐसी बातों का सीधा असर बच्चों पर मानसिक रूप से पड़ता है, जिसकी वजह से उनका आत्मविश्वास धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है।

Parenting Mistakes
Manju Mamgain लाइव हिन्दुस्तानWed, 29 May 2024 03:57 PM
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Parenting Mistakes Which Shakes Child Confidence: हर अभिभावक अपने बच्चे को जीवन में सफलता की सीढ़ी चढ़ते हुए देखना चाहता है। बच्चों को एक अच्छी परवरिश देना कोई आसान काम नहीं है। बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं जिन्हें बहुत लाड प्यार और कई बार डांट से भी समझाने की जरूरत पड़ती है। लेकिन आजकल के पेरेंट्स अपने बच्चों को पालते हुए बहुत ज्यादा पैंपरिंग करते हैं, जिससे वो बड़े होकर जरूरत से ज्यादा सेंसिटिव बन जाते हैं । ऐसे में अपने बच्चे की परवरिश करते समय हर माता-पिता को कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। एक्सपर्ट्स के अनुसार पेरेंट्स को कुछ बातें बच्चों से बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। ऐसी बातों का सीधा असर बच्चों पर मानसिक रूप से पड़ता है, जिसकी वजह से उनका आत्मविश्वास धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है।

भूलकर भी बच्चों से ना कहें ये 5 बातें-

'काश तुम अपने भाई या बहन की तरह होते'-

हर बच्चा अलग होता है और उसकी अपनी अलग खासियत होती है। बावजूद इसके ज्यादातर माता-पिता यह गलती करते हैं। दूसरे बच्चे के साथ अपने बच्चे की तुलना करने से आप उसका आत्मविश्वास धीरे-धीरे कमजोर बना रहे होते हैं। अपने एक बच्चे की तुलना दूसरे बच्चे से करके आप उसके मन में अपने ही भाई-बहन के प्रति प्रतिद्वंद्विता की भावना बढ़ा रहे होते हैं। जर्नल ऑफ फैमिली साइकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि भाई-बहनों की तुलना प्रतिद्वंद्विता, आत्म-सम्मान में कमी और भाई-बहनों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को जन्म दे सकती है।

गुस्‍से से कहना, 'रोना बंद करो'-

जर्नल 'इमोशन' में प्रकाशित एक शोध से पता चलता है कि बच्चे की भावनाओं को नजरअंदाज करने से उन्हें गलत महसूस हो सकता है। ऐसा करने की जगह आप उनकी भावनाओं को स्वीकारते हुए उसे अपनी भावनाओं को समझने में मदद करें। इसके लिए आप उसे गुस्से में रोना बंद करने के लिए कहने की जगह यह कह सकते हैं कि क्या तुम मुझसे शेयर करना चाहोगे कि तुम इतने परेशान क्यों हो। ऐसा करने से बच्चे को खुद को व्यक्त करने और इमोशंस को हैंडल करना आएगा।

जबरदस्‍ती सॉरी बुलवाना-

अगर आप भी अपने बच्चे को गलती करने पर जबरदस्ती माफी मांगने के लिए कहते हैं तो यह गलत है। ऐसा करने से बच्‍चे के अंदर सहानुभूति की भावना कम हो सकती है। बच्चे से माफी मंगवाने से पहले उसे यह समझाएं कि उसने जो किया वो गलत क्यों था।

मेरा बच्चा परफेक्‍ट है-

पेरेंट्स के लिए अपने बच्चों की तारीफ करना या उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी काम है। लेकिन उन्हें हमेशा यह कहना कि वो परफेक्‍ट हैं, बच्‍चे को अपनी गलतियों से सीखने से रोक सकता है।

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